एक्सप्लोरर

QR कोड की जादुई कहानी! कैसे एक छोटी से चीज ने दुनिया में मचाया धमाल

QR Code: डिजिटल दुनिया में क्यूआर कोड काफी आम हो चुका है. डिजिटल पेमेंट से लेकर किसी प्रोडक्ट की जानकारी तक, लगभग अब सभी जानकारी क्यूआर कोड के जरिए प्राप्त हो जाती है.

QR Code: डिजिटल दुनिया में क्यूआर कोड काफी आम हो चुका है. डिजिटल पेमेंट से लेकर किसी प्रोडक्ट की जानकारी तक, लगभग अब सभी जानकारी क्यूआर कोड के जरिए प्राप्त हो जाती है. खासतौर पर कोरोना महामारी के बाद से, यह ब्लैक एंड व्हाइट स्क्वायर कोड हर जगह दिखाई देने लगा है. पेमेंट ऐप्स, नारियल पानी के ठेले से लेकर बड़े-बड़े बिलबोर्ड्स तक इनका इस्तेमाल हो रहा है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इस कोड की शुरुआत कैसे हुई?

QR Code की कहानी

दरअसल, क्यूआर कोड कहानी की जड़ें जापान में हैं. साल 1994 में, जब Denso Wave (टोयोटा की एक सहायक कंपनी) के इंजीनियर मासाहिरो हारा ने QR कोड बनाने का आइडिया सोचा. हारा, जो ऑटोमोबाइल निर्माण से जुड़े थे, दफ्तर में 'गो' नामक पारंपरिक रणनीति खेल खेल रहे थे, जब उन्होंने काले और सफेद पत्थरों के मिक्चर को देखा. यह नज़ारा उनके दिमाग में एक नई सिस्टम की प्रेरणा बन गई जिससे "Quick Response Code" यानी QR कोड का जन्म हुआ.

बारकोड के पहले का दौर

1949 में, जोसेफ वुडलैंड और बर्नार्ड सिल्वर ने पहली बार बारकोड तकनीक का पेटेंट कराया था जिसमें संख्याओं को दर्शाने के लिए रेखाओं के जोड़े इस्तेमाल किए जाते थे. हालांकि शुरुआती डिजाइन में रेखाओं की जगह सर्कल्स का उपयोग होता था. कई वर्षों तक कंपनियां इस तकनीक को अपनाने में हिचकती रहीं. लेकिन 1960 के दशक में, थियोडोर माइमन ने पहला लेज़र बनाया जिससे बारकोड को स्कैन करना आसान हो गया.

1970 के दशक तक, अमेरिका के ग्रॉसरी स्टोर्स को कर्मचारियों की बढ़ती लागत और इन्वेंटरी मैनेजमेंट की समस्याओं से जूझना पड़ा. इन्हें हल करने के लिए एक नई यूनिवर्सल प्रोडक्ट कोड (UPC) सिस्टम बनाया गया जिसे IBM ने डिज़ाइन किया. पहली बार 1974 में ओहायो के एक स्टोर में इस बारकोड का इस्तेमाल हुआ.

QR कोड का अविष्कार

हारा ने एक नया 2D कोड विकसित किया जो स्क्वायर शेप में था और हजारों कैरेक्टर्स स्टोर कर सकता था. लेकिन शुरुआती प्रयासों में जब इस स्क्वायर कोड को अन्य टेक्स्ट के साथ प्रिंट किया जाता तो स्कैनर उसे पहचानने में विफल हो जाते थे. एक दिन, सबवे से यात्रा करते समय, हारा ने आसमान में गगनचुंबी इमारतों को देखा जो स्पष्ट रूप से अलग दिखती थीं. इससे उन्हें आइडिया आया QR कोड के तीन कोनों में छोटे स्क्वेयर ब्लॉक्स जोड़े जाएं ताकि स्कैनर उन्हें तुरंत पहचान सकें. इस तकनीक से QR कोड न केवल किसी भी एंगल से स्कैन होने लगा बल्कि आंशिक रूप से खराब होने के बावजूद भी डेटा पढ़ा जा सकता था.

QR कोड की दूसरी पारी

2012 तक कुछ लोगों ने यह मान लिया था कि QR कोड की उपयोगिता खत्म हो गई है. लेकिन चीन में स्मार्टफोन क्रांति ने इसे नई जिंदगी दी. मोबाइल पेमेंट, डिस्काउंट कूपन, और सेवाओं के एक्सेस के लिए QR कोड का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल शुरू हो गया. WeChat जैसे ऐप्स ने QR कोड को एक नए मुकाम पर पहुंचाया. भारत में भी महामारी के दौरान QR कोड का उपयोग तेजी से बढ़ा. दुकानदारों और ग्राहकों ने डिजिटल लेनदेन के लिए इसे अपनाया जिससे मोबाइल से स्कैन कर भुगतान करना बेहद आसान हो गया.

