क्या प्ले स्टोर पर कोई भी अपलोड कर सकता है कैसा भी ऐप, जानें क्या हैं नियम?
गूगल प्ले स्टोर पर कोई भी व्यक्ति कैसा भी ऐप अपलोड नहीं कर सकता है. दरअसल गूगल प्ले स्टोर पर ऐप पब्लिश करने के लिए कई नियमों और शर्तों का पालन करना जरूरी होता है.

आज के समय में करोड़ों लोग अपने स्मार्टफोन में ऐप डाउनलोड करने के लिए प्ले स्टोर का इस्तेमाल करते हैं. ऐप डेवलपर्स के लिए भी प्ले स्टोर सबसे बड़ा प्लेटफार्म माना जाता है. वहीं प्ले स्टोर के नियमों को लेकर भी अक्सर सवाल उठते आए हैं कि क्या कोई भी व्यक्ति प्ले स्टोर पर अपनी मर्जी का कोई भी ऐप अपलोड कर सकता है, तो ऐसे में चलिए आज हम आपको बताते हैं कि क्या प्ले स्टोर पर कोई भी, कैसा भी ऐप अपलोड कर सकता है और इसे लेकर गूगल के नियम क्या कहते हैं.
क्या प्ले स्टोर पर कोई भी अपलोड कर सकता है ऐप?
गूगल प्ले स्टोर पर कोई भी व्यक्ति कैसा भी ऐप अपलोड नहीं कर सकता है. दरअसल गूगल प्ले स्टोर पर ऐप पब्लिश करने के लिए कई नियमों और शर्तों का पालन करना जरूरी होता है. अगर कोई ऐप इन नियमों पर खरा नहीं उतरता है, तो गूगल उसे पब्लिश करने से इनकार भी कर सकता है. गूगल प्ले स्टोर पर ऐप अपलोड करने के लिए सबसे पहले गूगल प्ले डेवलपर अकाउंट बनाना पड़ता है. इसके लिए एक बार रजिस्ट्रेशन फीस देनी होती है. अकाउंट बनने के बाद डेवलपर प्ले कंसोल के जरिए अपना नया ऐप बन सकता है, उसकी जानकारी भर सकता है और ऐप को समीक्षा के लिए भेज सकता है.
प्ले स्टोर पर ऐप अपलोड करने से पहले करनी होती है तैयारी
ऐप को प्ले स्टोर पर भेजने से पहले डेवलपर को उसे पूरी तरह तैयार करना होता है. ऐप को रिलीज की से साइन करना जरूरी होता है. इसके अलावा अलग-अलग डिवाइस और स्क्रीन साइज पर सेटिंग टेस्टिंग, ऐप के साइज को ऑप्टिमाइज करना और गूगल की सभी नीतियों का पालन करना भी जरूरी होता है. ऐप डेवलपर को ऐप की प्राइवेसी पॉलिसी तैयार करनी होती है और उसे ऑनलाइन अपलोड करना पड़ता है. साथ ही ऐप आईकॉन, स्क्रीनशॉट और फीचर्स ग्राफिक जैसी जरूरी फाइलें भी अपलोड करनी होती है.
प्ले स्टोर लिस्टिंग में देनी होती है पूरी जानकारी
गूगल ऐप पब्लिश करने से पहले उसकी पूरी जानकारी मांगता है, जिसमें ऐप का नाम, शॉर्ट डिस्क्रिप्शन डिटेल, ऐप की कैटेगरी, सपोर्ट ईमेल वेबसाइट और प्राइवेसी पॉलिसी का लिंक भी शामिल होता है. इसके अलावा डेवलपर फीचर ग्राफिक और अलग-अलग डिवाइस के स्क्रीनशॉट भी अपलोड करने होते हैं, ताकि यूजर्स ऐप डाउनलोड करने से पहले उसके बारे में सही जानकारी प्राप्त कर सके.
कंटेंट रेटिंग और डेटा सेफ्टी होती है जरूरी
गूगल प्ले स्टोर पर ऐप अपलोड करने से पहले हर ऐप के लिए कंटेंट रेटिंग भरना अनिवार्य है. इसके जरिए तय किया जाता है कि ऐप सभी उम्र के लोगों के लिए उपयुक्त है या नहीं. अगर डेवलपर गलत जानकारी देता है या यह सेक्शन खाली छोड़ देता है, तो ऐप को हटाया जा सकता है. इस तरह से डेटा सेफ्टी सेक्शन में भी यह बताना होता है कि यह ऐप कौन-कौन सा डेटा इकट्ठा करता है, उसका इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जाता है और क्या वह किसी तीसरे पक्ष के साथ शेयर किया जाता है.
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कौन से ऐप एक्सेप्ट करता है गूगल प्ले स्टोर?
गूगल प्ले स्टोर पर वहीं ऐप एक्सेप्ट किए जाते हैं, जो उसकी नीतियों का पालन करते हो. ऐप में किस तरह का मालवेयर, धोखाधड़ी, फर्जी पिक्चर या यूजर्स को गुमराह करने वाली जानकारी नहीं होनी चाहिए. अगर ऐप कैमरा, माइक्रोफोन, लोकेशन या कांटेक्ट जैसी परमिशन मांगता है, तो इसके पीछे कारण होना चाहिए. साथ ही डेवलपर को यह भी बताना होता है कि उस डेटा का उपयोग कैसे किया जाएगा. वहीं अगर कोई डेवलपर गूगल प्ले स्टोर पर ऐसे ऐप अपलोड करने की कोशिश करता है, जो प्राइवेसी पॉलिसी के लिए डेटा सेफ्टी के लिए खतरा हो तो वह उसे रिजेक्ट कर सकता है. इसके अलावा गूगल प्ले स्टोर कॉपीराइट वाले कंटेंट के ऐप को भी रिजेक्ट कर देता है.
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