एक्सप्लोरर

TECH EXPLAINED: AI और सोशल मीडिया बना रहे हैं दिमाग को ब्रेन रॉट का शिकार! जानिए कैसे धीरे-धीरे खत्म हो रही है सोचने की ताकत

Brain Rot: पेंसिलवेनिया यूनिवर्सिटी के व्हार्टन स्कूल की प्रोफेसर शिरी मेलुमैड ने एक दिलचस्प प्रयोग किया. उन्होंने 250 लोगों से कहा कि वे किसी दोस्त को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए सलाह लिखें.

Show Quick Read
Key points generated by AI, verified by newsroom
  • एआई सारांश के बजाय गूगल सर्च से मिली बेहतर सलाह.
  • एआई का अधिक उपयोग से बच्चों की याददाश्त कमजोर हो रही है.
  • एआई से लिखने पर छात्र कम मानसिक सक्रियता दिखा रहे हैं.
  • तकनीक के संतुलित उपयोग से ही दिमाग को बढ़ाया जा सकता है.

AI Making Brain Rot: पेंसिलवेनिया यूनिवर्सिटी के व्हार्टन स्कूल की प्रोफेसर शिरी मेलुमैड ने एक दिलचस्प प्रयोग किया. उन्होंने 250 लोगों से कहा कि वे किसी दोस्त को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए सलाह लिखें. कुछ लोगों को पारंपरिक Google सर्च की अनुमति दी गई जबकि कुछ को केवल एआई द्वारा तैयार किए गए सारांशों का इस्तेमाल करने दिया गया.

नतीजा चौंकाने वाला था एआई का इस्तेमाल करने वाले प्रतिभागियों ने बहुत साधारण और उथली सलाह दी जैसे स्वस्थ खाओ, पानी पीते रहो, अच्छी नींद लो. वहीं, पारंपरिक सर्च करने वालों ने गहराई से सोचा और शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य के बीच संतुलन पर फोकस किया. मेलुमैड का कहना था कि “मैं सच कहूं तो डरी हुई हूं. खासकर युवाओं के लिए जो अब पारंपरिक सर्च करना ही नहीं जानते.”

ब्रेन रॉट क्या है?

द न्यूयॉर्क टाइम्म की रिपोर्ट के अनुसार, ब्रेन रॉट शब्द अब डिजिटल युग की सच्चाई बन गया ह यह उस मानसिक स्थिति को दर्शाता है जब व्यक्ति लगातार कम गुणवत्ता वाली ऑनलाइन सामग्री से घिरा रहता है. 2024 में ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस ने Brain Rot को साल का शब्द घोषित किया था. इसका मतलब था कि TikTok और Instagram जैसी ऐप्स ने लोगों को छोटे, बिना सोच-विचार वाले वीडियो की लत लगा दी है जिससे दिमाग धीरे-धीरे सुन्न होता जा रहा है.

पढ़ाई और समझने की क्षमता पर असर

हाल ही में अमेरिका में बच्चों की रीडिंग और समझने की स्किल्स में भारी गिरावट दर्ज की गई. शोधकर्ताओं का मानना है कि इसका सीधा संबंध एआई और सोशल मीडिया के अत्यधिक इस्तेमाल से है. कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी, सैन फ्रांसिस्को के डॉ. जेसन नागाटा द्वारा की गई एक स्टडी में पाया गया कि जो बच्चे रोजाना 3 घंटे से ज्यादा सोशल मीडिया इस्तेमाल करते हैं उनकी मेमोरी, रीडिंग और शब्दावली में स्पष्ट गिरावट आई. हर अतिरिक्त घंटे की स्क्रॉलिंग उन्हें किताबों और नींद से दूर ले जा रही है.

एआई से लिखते वक्त दिमाग काम करना क्यों बंद कर देता है?

MIT की एक रिसर्च में 54 छात्रों को तीन समूहों में बांटा गया एक समूह ने ChatGPT से मदद ली, दूसरे ने Google सर्च, और तीसरे ने बिना किसी तकनीक के खुद लिखा.

नतीजे चौंकाने वाले थे ChatGPT इस्तेमाल करने वालों का ब्रेन एक्टिविटी लेवल सबसे कम था. और जब एक मिनट बाद उनसे पूछा गया कि वे अपने निबंध से कोई वाक्य याद कर सकते हैं या नहीं तो 83% छात्रों को एक भी लाइन याद नहीं थी. दूसरी ओर, जिन्होंने खुद लिखा या Google से खोज की उन्हें अपने लेख के कई हिस्से याद रहे.

MIT की शोधकर्ता नतालिया कोस्माइना का कहना था “अगर आप वो याद ही नहीं रख पा रहे जो आपने लिखा है तो क्या सच में आप उसे समझ भी रहे हैं?”

सोशल मीडिया का साइलेंट डैमेज

पिछले कुछ वर्षों में अमेरिका के कई राज्यों ने स्कूलों में मोबाइल फोन बैन करना शुरू कर दिया है. इसका कारण है कि TikTok और Instagram जैसी ऐप्स छात्रों का ध्यान भटका रही हैं. सोशल मीडिया पर बिताया गया हर घंटा बच्चों को पढ़ने, सोचने और परिवार के साथ समय बिताने से दूर कर रहा है.

क्या है समाधान?

