ऑनलाइन पेमेंट किया, लेकिन सामान कभी डिलीवर ही नहीं हुआ! तेजी से बढ़ रहे हैं साइबर फ्रॉड के तरीके, जानें कैसे रहें सुरक्षित
Online Scam: सोशल मीडिया वीडियोज भी लोगों को ठगने का जरिया बन चुका है.

- विश्वसनीय वेबसाइटों से खरीदारी और कैश ऑन डिलीवरी विकल्प सुरक्षित रहता है।
Online Scam: देश में साइबर अपराध के मामले काफी तेजी से बढ़ रहे हैं. जैस-जैसे टेक्नोलॉजी विकसित हो रही है वैसे ही ठग भी लोगों को अपना शिकार बनाने के लिए नए तरीकों का इजात कर रहे हैं. इसी कड़ी में आज हम आपको एक नए ऑनलाइन स्कैम के बारे में बताने जा रहे हैं जिसकी मदद से साइबर ठग लोगों को अपना शिकार बनाते हैं.
दरअसल, आज के समय में लोग ऑनलाइन शॉपिंग में ज्यादा इंट्रेस्ट रखते हैं. कुछ भी मंगवाना हो तो लोग आज अपने स्मार्टफोन की मदद से ऑनलाइन ऑर्डर कर देते हैं. अब इसी का फायदा उठाकर ठग आपको अपना शिकार बनाते हैं.
सोशल मीडिया के जरिए लोगों से ठगी
इतना ही नहीं, सोशल मीडिया वीडियोज भी लोगों को ठगने का जरिया बन चुका है. कई बार वीडियो में दावा किया जाता है प्रोडक्ट बहुत सस्ता है और उसे देखकर लोग प्रोडक्ट ऑर्डर कर देते हैं जो उनके घर तक कभी पहुंचता ही नहीं है.
डिलीवरी के नाम पर लाखों की ठगी
सिर्फ सामान न भेजना ही नहीं बल्कि अब ठग डिलीवरी प्रोसेस का भी गलत फायदा उठा रहे हैं. दरअसल, इस स्कैम में यूजर इंस्टाग्राम या सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर दिखाए गए विज्ञापन के जरिए कुछ ऑर्डर करता है और उसके बाद व्हाट्सऐप मैसेज आता है कि उनका पार्सल भेजने से पहले एड्रेस वेरिफिकेशन के लिए 1,299 रुपये जमा करने होंगे जो बाद में वापस कर दिए जाएंगे. इसके बाद लोग पेमेंट करत देते हैं और ऐसे करके लोगों से कई हजार या कई बार लाखों की ठगी भी कर दी जाती है.
सस्ते ऑफर बन रहे चारा
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, अक्सर लोग सस्ते ऑफर के चक्कर में सामान ऑर्डर तो कर देते हैं लेकिन इससे उन्हें साइबर फ्रॉड का सामना करना पड़ जाता है. जी हां, दरअसल, आज के युवाओं में इंस्टाग्राम रील्स को लेकर काफी उत्साह देखा जाता है. ऐसे में रील्स के दौरान लोगों के ऐसे बेहतरीन ऑफर दिखाए जाते हैं जिनसे लोग उस लिंक पर क्लिक कर देते हैं और बाद में साइबर ठगी का शिकार बनते हैं.
बता दें कि ऐसे लिंक पर भूलकर भी क्लिक नहीं करना चाहिए. हमेशा ऑनलाइन शॉपिंग आधिकारी वेबसाइट या फिर वेरिफाईड ऐप के जरिए ही करना उचित माना जाता है.
ठग हुए पहले से स्मार्ट
साइबर एक्सपर्ट्स का मानना है कि पहले साइबर अपराध आज केवल नकली वेबसाइट या फर्जी पेमेंट तक सीमित थी. लेकिन अब फ्रॉड करने वाले ई-कॉमर्स सिस्टम की कमियों का फायदा उठा रहे हैं. आज कई मामलों में डिलीवरी एजेंट OTP का गलता इस्तेमाल करते हैं तो कहीं लोगों के अकाउंट में जानकारी बदल दी जाती है. इसी से समझ आता है कि आज साइबर अपराधी भी पहले से कहीं स्मार्ट तरीकों से लोगों को ठगने का काम कर रहे हैं.
ऑनलाइन ठगी से कैसे बचें
ऑनलाइन ठगी से बचने के लिए आपको कुछ जरुरी चीजों का ध्यान रखना चाहिए.
- हमेशा भरोसेमंद ई-कॉमर्स वेबसाइट या ब्रांड की आधिकारिक साइट से खरीदारी करें.
- सोशल मीडिया पर बहुत सस्ते ऑफर देखकर तुरंत भरोसा न करें.
- सेलर की रेटिंग, रिव्यू, रिटर्न पॉलिसी और कॉन्टेक्ट डिटेल्स जरूर जांचें.
- ज्यादातर कैश ऑन डिलीवरी का ऑप्शन चुनना उचित रहता है.
- खरीदारी का पूरा रिकॉर्ड तब तक सुरक्षित रखें जब तक सामान सही तरीके से मिल न जाए.
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