एक्सप्लोरर

Meta 29 States Lawsuit: Meta पर 29 राज्यों में मुकदमा, Instagram-Facebook में क्या बदलेगा?

Instagram और Facebook के addictive design को लेकर Meta पर 29 अमेरिकी राज्यों का मुकदमा शुरू हो गया है. जानें केस, संभावित पेनल्टी और यूजर्स पर असर.

आप रोज Instagram चलाते हैं? Meta के खिलाफ इस केस का आप पर भी असर पड़ सकता है. दरअसल, अमेरिका के 29 राज्यों ने Meta के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. आरोप है कि प्लेटफॉर्म का डिजाइन यूजर्स को ज्यादा से ज्यादा देर तक स्क्रीन पर रोके रखने के लिए बनाया गया. मामला कोर्ट पहुंच चुका है और Meta पर भारी जुर्माने से लेकर Instagram-Facebook में बड़े बदलाव तक की नौबत आ सकती है.

अमेरिका के 29 राज्यों ने उठाए सवाल

बच्चों को बचाने का दावा करने वाले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अब अमेरिका के 29 राज्यों ने ही सवाल खड़े कर दिए हैं. आरोप गंभीर हैं - Instagram और Facebook को इस तरह डिजाइन किया गया कि बच्चे और युवा ज्यादा देर तक इनसे जुड़े रहें.  अब मामला कोर्ट पहुंच चुका है और अगर आरोप साबित हुए तो Meta को भारी जुर्माने के साथ अपने प्लेटफॉर्म में बड़े बदलाव करने पड़ सकते हैं.

मेटा पर क्या हैं आरोप?

अमेरिका में 29 राज्यों का एक समूह Meta पर आरोप लगा रहा है कि कंपनी के Instagram और Facebook प्लेटफॉर्म बच्चों और युवाओं के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं. राज्यों का कहना है कि इन प्लेटफॉर्म्स को इस तरह डिजाइन किया गया है कि बच्चे और युवा ज्यादा से ज्यादा समय तक इनका इस्तेमाल करते रहें.

मामला अब कोर्ट में पहुंच चुका है और इसकी सुनवाई शुरू हो रही है. चार राज्यों—कोलोराडो, केंटकी, कैलिफोर्निया और न्यू जर्सी ने कोर्ट से Meta के खिलाफ कई सख्त कदम उठाने की मांग की है.

राज्यों की क्या है डिमांड?

राज्य चाहते हैं कि Meta बच्चों की सुरक्षा के लिए उम्र से जुड़ी पाबंदियां लगाए. इसके अलावा Instagram और Facebook पर लगातार स्क्रॉल करते रहने जैसी सुविधाओं में बदलाव करने की मांग भी की गई है.

अगर कोर्ट राज्यों की मांग मान लेता है तो Meta को अपने प्लेटफॉर्म में बड़े बदलाव करने पड़ सकते हैं और इन बदलावों का असर पूरे अमेरिका में Instagram और Facebook यूजर्स पर पड़ सकता है.

Meta पर कितने बड़े जुर्माने का खतरा?

मामले में Meta पर बहुत बड़ा जुर्माना लगने की संभावना भी जताई गई है. राज्यों के वकीलों का कहना है कि संभावित जुर्माना 1.4 ट्रिलियन डॉलर तक हो सकता है. हालांकि Meta का कहना है कि राज्यों के आरोप सही नहीं हैं.

कंपनी का कहना है कि वह बच्चों को ऑनलाइन सुरक्षित रखने के लिए पहले से कई कदम उठा रही है. Meta ने यह भी कहा है कि राज्यों के आरोप तथ्यों और कानून के मुताबिक सही नहीं हैं.

मामला शुरू कैसे हुआ?

यह मुकदमा 2023 में दायर किया गया था. इसके पीछे सोशल मीडिया के बच्चों और युवाओं पर पड़ने वाले असर को लेकर लंबे समय से चल रही जांच को आधार बनाया गया है.

इस मामले में Meta के अंदर के दस्तावेज और कंपनी के पूर्व कर्मचारियों की गवाही भी सामने रखी जा सकती है. राज्यों का दावा है कि कंपनी को अपने प्लेटफॉर्म के संभावित नुकसान के बारे में जानकारी थी लेकिन इसके बावजूद उसने बच्चों को आकर्षित करने वाले फीचर्स जारी रखे.

Zuckerberg भी दे सकते हैं गवाही

इस मुकदमे की सबसे बड़ी बात यह है कि Meta के संस्थापक और CEO Mark Zuckerberg के भी गवाही देने की उम्मीद है. Instagram के प्रमुख Adam Mosseri भी इस मामले में गवाही दे सकते हैं यानी यह सिर्फ एक सामान्य कानूनी मामला नहीं है. इसका सीधा असर दुनिया के सबसे बड़े सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स में शामिल Instagram और Facebook की नीतियों पर पड़ सकता है

मामला सिर्फ Meta तक सीमित नहीं

सोशल मीडिया कंपनियों पर बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर दुनियाभर में दबाव बढ़ रहा है. Meta के अलावा TikTok, YouTube और दूसरी बड़ी टेक कंपनियों को भी इसी तरह के सवालों का सामना करना पड़ रहा है.

