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Coding Apps For Kids: यूट्यूब पर फालतू कार्टून छुड़वाने वाले 5 सीक्रेट ऐप, जो खेल-खेल में सिखा देंगे कोडिंग और साइंस

कई ऐसे एप्स भी मौजूद हैं जो बच्चों को खेल-खेल में कोडिंग की बुनियादी समझ दे सकते हैं. खास बात यह है कि इनमें पढ़ाई किसी क्लास रूम की तरह नहीं, बल्कि गेम और इंटरएक्टिव एक्टिविटी के जरिए कराई जाती है.

Coding Apps For Kids: आज के समय में बच्चे मोबाइल, टैबलेट, स्मार्ट टीवी और वीडियो गेम्स के बीच बड़े हो रहे हैं. ज्यादातर पेरेंट्स की यही चिंता रहती है कि बच्चे घंटों तक यूट्यूब पर कार्टून वाले वीडियो देखते रहते हैं, जिससे उनका स्क्रीन टाइम तो बढ़ता है, लेकिन सीखने को बहुत कम मिलता है. ऐसे में कई ऐसे एप्स भी मौजूद हैं जो बच्चों को खेल-खेल में कोडिंग, लॉजिकल थिंकिंग और टेक्नोलॉजी की बुनियादी समझ दे सकते हैं. खास बात यह है कि इनमें पढ़ाई किसी क्लास रूम की तरह नहीं, बल्कि गेम, पहेलियां और इंटरएक्टिव एक्टिविटी के जरिए कराई जाती है. तो चलिए आज हम आपको बताते हैं कि यूट्यूब पर बच्चों के फालतू कार्टून छुड़वाने वाले पांच सीक्रेट ऐप कौन से हैं, जो खेल-खेल में बच्चों को कोडिंग और साइंस सिखा देंगे. 

Kodable

कोडिंग सीखने की शुरुआत करने वाले बच्चों के लिए Kodable को सबसे पॉपुलर ऐप्स में गिना जाता है. यह एक पहेलियां, भूल भुलैया और गेम्स के जरिए बच्चों को प्रोग्रामिंग के शुरुआती कांसेप्ट को समझाता है. विजुअल तरीके से सीखने की वजह से छोटे बच्चों के लिए इसे समझना आसान होता है और इसमें कोड की कठिन लाइनों की बजाय ग्राफिकल ऑब्जेक्ट का इस्तेमाल किया जाता है. 

CodeSpark

8 से 9 साल की उम्र के बच्चों के लिए CodeSpark एक अच्छा ऑप्शन माना जाता है. इसमें The loops नाम के किरदारों के जरिए बच्चों को अलग-अलग टास्क पूरे करने होते हैं. इन एक्टिविटी के दौरान बच्चे लॉजिकल थिंकिंग और प्रॉब्लम सॉल्विंग स्किल्स विकसित करते हैं खास बात यह है कि पढ़ना न जानने वाले बच्चे भी इसका इस्तेमाल कर सकते हैं, क्योंकि इसका डिजाइन बहुत हद तक शब्दों पर निर्भर नहीं करता है. 

ScratchJr 

अगर बच्चा सिर्फ गेम खेलने के बजाय खुद गेम सीखना चाहता है, तो स्क्रैच जेआर उसके लिए उपयोगी हो सकता है. 5 से 7 साल के बच्चों के लिए तैयार यह ऐप  एनीमेशन, इंटरैक्टिव स्टोरी और छोटे गेम बनाने का मौका देता है. इससे बच्चों की क्रिएटिविटी बढ़ती है और वह क्रमबद्ध तरीके से सोचने की आदत विकसित करते हैं. 

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Tynker

Tynker बच्चों को विजुअल कोड ब्लॉक्स के जरिए प्रोग्रामिंग सीखाता है. जैसे-जैसे उनकी समझ बढ़ती है वह जावा स्क्रिप्ट, स्विफ्ट और पाइथन जैसी भाषाओं की ओर आगे बढ़ सकते हैं. इसमें गेम और पजल्स के साथ-साथ ऐसे कोर्स भी उपलब्ध हैं जो बच्चों को अपने ऐप और गेम बनाने की दिशा में प्रेरित करते हैं. 

LightBot

LightBot शुरुआती बच्चों के लिए एक आसान और मजेदार कोडिंग ऐप है. इसमें बच्चे इजी कमांड्स की मदद से एक रोबोट को अलग-अलग काम करवाते हैं. खेल-खेल में बच्चे loops, conditionals और sequencing जैसी प्रोग्रामिंग की महत्वपूर्ण अवधारणाओं से को भी समझ पाते हैं.

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कविता गाडरी बीते कुछ साल से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता की दुनिया से जुड़ी हुई है. राजस्थान के जयपुर से ताल्लुक रखने वाली कविता ने अपनी पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय भोपाल से न्यू मीडिया टेक्नोलॉजी में मास्टर्स और अपेक्स यूनिवर्सिटी जयपुर से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में की है. 
पत्रकारिता में अपना सफर उन्होंने राजस्थान पत्रिका से शुरू किया जहां उन्होंने नेशनल एडिशन और सप्लीमेंट्स जैसे करियर की उड़ान और शी न्यूज के लिए बाय लाइन स्टोरी लिखी. इसी दौरान उन्हें हेलो डॉक्टर शो पर काम करने का मौका मिला. जिसने उन्हें न्यूज़ प्रोडक्शन के लिए नए अनुभव दिए. 

इसके बाद उन्होंने एबीपी नेटवर्क नोएडा का रुख किया. यहां बतौर कंटेंट राइटर उन्होंने लाइफस्टाइल, करंट अफेयर्स और ट्रेडिंग विषयों पर स्टोरीज लिखी. साथ ही वह कंटेंट मैनेजमेंट सिस्टम और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी लगातार सक्रिय रही. कविता गाडरी हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में दक्ष हैं. न्यूज़ राइटिंग रिसर्च बेस्ड स्टोरीटेलिंग और मल्टीमीडिया कंटेंट क्रिएशन उनकी खासियत है. वर्तमान में वह एबीपी लाइव से जुड़ी है जहां विभिन्न विषयों पर ऐसी स्‍टोरीज लिखती है जो पाठकों को नई जानकारी देती है और उनके रोजमर्रा के जीवन से सीधे जुड़ती है.

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