जिसका डर था वही हुआ! गलत हाथों में पड़ा AI, बम बनाने में हो रहा इस्तेमाल- रिपोर्ट
AI in Wrong Hands: एक रिपोर्ट में सामने आया है कि एआई चैटबॉट्स अब आतंकी संगठनों के हाथ लग गए हैं. बोको हराम के मेंबर इन चैटबॉट्स से हथियार बनाने और अटैक प्लान करने जैसे काम कर रहे हैं.

- आतंकी संगठन एआई का कर रहे हमलों में इस्तेमाल।
- हथियार बनाने, तकनीकी जानकारी जुटाने में एआई का उपयोग।
- बोको हराम ने सुरक्षा कवच तोड़, संगठित टीम बनाई।
AI in Wrong Hands: AI को लेकर जिस बात का डर जताया जा रहा था, वह सच होती दिख रही है. एक ताजा रिपोर्ट में दावा किया जा रहा है कि एआई अब आतंकी संगठनों के हाथ लग गई है और अब इस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल हमलों की प्लानिंग से लेकर हथियार बनाने तक में किया जा रहा है. न्यूयॉर्क टाइम्स के साथ शेयर किए गए एक रिसर्च पेपर में इस बात के सबूत दिए गए हैं कि बोको हराम के मेंबर एआई चैटबॉट का धड़ल्ले से इस्तेमाल कर रहे हैं. इस संगठन के 27 पूर्व मेंबर के साथ इंटरव्यू में यह बात निकलकर सामने आई है कि चैटजीपीटी, क्लॉड, जेमिनी, ग्रोक और मेटा एआई को हथियार बनाने, टेक्नीकल इंफोर्मेशन जुटाने और हमलों की प्लानिंग में इस्तेमाल किया जा रहा है.
पूरे ऑर्गेनाइज्ड तरीके से हो रहा है एआई का इस्तेमाल
रिपोर्ट में बताया गया है कि एआई का इस्तेमाल सिर्फ आतंकी संगठन के मेंबर्स तक सीमित नहीं है. बोको हराम पूरे संगठित तरीके से इस टेक्नोलॉजी को यूज कर रहा है और उसने इंटरनल ट्रेनिंग के लिए बकायदा टीमें भी बना रखी हैं. इसके कई मेंबर्स ने एआई के बिल्ट-इन सेफ्टी प्रोटेक्शन को बाईपास कर लिया है, जिसके बाद ये चैटबॉट अब हिंसा से जुड़े सवालों के भी जवाब दे रहे हैं.
एआई के गलत हाथों में पड़ने का क्या खतरा?
एक्सपर्ट्स का कहना है कि आतंकी संगठनों के हाथ एआई लगने से बहुत बड़ा बदलाव नहीं आएगा. इन्हें ऑपरेशन के लिए पहले की ही तरह फंडिंग, लॉजिस्टिक और कम्युनिकेशन आदि की जरूरत पड़ेगी, लेकिन एआई से एक चीज बदल जाएगी. एआई के कारण अब कम एक्सपीरियंस वाले लोग भी खतरनाक साबित हो सकते हैं. साथ ही यह मामला इस और भी ध्यान खींचता है कि एआई टूल्स की सेफ्टी के लिए बडे़ स्तर पर सोचने की जरूरत है.
एआई कंपनियों का इस बारे में क्या कहना है?
ओपनएआई ने कहा कि उसके चैटजीपीटी चैटबॉट को आतंकी और हिंसात्मक कामों के लिए इस्तेमाल करना नियमों का उल्लंघन है और वह लगातार इसके मिसयूज को रोकने के लिए काम कर रही है. इसी तरह मेटा ने कहा कि रिपोर्ट में पुराने मॉडल का जिक्र किया गया है. नए मॉडल्स में सेफ्टी को बेहतर किया गया है. हालांकि, कंपनियों की सफाई के बावजूद उन पर लगातार अपने मॉडल्स को मिसयूज से बचाने के लिए जरूरी उपाय करने का दबाव रहेगा. जैसे-जैसे एआई मॉडल्स पावरफुल होते जा रहे हैं, इनके मिसयूज का खतरा भी उसी रफ्तार से बढ़ रहा है.
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