वोडाफोन के ग्रहाकों के लिए बेहद जरूरी खबर, कंपनी के CEO ने दिया बड़ा बयान
निक रीड ने कहा कि कई सारे गैर असहयोगी रेग्युलेशन और बहुत ज्यादा टैक्स की वजह से वित्तीय तौर पर हम पर बहुत बड़ा बोझ है. बता दें कि पिछले महीने सुप्रीम कोर्ट से वोडाफोन-आइडिया और एयरटेल को बड़ा झटका लगा था.

नई दिल्ली: भारत की दूसरी सबसे बड़ी टेलिक़म कंपनी वोडाफोन-आइडिया भारत में अपना ऑपरेशन बंद कर सकती है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक वोडाफोन ग्रुप के सीईओ ने निक रीड ने कहा कि भारत सरकार ने ऑपरेटरों पर लगने वाली स्पेट्रम फीस में कटौती नहीं की तो कंपनी भारत में अपना कारोबार बंद कर सकती है. उन्होंने कहा कि भारत में कंपनी का भविष्य अधर में दिखाई दे रहा है.
बता दें कि पिछले महीने सुप्रीम कोर्ट से वोडाफोन-आइडिया और एयरटेल को बड़ा झटका लगा था. कोर्ट ने दोनों कंपनियों को 92 हजार करोड़ केंद्र सरकार को चुकाने का आदेश दिया था. कोर्ट ने यह फैसला सुनाते हुए टेलीकॉम कंपनियों की सभी दलीलों को खारिज कर दिया था. कोर्ट ने कहा था कि टेलीकॉम कंपनियों को पूरी राशि ब्याज के साथ विभाग को अदा करनी होगी. टेलिकॉम कंपनियों और दूरसंचार विभाग के बीच यह विवाद लंबे समय से चल रहा था.
सीईओ ने निक रीड ने कहा हमारे लिए लंबे समय से स्थिति चुनौतिपूर्ण बनी हुई है, इसके बावजूद वोडाफोन-आइडिया के पास 30 करोड़ कस्टूमर हैं जो मार्केट का 30 प्रतिशत है. बता दें कि वोडापोन आदित्य बिरला ग्रुप के आइडिया टेलिकॉम को 2018 में अधिग्रहित किया था. निक रीड ने कहा कि कई सारे गैर असहयोगी रेग्युलेशन और बहुत ज्यादा टैक्स की वजह से वित्तीय तौर पर हम पर बहुत बड़ा बोझ है. इन सबसे ऊपर सुप्रीम कोर्ट में भी हमारे अनुकूल फैसला नहीं आया.'
निक रीड ने वोडाफोन-आइडिया के मार्केट से बाहर निकलने की खबर को अफवाह बताया. उन्होंने कहा कि हमें पता है कि कुछ मीडिया संस्थान आधारहीन खबरें और अफवाहें चला रहे हैं. इन रिपोर्ट्स के मुताबिक हमने मार्केट से बाहर निकलने का फैसला किया है, हम साफ करना चाहते हैं कि इस तरह की खबरें अफवाह हैं. इसके साथ ही वोडाफोन ने सरकार से राहत पैकेज की मांग की है.
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Source: IOCL

























