वाराणसी: दालमंडी चौड़ीकरण अभियान में 52 मकानों पर 2.5 करोड़ टैक्स बकाया, मुआवजा से कटेगी रकम
Varanasi News: दालमंडी के 52 मकान पर पानी, मकान और सीवर टैक्स का बकाया है. इसकी जानकारी दे दी गई है. मुआवजा की धनराशि में इन पैसों की कटौती होगी उसके बाद ही मकान मालिकों को शेष पैसे दिए जाएंगे.

बीते वाराणसी दौरे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्वांचल के सबसे बड़े थोक मार्केट दालमंडी के चौड़ीकरण अभियान की आधारशिला रखी थी. दरअसल इस क्षेत्र में संकरी गलियां है और यहां से चौड़ीकरण अभियान के माध्यम से काशी विश्वनाथ धाम जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए एक सुगम मार्ग बनाया जाएगा. पूर्व में स्थानीय दुकानदारों और मकान मालिकों ने आपत्ति जताते हुए चौड़ीकरण अभियान का विरोध किया था.
फिलहाल वाराणसी जिला प्रशासन के अधिकारियों द्वारा मौके का निरीक्षण किया गया है और इससे संबंधित एक महत्त्वपूर्ण दिशा निर्देश भी जारी किया गया है.
52 मकान पर 2.5 करोड़ के टैक्स का बकाया
दालमंडी चौड़ीकरण अभियान के मामले में एबीपी न्यूज़ को मिली जानकारी के अनुसार इस चौड़ीकरण अभियान को पीडब्ल्यूडी विभाग की देखरेख में पूरा किया जाएगा. मौके पर निरीक्षण के लिए पहुंचे अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि दालमंडी के 52 मकान पर पानी, मकान और सीवर टैक्स का बकाया है. उन्हें इसकी जानकारी दे दी गई है. मुआवजा की धनराशि में इन पैसों की कटौती होगी उसके बाद ही मकान मालिकों को शेष पैसे ( मुआवजे के) दिए जाएंगे. कुल मिला दिया जाए तो करीब 2.5 करोड रुपए टैक्स बकाया है.
वहीं इस मार्ग पर आने वाले धार्मिक स्थलों से किसी भी प्रकार के टैक्स लेने का कोई प्रावधान नहीं रहा है. इसलिए धार्मिक स्थल इस सूची में नहीं है. इसके अलावा मकान के टैक्स बकाया सूची वाराणसी जिला अधिकारी को दे दी गई है.
विभागों से लेना होगा NOC
प्राप्त जानकारी के अनुसार इस चौड़ीकरण अभियान के जद में करीब 184 भवन आएंगे. पहले इन मकानों को अधिग्रहण किया जाएगा फिर यहां पर चौड़ीकरण होगा. इस पूरे कार्य को पीडब्ल्यूडी की देखरेख में पूरा किया जाना तय किया गया है. वहीं सभी मकान मालिकों को विभागों की तरफ से एनओसी ( नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट ) लेकर दिखाना होगा, तभी उन्हें मुआवजा मिलेगा.
वहीं कुछ संगठन इसके खिलाफ भी हैं और घर और दुकान न तोड़ने के लिए कोर्ट भी गए.
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