अब इस मामले में कोर्ट का फैसला अहम होगा. अगर राज्यों के आरोप साबित होते हैं तो Meta को भारी जुर्माने के साथ-साथ Instagram और Facebook के डिजाइन और बच्चों के लिए बनाए गए फीचर्स में भी बड़े बदलाव करने पड़ सकते हैं.

ये भी पढ़ें: iPhone यूजर्स के डेटा पर Apple को झटका, इस देश में बदलेगा नियम

About the author वरुण भसीन

वरुण भसीन एबीपी न्यूज़ में प्रिंसिपल कॉरेस्पॉन्डेंट हैं. पिछले 9 साल से पत्रकारिता कर रहे हैं. वे एयरलाइंस, रेलवे और सड़क-परिवहन से जुड़ी खबरें कवर करते हैं. इससे पहले वे कई संस्थानों में काम कर चुके हैं. वरुण न्यूज जगत से जुड़ी डॉक्यूमेंट्री फिल्में भी बनाते आए हैं. वरुण ने MBM यूनिविर्सिटी जोधपुर से पढ़ाई की है. संपर्क करने के लिए मेल आईडी है- varunb@abpnetwork.com

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

किस तरह के ऐप्स ज्यादा डाउनलोड कर रहे लोग? चौंका देंगी ये डिटेल्स
किस तरह के ऐप्स ज्यादा डाउनलोड कर रहे लोग? चौंका देंगी ये डिटेल्स
केबल लगाने से कहीं ज्यादा काम करता है Type-C पोर्ट, जानें कैसे
केबल लगाने से कहीं ज्यादा काम करता है Type-C पोर्ट, जानें कैसे
दुनिया के साथ 6G की रेस में भारत, Jio ने जताई शुरुआती रोलआउट की उम्मीद
दुनिया के साथ 6G की रेस में भारत, Jio ने जताई शुरुआती रोलआउट की उम्मीद
महंगी चिप्स का iPhone 18 Pro पर असर, Apple ने 15% घटाए ऑर्डर
महंगी चिप्स का iPhone 18 Pro पर असर, Apple ने 15% घटाए ऑर्डर
Advertisement

वीडियोज

CJP का 'चलो दिल्ली' मार्च...पूरी तरह फ्लॉप!
फसल तबाह...कौन देगा सहारा? महाराष्ट्र से राजस्थान...परेशान किसान
'वोट चोरी' पर सियासत...हल है हिरासत!
सख्ती का असर...'जंतर-मंतर 2.0' बेअसर!
SIR पर लड़ाई...मीर जाफर तक कैसे आई? बड़ा विश्लेषण
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
मणिपुर में फिर भड़की हिंसा, 5 की मौत; 10 घर-20 दुकानों को किया आग के हवाले
मणिपुर में फिर भड़की हिंसा, 5 की मौत; 10 घर-20 दुकानों को किया आग के हवाले
जंतर-मंतर का प्रोटेस्ट सफल रहा? प्रशांत किशोर का बड़ा बयान
जंतर-मंतर का प्रोटेस्ट सफल रहा? प्रशांत किशोर का बड़ा बयान
रणजी ट्रॉफी में कुल कितनी टीमें हिस्सा लेती हैं? इस बार क्या है नया; जानें A टू Z डिटेल्स
रणजी ट्रॉफी में कुल कितनी टीमें हिस्सा लेती हैं? इस बार क्या है नया; जानें A टू Z डिटेल्स
'एक बार तो जेल जाना है...', मुंबई प्रोटेस्ट में एक्टर इमरान खान हुए डिटेन, साथ में दिखीं गर्लफ्रेंड
'एक बार तो जेल जाना है...', मुंबई प्रोटेस्ट में एक्टर इमरान खान हुए डिटेन, साथ में दिखीं गर्लफ्रेंड
CJP का चौंकाने वाला दावा, '10 घंटे हो गए, कहां हैं अभिजीत दीपके?'
CJP का चौंकाने वाला दावा, '10 घंटे हो गए, कहां हैं अभिजीत दीपके?'
'संदेह नहीं सबूत', चुनाव आयोग के बचाव में उतरे 124 नौकरशाह, लिखा ओपन लेटर
'संदेह नहीं सबूत', चुनाव आयोग के बचाव में उतरे 124 नौकरशाह, लिखा ओपन लेटर
धमाके से दहला सऊदी का रियाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट, दो दिन पहले अटैक में 3 की हुई थी मौत
धमाके से दहला सऊदी का रियाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट, दो दिन पहले अटैक में 3 की हुई थी मौत
दुनिया के टॉप 25 बिजनेस स्कूल में भारत के 4 संस्थान, इन कॉलेजों ने बनाई जगह
दुनिया के टॉप 25 बिजनेस स्कूल में भारत के 4 संस्थान, इन कॉलेजों ने बनाई जगह
Embed widget