विशेषज्ञों का कहना है कि तकनीक को पूरी तरह छोड़ना समाधान नहीं है बल्कि संतुलित इस्तेमाल ज़रूरी है. बच्चों के लिए स्क्रीन-फ्री ज़ोन तय करें, जैसे बेडरूम और डाइनिंग टेबल. सोशल मीडिया का इस्तेमाल सीमित समय में करें और उसे पढ़ाई या क्रिएटिविटी से जोड़ने की कोशिश करें. एआई का इस्तेमाल सहायक उपकरण के रूप में करें, न कि सोचने की जगह लेने के लिए.

मेलुमैड का कहना है कि एआई ने खोजने और समझने की प्रक्रिया को एक निष्क्रिय आदत में बदल दिया है. इसलिए, बेहतर होगा कि आप पहले खुद सोचें, लिखें और फिर ChatGPT या किसी एआई टूल की मदद से उसे सुधारें ठीक वैसे ही जैसे कोई छात्र पहले गणित का सवाल खुद हल करता है और बाद में कैलकुलेटर से जांचता है.

एआई और सोशल मीडिया हमारे जीवन का अहम हिस्सा हैं लेकिन जब ये हमारी सोचने की क्षमता को कमजोर करने लगें तो यह चेतावनी का संकेत है. अगर हम इन तकनीकों का इस्तेमाल सोच-समझकर करें तो ये हमारे दिमाग को रॉट नहीं बल्कि रिच बना सकती हैं.

यह भी पढ़ें:

क्या ज्यादा पावर वाले चार्जर से चार्ज करने पर खराब हो जाएगी फोन की बैटरी? जानिये जरूरी बातें

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

Electric Toothbrush में क्यों आती है तेज आवाज? ये है टेक्नोलॉजी
Electric Toothbrush में क्यों आती है तेज आवाज? ये है टेक्नोलॉजी
Jio का Mega Anniversary Offer, 3,599 रुपए प्लान में सालभर मिलेंगे इतने फायदे
Jio का Mega Anniversary Offer, 3,599 रुपए प्लान में सालभर मिलेंगे इतने फायदे
GPT-6 vs Claude vs Gemini : Context Window से Price तक, जानें कौन-सा AI बेस्ट?
GPT-6 vs Claude vs Gemini : Context Window से Price तक, जानें कौन-सा AI बेस्ट?
2,666 रुपए की EMI में 12GB RAM वाला फोन, फीचर्स जानकर चौंक जाएंगे!
2,666 रुपए की EMI में 12GB RAM वाला फोन, फीचर्स जानकर चौंक जाएंगे!

वीडियोज

Breaking News | Moti Bagh Building Collapse: मलबा हटाने में जुटी JCB...हादसे से दहली दिल्ली!
Moti Bagh Building Collapse | Sansani: दिल्ली के 'कातिल सिस्टम' का कहर ! | Delhi Hostel
Delhi Building Collapse | Sandeep Chaudhary: दिल्ली हादसे ने खोली लापरवाह सिस्टम की पोल? | BJP
Moti Bagh Building Collapse: कैसे हुआ दिल्ली हादसा? चश्मदीदों ने खोले राज, कंपा देगी सच्चाई!
Breaking News | Moti Bagh Building Collapse: दिल्ली में 'मौत का हॉस्टल'..जिम्मेदार कौन? | Janhit

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
सत्य निकेतन हादसा: मलबों में जिंदगी, 10.30 घंटों से दिल्ली की सांसें थमी, हर हाथ प्रार्थना को उठे
सत्य निकेतन: मलबों में जिंदगी, 10.30 घंटों से सांसें थमी, हर हाथ प्रार्थना को उठे
'7वीं पीढ़ी से पहले हिंदू समाज को संगठित...', जानें क्या बोले मोहन भागवत
'अब RSS हर जगह किया जाता स्वीकार, विरोधी भी करते काम की वैल्यू' - मोहन भागवत
ईशान किशन के शतक पर गर्लफ्रेंड अदिति की प्रतिक्रिया वायरल, 3 शब्दों से लूटी महफिल
ईशान किशन के शतक पर गर्लफ्रेंड अदिति की प्रतिक्रिया वायरल, 3 शब्दों से लूटी महफिल
Bigg Boss 20 में 16 कंटेस्टेंट्स की एंट्री, हुआ पहला एविक्शन! प्रियंका चोपड़ा की घरवालों को चेतावनी
Bigg Boss 20 में 16 कंटेस्टेंट्स की एंट्री, हुआ पहला एविक्शन! प्रियंका चोपड़ा की घरवालों को चेतावनी
सत्य निकेतन हादसे पर अभिषेक मनु सिंघवी ने उठाए सवाल, कहा - 'अगर PM खुद को...'
सत्य निकेतन हादसे पर अभिषेक मनु सिंघवी ने उठाए सवाल, कहा - 'अगर PM खुद को...'
देश की सबसे सस्ती सेडान मिल रही और सस्ती, Tigor पर इतना ऑफर
देश की सबसे सस्ती सेडान मिल रही और सस्ती, Tigor पर इतना ऑफर
खेत में पानी जमा न होने दें गन्ना किसान, फसल में बढ़ रहा बीमारी का खतरा
खेत में पानी जमा न होने दें गन्ना किसान, फसल में बढ़ रहा बीमारी का खतरा
अब हिंदी मीडियम से करें बीटेक, MP में शुरू हुआ इंजीनियरिंग कोर्स
अब हिंदी मीडियम से करें बीटेक, MP में शुरू हुआ इंजीनियरिंग कोर्स
Embed widget