यह भी पढ़ें:

इंसानी सर्जनों की छुट्टी तय! Elon Musk ने किया सनसनीखेज खुलासा

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

अब WhatsApp पर नंबर बताए बिना भी कर सकेंगे चैट! आया नया Username फीचर
अब WhatsApp पर नंबर बताए बिना भी कर सकेंगे चैट! आया नया Username फीचर
क्या आपका बच्चा भी दिनभर देखता है Reels? हो सकता है ये बड़ा खतरा, रिपोर्ट में हो गया खुलासा
क्या आपका बच्चा भी दिनभर देखता है Reels? हो सकता है ये बड़ा खतरा, रिपोर्ट में हो गया खुलासा
Tech Tips: घंटों गेम खेलने पर भी फोन नहीं होगा गर्म! 99% लोगों को आज भी नहीं पता ये तरीका
Tech Tips: घंटों गेम खेलने पर भी फोन नहीं होगा गर्म! 99% लोगों को आज भी नहीं पता ये तरीका
अब Space से आएगी बिजली! धरती तक Solar Power पहुंचाने की टेक्नोलॉजी कर देगी हैरान
अब Space से आएगी बिजली! धरती तक Solar Power पहुंचाने की टेक्नोलॉजी कर देगी हैरान

वीडियोज

लॉरेन्स का खूनी प्लान...टारगेट पर सलमान ?
Panna Diamond Mine| Labourer Found Diamond: रातों-रात करोड़पति बना मजदूर!
Climate Change | Global Weather Update | Janhit: मौसम की मार या प्रलय की आहट?
Weather Update | Bharat ki Baat | अलनीनो का आफत काल,मॉनसून का मायाजाल | Latest News | Breaking News
Bharat Ki Baat : चढ़ावा चोरी से UP चुनाव में किसको होगा घाटा? | Ram Mandir Theft | Pratima Mishra

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
खिड़कियां खोलकर रखें. सीलिंग फैन..गर्मी से बेहाल ब्रिटेन में सरकार ने AC हटाने को क्यों कहा है?
खिड़कियां खोलकर रखें. सीलिंग फैन..गर्मी से बेहाल ब्रिटेन में सरकार ने AC हटाने को क्यों कहा है?
महाराष्ट्र TET पेपर लीक केस में बड़ा अपडेट, बिहार के इस जिले से निकला मास्टरमाइंड का कनेक्शन
महाराष्ट्र TET पेपर लीक केस में बड़ा अपडेट, बिहार के इस जिले से निकला मास्टरमाइंड का कनेक्शन
कोलंबो की भारत-पाकिस्तान सीक्रेट मीटिंग में क्या हुआ? विदेश मंत्रालय ने दिया ये हैरान करने वाला जवाब
कोलंबो की भारत-पाकिस्तान सीक्रेट मीटिंग में क्या हुआ? विदेश मंत्रालय ने दिया ये हैरान करने वाला जवाब
128 साल बाद ओलंपिक में क्रिकेट की वापसी, IOC ने क्वालिफिकेशन के लिए बनाया खास प्लान; भारत को मिली जगह 
128 साल बाद ओलंपिक में क्रिकेट की वापसी, IOC ने क्वालिफिकेशन के लिए बनाया खास प्लान
'मैं डर गई थी...', अक्षय खन्ना को थप्पड़ मारने वाले सीन में कांप उठे थे दीया मिर्जा के हाथ, खुद बताया किस्सा
'मैं डर गई थी...', अक्षय खन्ना को थप्पड़ मारने वाले सीन में कांप उठे थे दीया मिर्जा के हाथ, खुद बताया किस्सा
खामेनेई की अंतिम सलामी: भारत की ओर से शामिल होंगे बिहार के राज्यपाल और विदेश राज्यमंत्री
खामेनेई की अंतिम सलामी: भारत की ओर से शामिल होंगे बिहार के राज्यपाल और विदेश राज्यमंत्री
असमः ढेमाजी-जोनाई में बाढ़ से भारी तबाही, रेलवे पुल क्षतिग्रस्त, नदी में चार बहे, शाह ने लिया जायजा
असमः ढेमाजी-जोनाई में बाढ़ से भारी तबाही, रेलवे पुल क्षतिग्रस्त, नदी में चार बहे, शाह ने लिया जायजा
महाराष्ट्र सरकार ने जारी किया नया नियम, 1 से 10 तक के सभी स्कूलों में मराठी पढ़ना होगा जरुरी
महाराष्ट्र सरकार ने जारी किया नया नियम, 1 से 10 तक के सभी स्कूलों में मराठी पढ़ना होगा जरुरी
Embed widget