VPN ऐप्स दे रही हैं धोखा! प्राइवेसी की बजाय लीक हो रहा है डेटा, नई रिसर्च में हुआ खुलासा
VPN Apps Risk: एक रिसर्च में सामने आया है कि गूगल प्ले स्टोर पर लिस्टेड करीब 280 VPN ऐप्स यूजर को फुल प्राइवेसी नहीं दे पा रही हैं. इनमें से कई ऐप्स एनक्रिप्टेड टनल से डेटा लीक कर रही हैं.

- फ्री VPN यूज़र की ऑनलाइन एक्टिविटी को ट्रैक करते हैं।
VPN Apps Risk: अगर आप फ्री VPN ऐप्स यूज करते हैं तो हो सकता है कि यह आपको धोखा दे रही हो. यूनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन, यूनिवर्सिटी और न्यू मेक्सिको और IIT दिल्ली की एक रिसर्च में पता चला है कि गूगल प्ले स्टोर पर लिस्टेड कई पॉपुलर फ्री VPN ऐप्स अपने यूजर्स को प्राइवेसी नहीं दे पा रही हैं. जिन ऐप्स को रिसर्च में शामिल किया गया, उन्हें कुल 2.4 बिलियन बार डाउनलोड किया जा चुका है. यानी दुनियाभर में अरबों लोगों ने जिन ऐप्स को अपना इंटरनेट ट्रैफिक प्राइवेट रखने के लिए डाउनलोड किया था, वो ठीक से अपना काम नहीं कर रही हैं. बल्कि यह भी खतरा जताया जा रहा है कि इन ऐप्स से यूजर का डेटा लीक हो रहा है.
सबसे पहले VPN के बारे में जानें
VPN यानी वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क एक ऐसी तकनीक है जो आपके इंटरनेट कनेक्शन को सुरक्षित बनाती है. VPN आपके डिवाइस के IP एड्रेस को छिपा देता है, जिससे सर्विस प्रोवाइडर और वेबसाइट आदि के लिए आपको पहचानना मुश्किल हो जाता है. इसके लिए यह आपके डिवाइस और इंटरनेट के बीच एक Encrypted Tunnel तैयार करता है. इसी टनल में आपकी सारी इंटरनेट एक्टिविटी ऑपरेट होती हैं. हालांकि, सब ऐप्स में एक जैसी प्रोटेक्शन मिलना मुश्किल है.
ऐप्स में मिलीं ये खामियां
रिसर्चर ने अपनी स्टडी में गूगल प्ले स्टोर पर अवेलेबल 281 सबसे पॉपुलर VPN ऐप्स को शामिल किया. इनमें उन्हें कई सिक्योरिटी खामियां मिलीं. 29 ऐप्स ऐसी थीं, जो यूजर ट्रैफिक को एनक्रिप्टेड टनल से लीक कर रही थी. यानी ये ऐप्स इस जानकारी को प्राइवेट नहीं कर पा रही थीं कि यूजर किस वेबसाइट पर विजिट कर रहा है. 61 ऐप्स ने प्लेन टेक्स्ट में डेटा ट्रांसमिट किया, जिसे नेटवर्क मॉनिटर कर रहा कोई भी व्यक्ति पढ़ सकता है. अगर एनक्रिप्टेड टनल से डेटा लीक हो रहा है तो यह बहुत खतरे वाली बात है. प्लेन टेक्स्ट के कारण इसे वाईफाई ऑपरेटर समेत कोई भी पढ़ सकता है और इससे साइबर अटैक का खतरा भी बढ़ जाता है.
VPN यूज करते समय इन बातों का रखें ध्यान
- फ्री VPN सर्विस आपसे फुल प्रोटेक्शन का वादा करती है, लेकिन इस पर भरोसा न करें. फ्री सर्विसेस आपकी ऑनलाइन एक्टिविटी को ट्रैक कर सकती हैं.
- VPN से आप इंटरनेट पर इनविजिबल नहीं हो सकते. यानी VPN यूज करने के बाद भी वेबसाइट अपनी कूकीज के जरिए आपको ट्रैक कर सकती है. आपने जिस अकाउंट से लॉग-इन किया है, उसकी एक्टिविटी भी हाइड नहीं होती.
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