आश्रय से आयुष्मान तक बुजुर्गों की मददगार बनी योगी सरकार, 6,607 बुजुर्गों को मिली सुरक्षा
यूपी सरकार की पहल का उद्देश्य वृद्धजनों को केवल रहने की सुविधा तक सीमित न रखकर उनकी सामाजिक सुरक्षा को व्यापक बनाना है. इसके तहत स्वास्थ्य सुरक्षा के साथ आर्थिक सुरक्षा पर भी जोर दिया जा रहा है.

उम्र बढ़ने के साथ स्वास्थ्य संबंधी जरूरतें भी बढ़ जाती हैं. ऐसे में वृद्धाश्रमों में रहने वाले बुजुर्गों के लिए सुरक्षित आश्रय के साथ इलाज की सुविधा तक पहुंच भी महत्वपूर्ण है. योगी सरकार में इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए समाज कल्याण विभाग वृद्धाश्रमों में रहने वाले पात्र बुजुर्गों को आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना से जोड़ रहा है. प्रदेश के 75 वृद्धाश्रमों में 6,607 बुजुर्ग निवास कर रहे हैं, जिनमें से पात्र 2,551 बुजुर्गों के आयुष्मान कार्ड बनाए गए हैं.
सरकार की पहल का उद्देश्य वृद्धजनों को केवल रहने की सुविधा तक सीमित न रखकर उनकी सामाजिक सुरक्षा को व्यापक बनाना है. इसके तहत स्वास्थ्य सुरक्षा के साथ आर्थिक सुरक्षा पर भी जोर दिया जा रहा है. वर्तमान में 4,901 पात्र वृद्धजनों को वृद्धावस्था पेंशन का लाभ मिल रहा है. वहीं पात्र महिलाओं को निराश्रित महिला पेंशन योजना से भी जोड़ा जा रहा है.
सम्मानजनक जीवन सरकार की प्राथमिकता
समाज कल्याण राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार असीम अरुण ने कहा कि वृद्धजनों को सम्मानजनक और सुरक्षित जीवन सुनिश्चित करना प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है. उनका कहना है कि वृद्धाश्रमों में रहने वाले बुजुर्गों को केवल आश्रय नहीं, बल्कि आर्थिक और स्वास्थ्य सुरक्षा भी मिले, इसके लिए विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ दिलाया जा रहा है.
आयुष्मान कार्ड के माध्यम से पात्र वृद्धाश्रम निवासियों को स्वास्थ्य सुरक्षा के दायरे में लाने पर विभाग का जोर है. इसके लिए पात्र बुजुर्गों को योजना से जोड़ने की प्रक्रिया लगातार आगे बढ़ाई जा रही है. स्वास्थ्य सुरक्षा के साथ आर्थिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए 4,901 पात्र बुजुर्गों को वृद्धावस्था पेंशन का लाभ दिया जा रहा है. इससे वृद्धाश्रमों में रहने वाले पात्र बुजुर्गों को सामाजिक सुरक्षा का अतिरिक्त सहारा मिल रहा है.
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योजनाओं तक पहुंच आसान बनाने की कवायद
समाज कल्याण विभाग के निदेशक संजीव सिंह ने बताया कि विभाग की ओर से पात्र बुजुर्गों को विभिन्न योजनाओं से जोड़ने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाते हैं. आधार कार्ड समेत अन्य जरूरी दस्तावेज और सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए भी विभागीय स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं. वित्तीय वर्ष 2025-26 और 2026-27 में 1,073 नए बुजुर्गों को विभिन्न योजनाओं से जोड़ा गया है.
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