Laptop Battery Health: Laptop दिनभर चार्जिंग पर लगाकर काम करना सही है या नहीं, क्या इससे खराब हो जाती है बैटरी?
Laptop Battery Health: दिनभर चार्जिंग पर लैपटॉप चलाने से तुरंत नुकसान नहीं होता, लेकिन लगातार गर्मी और बैटरी को हमेशा 100% चार्ज रखने की आदत लंबे समय में उसकी क्षमता और बैकअप को प्रभावित कर सकती है.

Laptop Battery Health: अक्सर ज्यादातर लोग लैपटॉप को चार्जिंग में लगाकर अपना काम करते रहते हैं और उन्हें ध्यान भी नहीं रहता. लोग अपना लैपटॉप चार्जिंग में लगा लेते हैं और पूरे दिन लैपटॉप चार्जिंग में लगाकर काम करते रहते हैं. घर पर हो या ऑफिस में, चार्जर प्लग इन ही रहता है और काम चलता रहता है. लेकिन एक सवाल जो बहुत लोगों के मन में आता है कि क्या इस तरह लैपटॉप को दिनभर चार्जिंग में लगाए रखने से बैटरी खराब हो जाती है? लोगों के मन में बैटरी के फट जाने या लैपटॉप के खराब होने का डर भी बना रहता है. ऐसे में हर किसी को इसकी जानकारी नहीं होती कि आखिर लैपटॉप में बैटरी किस तरह की होती है?
चार्जिंग नहीं, बल्कि गर्मी बैटरी की सबसे बड़ी दुश्मन है
सबसे अच्छी बात तो यह है कि आजकल के लैपटॉप में एक बिल्ट-इन सिस्टम होता है, जो बैटरी के 100% होने के बाद उसे और ज्यादा चार्ज होने से रोक देता है. जैसे ही बैटरी 100% होती है, लैपटॉप सीधे एडॉप्टर से चलने लगता है और चार्जिंग अपने आप रुक जाती है. इसलिए यह डर बिल्कुल गलत है कि चार्जर लगाए रखकर काम करने से बैटरी फट जाएगी या फिर जल्दी ही खराब हो जाएगी. लेकिन असली समस्या कहीं और है और वह है गर्मी.
जब लोग लैपटॉप को लंबे समय तक चार्ज में लगाकर रखते हैं और साथ में भारी काम करते हैं, जैसे कि वीडियो एडिटिंग, गेमिंग या अन्य किसी ऐप का प्रयोग, तो लैपटॉप बहुत गर्म हो जाता है. यही गर्मी लिथियम बैटरी की सबसे बड़ी दुश्मन होती है और इससे बैटरी की क्षमता धीरे-धीरे कम होने लगती है. बैटरी खराब होने का यही सबसे बड़ा कारण बन जाता है.
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हमेशा 100% चार्ज रखना क्यों नहीं माना जाता सही?
दूसरी बड़ी समस्या यह भी है कि हमेशा बैटरी को 100% रखना भी लैपटॉप के लिए सही नहीं माना जाता है. लिथियम बैटरियों के लिए सबसे सही और स्वस्थ बैटरी रेंज 20% से 80% के बीच मानी जाती है. जब बैटरी लगातार 100% बनी रहती है और उसकी बैटरी कम नहीं होने दी जाती, तो उस पर एक लगातार दबाव बना रहता है, जिसे हाई वोल्टेज स्ट्रेस कहते हैं. इससे बैटरी के अंदर मौजूद केमिकल सेल्स धीरे-धीरे कमजोर होने लगते हैं.
यही एक कारण बन जाता है, जिससे बैटरी बैकअप 2 से 3 साल में ही कम हो जाता है. इसीलिए Dell, Lenovo, HP और ASUS जैसी कंपनियां अपने लैपटॉप में Battery Conservation Mode का विकल्प देती हैं. इसे ऑन करने पर लैपटॉप बैटरी को 60% या 80% तक ही चार्ज होने देता है और आगे नहीं बढ़ने देता, जिससे बैटरी सही रेंज पर रहती है और उसका बैकअप भी लंबे समय तक स्थिर बना रहता है.
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