एक्सप्लोरर

2008 से आज तक कितना बदल गया Android? जानिए पहले किन फीचर्स से हुई थी शुरूआत

2008 में Android की शुरुआत बेहद साधारण फीचर्स से हुई थी. आइए जानते हैं तब से आज तक Google के मोबाइल OS में कितने बड़े बदलाव हुए और कैसे बदला इसका सफर.

आज Android दुनिया के सबसे फेमश मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम में शामिल है. स्मार्टफोन की स्क्रीन से लेकर ऐप्स, कैमरा, AI और सिक्योरिटी तक, Android ने पिछले करीब दो दशकों में जबरदस्त बदलाव देखने को मिला है. लेकिन क्या आपको पता है कि 2008 में Android कैसा था? आज के चमकदार और फीचर-पैक Android के मुकाबले शुरुआती Android में काफी कम चीजें यूजर्स को मिलती थीं.

2008 में हुई थी Android की शुरुआत

जानकारी के मुताबिक, Android का पहला कमर्शियल वर्जन Android 1.0 साल 2008 में आया था. उस समय स्मार्टफोन का एक्सपीरिएंस आज की तरह टच बेस्ड नहीं था. Android का इंटरफेस काफी नॉर्मल था और इसमें आज मिलने वाले कई एडवांस फीचर्स मौजूद नहीं थे.

उस दौर के Android फोन में फिजिकल बटन और कई डिवाइस में स्लाइडिंग कीबोर्ड देखने को मिलता था. स्क्रीन भी आज के स्मार्टफोन के मुकाबले में छोटी होती थी.

शुरुआती Android का इंटरफेस था काफी सिंपल

आपको बता दें कि 2008 के Android में होम स्क्रीन पर कुछ बेसिक आइकन और विजेट दिखाई देते थे. ऐप्स तक पहुंचने के लिए इंटरफेस आज की तरह तेज और एडवांस बिलकुल नहीं था. डिजाइन में ग्रे, ब्लैक और ग्रीन जैसे रंगों का इस्तेमाल काफी देखने को मिलता था.

उस समय Android का मेन फोकस एक ऐसा मोबाइल प्लेटफॉर्म तैयार करना था जिस पर अलग-अलग कंपनियां अपने स्मार्टफोन बना सकें. इसलिए शुरुआती सिस्टम में आज जैसी डिजाइन पॉलिश देखने को नहीं मिलती थी.

तब नहीं था आज जैसा ऐप और AI का जमाना

दरअसल, आज Android स्मार्टफोन में लाखों ऐप्स, AI फीचर्स, एडवांस कैमरा टूल्स, स्मार्ट असिस्टेंट, मल्टीटास्किंग और क्लाउड इंटीग्रेशन जैसे फीचर्स मिल जाते हैं. लेकिन 2008 में Android का एक्सपीरिएंस काफी अलग था.

आज जहां आप फोन से वीडियो एडिटिंग, ऑनलाइन पेमेंट, गेमिंग, लाइव स्ट्रीमिंग और AI से काम कर सकते हैं, वहीं शुरुआती Android फोन सिर्फ कॉल, मैसेज, वेब ब्राउजिंग, ईमेल और कुछ बेसिक ऐप्स के लिए इस्तेमाल होते थे.

यह भी पढ़ें: क्या होता है Android System Intelligence? जानें बंद करने पर फोन में क्या होता है

डिजाइन में आया सबसे बड़ा बदलाव

समय के साथ Google ने Android के डिजाइन को कई बार बदला. पुराने Android के भारी और नॉर्मल इंटरफेस से लेकर Material Design और फिर एडवांस Android के साफ-सुथरे विजुअल्स तक का सफर काफी बड़ा रहा है.

आज Android में एनिमेशन, डायनेमिक थीम, बेहतर आइकन, जेस्चर नेविगेशन और बड़ी हाई-रिफ्रेश-रेट स्क्रीन के हिसाब से डिजाइन किया गया इंटरफेस मिलता है.

हार्डवेयर ने भी बदली Android की दुनिया

Android का डेवलपमेंट सिर्फ सॉफ्टवेयर तक सीमित नहीं रहा है. 2008 के फोन में लिमिटेड प्रोसेसिंग पावर और स्टोरेज हुआ करती थी. आज के Android स्मार्टफोन में कई गुना तेज प्रोसेसर, बड़ी RAM, हाई-रेजोल्यूशन डिस्प्ले और मल्टी-कैमरा सिस्टम मिलते हैं. यही वजह है कि आज Android फोन कंप्यूटर जैसे कई काम आसानी से कर सकते हैं.

