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स्क्रीन देखते-देखते थक जाती हैं आंखें? फोन में तुरंत बदलें ये सेटिंग्स

Phone Screen Setting: दिन में कई घंटों तक स्क्रीन देखने से आंखों पर काफी दबाव पड़ता है. इससे सिरदर्द और नजर कमजोर होने जैसी दिक्कतें हो सकती हैं. इसलिए फोन की सेटिंग में कुछ बदलाव करने चाहिए.

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  • लगातार फोन देखने से आंखों पर दबाव, सेटिंग्स करें ठीक।
  • अंधेरे में ब्राइटनेस कम, ब्लू लाइट फिल्टर ऑन रखें।
  • डार्क मोड और स्क्रीन दूरी से आंखों को राहत मिलेगी।

Phone Screen Setting: कुछ लोगों को काम के कारण दिन में कई घंटों तक फोन की स्क्रीन को देखना पड़ता है. कुछ लोग आदत से भी मजबूर होते हैं और दिन में 6-10 घंटों तक फोन से चिपके रहते हैं. लगातार स्क्रीन देखने के कारण आंखों पर दबाव पड़ता है. अगर यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहे तो इससे सिरदर्द और नजर कमजोर होने जैसी दिक्कतें हो सकती हैं. इसलिए आज हम आपको फोन में छिपी कुछ ऐसे स्क्रीन सेटिंग्स के बारे में बताने जा रहे हैं, जो आपकी आंखों के लिए फायदेमंद हो सकती हैं. 

अंधेरे में कम कर लें स्क्रीन ब्राइटनेस

तेज धूप में फोन यूज करने के लिए फुल स्क्रीन ब्राइटनेस की जरूरत पड़ती है, लेकिन अगर आप अंधेरे में फोन यूज कर रहे हैं तो आपको यह सेटिंग बदलनी चाहिए. अंधेरे में अगर आप स्क्रीन ब्राइटनेस को कम करते हैं तो इससे आंखों पर दबाव नहीं पड़ेगा. मॉडर्न फोन में आपको ऑटो-ब्राइटनेस का भी फीचर मिल जाता है, जो आपके आसपास की लाइट के हिसाब से ब्राइटनेस को ऑटोमैटिक एडजस्ट कर देता है. इसलिए इस फीचर को इनेबल ही रखें.

सोने से पहले ब्लू लाइट फिल्टर कर लें ऑन

सूरज की किरणों में लगभग 25 प्रतिशत तक ब्लू लाइट होती है. यह लाइट एनर्जेटिक बनाती है और दिनभर आपको अलर्ट रखती है. आपके फोन की स्क्रीन से भी ब्लू लाइट निकलती है. यह सनलाइन वाली लाइट के बराबर पारवफुल नहीं होती, लेकिन आपकी नींद में खलल डाल सकती है. दरअसल, ब्लू लाइट दिखने पर दिमाग से नींद वाला मेलाटोनिन हार्मोन रिलीज नहीं होता. इसलिए अगर आप सोते समय फोन यूज कर रहे हैं तो ब्लू लाइट फिल्टर ऑन कर लें. इससे ब्लू लाइट फिल्टर हो जाएगी और आपका दिमाग नींद वाला हार्मोन रिलीज हो सकेगा.

डार्क मोड भी करेगा मदद

अगर आप अंधेरे में फोन चला रहे हैं तो डार्क मोड को ऑन करना न भूलें. यह टेक्स्ट को व्हाइट और बैकग्राउंड को ब्लैक कर देता है. इससे ग्लेयर कम होता है और आंखों पर दबाव नहीं पड़ता. डार्क मोड का एक और फायदा भी है. यह बैटरी की खपत भी कम करता है. 

स्क्रीन अलर्ट डिस्टेंस 

एकदम नजदीक से फोन देखना आंखों के लेंस के लिए खतरनाक हो सकता है. बच्चों में इससे मायोपिया होने का खतरा रहता है और आंखों पर भी दबाव पड़ता है. इसलिए फोन को आंखों से जितना हो सके, उतना दूर रखना चाहिए. इस काम के लिए आईफोन में स्क्रीन डिस्टेंस नाम से फीचर मिलता है. अगर आप आंखों से 12 इंच से कम दूरी पर फोन रख रहे हैं तो यह फीचर आपको अलर्ट कर देगा. 

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इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन से पढ़ाई पूरी करने के बाद पिछले एक दशक से मीडिया इंडस्ट्री में सक्रिय हूं. फिलहाल एबीपी न्यूज के साथ काम कर रहा हूं और यहां टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरों, गैजेट्स, ऐप्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सोशल मीडिया और डिजिटल ट्रेंड्स पर लिख रहा हूं. फ्यूचर टेक, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस और तेजी से बदलती डिजिटल दुनिया से जुड़े टॉपिक्स में विशेष रुचि है. पिछले 10 वर्षों में नेशनल, पॉलिटिक्स, इंटरनेशनल, ऑटो, बिजनेस और टेक समेत कई बीट्स पर काम करने का अनुभव रहा है. इस दौरान टाइम्स इंटरनेट, दैनिक जागरण और न्यूजबाइट्स जैसे कई मीडिया संस्थानों में काम करने का अवसर मिला. 

विभिन्न बीट्स पर काम करने के अनुभव ने खबरों को अलग-अलग नजरिए से समझने और पेश करने की समझ दी. रिपोर्टिंग और कंटेंट लिखने के दौरान हमेशा कोशिश रही कि खबरों को आसान और भरोसेमंद तरीके से रीडर तक पहुंचाया जाए. 2019 के लोकसभा चुनावों के दौरान ग्राउंड रिपोर्टिंग करने और कई नेताओं के इंटरव्यू लेने का भी अवसर मिला. 

काम के सिलसिले में कई बड़े कार्यक्रमों, प्रेस कॉन्फ्रेंस और विशेष आयोजनों को कवर करने का मौका मिला, जहां अलग-अलग पहलुओं को समझने का अवसर मिला. डिजिटल मीडिया के लगातार बदलते दौर में नई चीजें सीखने और खुद को अपडेट रखने की कोशिश रहती है, ताकि कंटेंट को बेहतर और रीडर के समझने के लिए आसान बनाया जा सके.

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