AI का सबसे ज्यादा इस्तेमाल करने वाले ही सबसे ज्यादा डरे हुए! नई स्टडी में चौंकाने वाला खुलासा
Artificial Intelligence: करियर की शुरुआत कर रहे युवाओं में यह डर और भी गहरा है. लगभग हर पांच में से एक व्यक्ति ने माना कि AI की वजह से भविष्य में नौकरी पर असर पड़ सकता है.

- AI का अधिक उपयोग करने वाले अधिक असुरक्षित महसूस करते हैं।
- उच्च AI उपयोग वाले क्षेत्रों में नौकरी खोने का डर ज़्यादा।
- AI काम आसान बनाता है, पर भविष्य को लेकर चिंता।
- सभी आय वर्ग AI से लाभान्वित, अवसर और ख़तरे साथ।
Artificial Intelligence: Anthropic की एक नई स्टडी में सामने आया है कि जो लोग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का सबसे ज्यादा इस्तेमाल कर रहे हैं वही अपनी नौकरी को लेकर सबसे ज्यादा असुरक्षित भी महसूस कर रहे हैं. यह शोध कंपनी के चैटबॉट Claude के करीब 81,000 यूजर्स के सर्वे पर आधारित है जिसमें यह समझने की कोशिश की गई कि AI के बढ़ते प्रभाव से कर्मचारियों की सोच और काम करने का तरीका कैसे बदल रहा है.
ज्यादा AI, ज्यादा नौकरी का डर
रिपोर्ट के मुताबिक, जिन नौकरियों में AI का इस्तेमाल ज्यादा हो रहा है वहां काम करने वाले लोगों में नौकरी जाने का डर भी ज्यादा देखा गया. खासतौर पर सॉफ्टवेयर से जुड़े पेशों में काम करने वाले लोग, टीचिंग जैसे कम AI-आधारित क्षेत्रों की तुलना में अधिक चिंतित नजर आए.
करियर की शुरुआत कर रहे युवाओं में यह डर और भी गहरा है. लगभग हर पांच में से एक व्यक्ति ने माना कि AI की वजह से भविष्य में नौकरी पर असर पड़ सकता है. वहीं, जिन लोगों के काम में AI का दखल सबसे ज्यादा है वे बाकी लोगों के मुकाबले तीन गुना ज्यादा नौकरी खोने की चिंता जताते हैं.
काम आसान, लेकिन मन में असमंजस
दिलचस्प बात यह है कि चिंता के बावजूद कई लोग मानते हैं कि AI ने उनके काम को पहले से ज्यादा आसान बना दिया है. उत्पादकता के पैमाने पर ज्यादातर यूजर्स ने खुद को बेहतर महसूस किया. कई लोगों ने बताया कि जो काम पहले महीनों में होता था अब कुछ ही दिनों में पूरा हो रहा है. वहीं कुछ का कहना है कि घंटों का काम अब आधे समय में निपट जाता है. हालांकि, थोड़े से यूजर्स ऐसे भी हैं जिन्हें AI से खास फायदा महसूस नहीं हुआ.
हर वर्ग को मिल रहा फायदा
इस बदलाव का असर सिर्फ एक वर्ग तक सीमित नहीं है. ज्यादा सैलरी पाने वाले और कम आय वाले दोनों तरह के कर्मचारियों ने AI से फायदा मिलने की बात कही है. कस्टमर सर्विस से जुड़े लोग बताते हैं कि AI की मदद से जवाब देने में समय बच रहा है जबकि फ्रीलांसर और गिग वर्कर्स का कहना है कि इससे उन्हें छोटे-छोटे बिजनेस शुरू करने में मदद मिल रही है, जैसे ऑनलाइन स्टोर या सर्विसेस.
अवसर या खतरा?
AI का बढ़ता दायरा एक तरफ काम को तेज और आसान बना रहा है तो दूसरी तरफ लोगों के मन में असुरक्षा भी पैदा कर रहा है. यही वजह है कि अब यह सवाल उठने लगा है कि आने वाले समय में AI नौकरी के लिए खतरा बनेगा या नए अवसर पैदा करेगा. आखिरकार, इसका असर इस बात पर निर्भर करेगा कि लोग और सरकारें इस तकनीक का इस्तेमाल किस तरह करती हैं क्योंकि सही दिशा में इस्तेमाल किया जाए तो AI भविष्य को बेहतर भी बना सकता है.
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Source: IOCL



