यह भी पढ़ें:

जन्माष्टमी गिफ्टिंग गाइड: Samsung Galaxy Z Fold8 और vivo S2 – विवरण, कीमत और त्योहार पर खास EMI ऑफर

स्मार्टफोन, गैजेट्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सिक्योरिटी और इंटरनेट टेक्नोलॉजी की दुनिया में मेरा इंटरेस्ट काफी ज्यादा है. मैं यानी हिमांशु तिवारी, ABP LIVE में टेक और डिजिटल सेक्शन का हिस्सा हूं. मैं नई टेक्नोलॉजी को आसान और दिलचस्प अंदाज में पाठकों तक पहुंचाने का काम करता हूं. स्मार्टफोन लॉन्च, वायरल टेक ट्रेंड्स, AI अपडेट्स, सोशल मीडिया फीचर्स और साइबर फ्रॉड जैसे विषयों पर मेरी पकड़ मजबूत है.

टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरों को सिर्फ जानकारी तक सीमित नहीं रखता, बल्कि उन्हें आम लोगों की जरूरत और रोजमर्रा की जिंदगी से जोड़कर पेश करता हूं. खासतौर पर ऐसी खबरों पर काम करना पसंद करता हूं, जो लोगों के डिजिटल एक्सपीरियंस को सीधे प्रभावित करती हैं.

इसके अलावा मुझे नई टेक्नोलॉजी एक्सप्लोर करना, स्मार्टफोन फीचर्स को समझना और डिजिटल ट्रेंड्स पर रिसर्च करना पसंद है. मैं आसान भाषा और आकर्षक अंदाज में लिखने के लिए जाना जाता हूं, जिससे कठिन टेक्निकल बातें भी पाठकों के लिए समझना आसान हो जाती हैं. मैंने परास्नातक माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से उत्तीर्ण की है.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

Apple के Tracking Rules पर उठे सवाल, 2.7 अरब डॉलर का केस
Apple के Tracking Rules पर उठे सवाल, 2.7 अरब डॉलर का केस
USB Port का हर रंग देता है खास संकेत, ऐसे पहचानें टेक्नोलॉजी
USB Port का हर रंग देता है खास संकेत, ऐसे पहचानें टेक्नोलॉजी
अब WhatsApp से भरें बिजली-पानी का Bill, नया फीचर लॉन्च
अब WhatsApp से भरें बिजली-पानी का Bill, नया फीचर लॉन्च
Canva को टक्कर देने आया Google Pics, ऐसे करेगा काम
Canva को टक्कर देने आया Google Pics, ऐसे करेगा काम
Advertisement

वीडियोज

Sansani: पापा की ठग परियों का 'जबरा गैंग' ! Crime News
Janhit With Chitra Tripathi: Aniruddhacharya के बिगड़े बोल.. दिया हिंदू- मु्स्लिम पर ज्ञान !
Tamilnadu Road Accident: टर्न लेते वक्त हादसा, चार बहनों का आखिरी सफर! Viral Video
Nishu Azad Controversy: निशु का आरोपी गिरफ्तार..अब होगी 'स्वतंत्र' जांच!।Janhit With Chitra Tripathi
Nishu Azad Controversy: जहां लगनी थी हत्या की धारा.. वहां 73 दिन बाद कार्रवाई पर उठ रहे सवाल !
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
क्यों चूक रहा US का निशाना? ईरान में घरों पर कैसे गिरे बम, पूरी स्टोरी
क्यों चूक रहा US का निशाना? ईरान में घरों पर कैसे गिरे बम, पूरी स्टोरी
पटना समेत बिहार के 18 जिलों में बाढ़, 6.65 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित
पटना समेत बिहार के 18 जिलों में बाढ़, 6.65 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित
'गंभीर के फेवरेट प्लेयर वापस आ गए...', पूर्व क्रिकेटर ने भारतीय कोच पर कसा तंज
'गंभीर के फेवरेट प्लेयर वापस आ गए', पूर्व क्रिकेटर ने भारतीय कोच पर कसा तंज
82 करोड़ कमा चुकी 'हनुमान अंश' को OTT प्लेटफॉ़र्म ने कर दिया था रिजेक्ट, डायरेक्टर का खुलासा
'हनुमान अंश' को ओटीटी प्लेटफॉ़र्म ने कर दिया था रिजेक्ट, डायरेक्टर का खुलासा
आमिर खान को धमकी से लेकर लॉरेंस बिश्नोई तक, मुंबई पुलिस का बड़ा खुलासा
आमिर खान को धमकी से लेकर लॉरेंस बिश्नोई तक, मुंबई पुलिस का बड़ा खुलासा
‘शुद्धिकरण’ विवाद के बीच हल्द्वानी जाएंगे नितिन नवीन, चुनाव से BJP का क्या है प्लान?
‘शुद्धिकरण’ विवाद के बीच हल्द्वानी जाएंगे नितिन नवीन, चुनाव से BJP का क्या है प्लान?
Kitchen Tips: तड़का लगाते ही जल जाते हैं मसाले? शेफ से जानें ये 1 सीक्रेट
तड़का लगाते ही जल जाते हैं मसाले? शेफ से जानें ये 1 सीक्रेट
पत्नी या वोडाफोन का पिल्ला... मद्रास हाईकोर्ट के इस फैसले से यूजर्स क्यों खफा?
पत्नी या वोडाफोन का पिल्ला... मद्रास हाईकोर्ट के इस फैसले से यूजर्स क्यों खफा?
Embed widget