JE-AE भर्ती समेत खाली पदों पर नियुक्ति की मांग पर सचिवालय कूच, युवाओं का सरकार के खिलाफ मोर्चा
Uttarakhand News In Hindi: सरकारी नौकरियों को लेकर युवाओं का आक्रोश देहरादून की सड़कों पर पहुंचा. प्रदर्शनकारियों ने बेरोजगार संघ के बैनर तले नारेबाजी करते हुए लंबित भर्तियों को जल्द शुरू की मांग की.

उत्तराखंड में सरकारी नौकरियों को लेकर युवाओं का आक्रोश एक बार फिर राजधानी देहरादून की सड़कों पर देखने को मिला. सोमवार (21 जुलाई) को उत्तराखंड बेरोजगार संघ के बैनर तले बड़ी संख्या में अभ्यर्थी परेड ग्राउंड में जुटे और वहां से सचिवालय कूच किया. प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए लंबित भर्तियों को जल्द शुरू करने और नियमित भर्ती कैलेंडर जारी करने की मांग उठाई.
युवाओं का कहना था कि विभिन्न सरकारी विभागों में लंबे समय से हजारों पद खाली पड़े हैं, लेकिन भर्ती प्रक्रिया शुरू नहीं होने से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में लटका हुआ है. प्रदर्शनकारियों ने विशेष रूप से जेई (JE) और एई (AE) भर्ती की विज्ञप्ति जल्द जारी करने की मांग की है.
‘भर्ती नहीं निकल रही, युवा लगातार इंतजार कर रहे’
प्रदर्शन के दौरान एक युवती ने आरोप लगाया कि सरकार लंबे समय से नई भर्तियों की घोषणा नहीं कर रही है. उसका कहना था कि लाखों युवा वर्षों से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, लेकिन भर्ती प्रक्रिया में लगातार हो रही देरी से उनमें निराशा बढ़ती जा रही है. युवती ने सरकार से खाली पदों पर जल्द भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की मांग की.
बेरोजगार संघ ने सरकार से नियमित भर्ती कैलेंडर जारी करने की मांग करते हुए कहा कि उत्तराखंड लोक सेवा आयोग (UKPSC) और अन्य भर्ती एजेंसियां तय समय के अनुसार परीक्षाएं आयोजित करें. साथ ही चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए अभ्यर्थियों के प्राप्तांक सार्वजनिक करने और समयबद्ध तरीके से परिणाम घोषित करने की भी मांग उठाई गई.
जेई-एई भर्ती समेत इन भर्तियों को जल्द शुरू करने की मांग
प्रदर्शनकारियों ने जेई-एई भर्ती के अलावा फॉरेस्ट गार्ड, सहायक लेखाकार, कनिष्ठ सहायक, पुलिस कांस्टेबल, पुलिस उपनिरीक्षक, वन दरोगा, आबकारी दरोगा, आबकारी सिपाही, बंदी रक्षक, सचिवालय रक्षक तथा सहायक अध्यापक समेत विभिन्न विभागों की लंबित भर्तियां तत्काल शुरू करने की मांग की.
प्रदर्शन में शामिल एक युवक ने कहा कि उत्तराखंड बेरोजगार संघ हाल ही में दिल्ली में हुए छात्र आंदोलन में भी शामिल हुआ था. उसके अनुसार संसद भवन के पास हुए प्रदर्शन के दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाने की मांग उठाई गई थी. युवक ने दावा किया कि उत्तराखंड के बेरोजगार युवा भी इस मांग का समर्थन करते हैं. हालांकि यह प्रदर्शनकारी का बयान है.
प्रदर्शन के जरिए रोजगार का मुद्दा फिर गरमाया
उत्तराखंड में भर्ती परीक्षाओं में देरी और लंबित नियुक्तियों को लेकर युवाओं का असंतोष लगातार बढ़ता रहा है. पिछले कुछ वर्षों में भर्ती परीक्षाओं से जुड़े विवादों के बाद समयबद्ध और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया की मांग लगातार उठ रही है. सोमवार को हुए इस प्रदर्शन के जरिए भी युवाओं ने सरकार से रिक्त पदों पर जल्द भर्ती शुरू करने और नियमित रोजगार कैलेंडर लागू करने की मांग दोहराई.
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