सोशल मीडिया पर वायरल 'धूम' कौन है? पढ़ें उसकी कहानी, दुबई से आ रहे ऑफर
Dhoom Viral Boy: एनजीओ के संचालक ने बताया कि 'धूम' के बारे में हमलोगों को इंस्टाग्राम से ही पता चला. वो बहुत वायरल हो रहा था. हमलोगों ने उसमें ये देखा कि वो हमेशा नशे में पाया जाता था.

झारखंड के जमशेदपुर में कूड़ा बीनने वाला एक अनाथ बच्चा रातों-रात पूरे सोशल मीडिया का हीरो बन गया. सोशल मीडिया पर वायरल इस बच्चे को लोग 'धूम' के नाम से जानते हैं. उसकी आवाज के लोग कायल हो गए. हर हाथ में धूम का गाना. कहते हैं ना जहां गुड़ है वहीं मक्खी आएगी. धूम के साथ भी ऐसा ही कुछ हुआ. जैसे-जैसे धूम के गाने लोगों के बीच प्रचलित हुए उसके पास यूट्यूबर्स का तांता लग गया है. हर व्यक्ति इसे अपने हिसाब से इस्तेमाल करने लगा. धूम का ऑरिजनल नाम पिंटू है. वो कूड़ा बीनने और इसी तरह के छोटे-मोटे काम करके अपना गुजारा करता था. हालांकि उसे नशे की लत भी थी.
इसी बीच एक गैर सरकारी संस्था का ध्यान 'धूम' की तरफ गया और इसे अपने यहां ले जाकर इसका इलाज शुरू किया. गैर सरकारी संस्था के संचालकों ने बताया, ''अगर वह धूम को अपने यहां नहीं लाते तो ये कुछ दिनों में नशे की गिरफ्त में आ जाता. जब हमारे संवाददाता ने धूम से कुछ जानना चाहा तो वह कुछ भी बताने से इनकार कर रहा था क्योंकि वह बिना नशे के किसी भी तरह की हरकत से अनजान था. धूम सोशल मीडिया में इतना जाना माना नाम हो गया है कि लोग दुबई से भी उसे बुला रहे हैं.
पुराने दोस्तों से अब दूर हो गया हूं- पिंटू
जब उससे पूछा गया कि यहां पर कैसा लग रहा है. इस पर धूम (पिंटू) ने कहा, ''यहां अच्छा लग रहा है. यहां अच्छा खाना मिल रहा है. दूध रोटी, चावल, चोखा, पावरोटी मिल रहा है. जूस बगैरह भी पी लेते हैं.'' दोस्तों को लेकर पूछे गए सवाल पर उसने कहा, ''कुछ ही दोस्त हैं. यहां के भैया हैं और किसी बाहर के बच्चों से दोस्ती नहीं है. पुराने दोस्तों से अब दूर हो गया हूं. कचरा बिनने वाले मेरे सभी दोस्त अब दूर हो गए. उनलोगों के संगत में आने से फिर नशे की गिरफ्त में आने का डर है. वो धूम-धूम बोलकर सुंघाएगा. वो बहुत खतरनाक होता है.''
काम करने में मैं अच्छा हूं- पिंटू
वायरल पिंटू ने आगे कहा, ''दवाई चल रही है. घटने पर फिर से खरीदकर सौरभ भाई ला देते हैं. अगर ये लोग बोलेंगे तो दुबई जाएंगे. ऐसे अपने आप नहीं बोल सकते हैं.'' जब उससे पूछा गया कि अब क्या काम करोगे. इस पर उसने कहा, ''हम मेहनत करने में पीछे नहीं हटेंगे. काम करने में मैं अच्छा हूं. आप काम दीजिए और मैं उस काम को नहीं करके दिखाऊंगा तब आप कहना.
पिंटू ने पहला गाना कौन सा गाया?
उसने ये भी कहा कि हम हर काम किए हैं. दीवार तोड़ने जैसे मजदूरी का भी काम किए हैं. जैसे 500 रुपये मिलता था तो उसमें से हमें सिर्फ 50 रुपये पकड़ा दिया जाता था, 10-20 रुपये का दारू पिला देता था. उसमें बेईमानी कर लेता था. इस पर भी हम खुश रहते थे.'' जब धूम से पूछा गया कि पहला गाना कौन सा गाया था. इस पर उसने कहा, ''मुझे याद नहीं है.' गाना गाने के सवाल पर उसने कहा, ''अभी गाने का मन नहीं है.''
धूम हमेशा नशे में पाया जाता था- NGO संचालक
वहीं, NGO के संचालक प्रतीक कुमार से पूछा गया कि धूम तक आप कैसे पहुंचे और उसका क्या इलाज चल रहा. इस पर उन्होंने बताया, ''धूम के बारे में हमलोगों को इंस्टाग्राम से ही पता चला. वो बहुत वायरल हो रहा था. उसका वीडियो बहुत ही इंटरेस्टिंग था, जो पब्लिक को अपनी ओर खींच रहा था. हमलोगों ने उसमें एक चीज देखा कि वो हमेशा नशे में पाया जाता था. तो हमलोगों ने इसके लिए कुछ करने का प्लान बनाया. बाकी लोग उसे सिर्फ 50-100 रुपये दे रहे थे. हमलोग उसका इलाज करावाना चाहते थे ताकि उसकी आगे की जिंदगी अच्छी हो जाए. हमलोगों ने प्रयास किया. एक बार असफल भी रहे. दोबारा प्रयास करते हुए हमलोग उसे लेकर आए.''
'नशे के अलावा उसका हेल्थ इश्यू भी था'
उन्होंने बताया, ''नशे के अलावा उसका हेल्थ इश्यू भी था. जॉन्डिस, लीवर में इंफेक्शन था. नशे के अलावा हेल्थ प्रॉब्लम को दूर करने के लिए उसका इलाज चल रहा है. कुछ टेस्ट बाकी हैं. वो सहयोग कर रहा है. उसका ज्यादातर ध्यान सौरभ रखता है. उसके अंदर टैलेंट है तो ये लोगों तक पहुंचना चाहिए.'' प्रतीक ने आगे ये भी कहा, ''मेरा पास्ट हमको डिस्क्राइब नहीं करता है. आगे जो हम कर रहे हैं, वो हमको डिस्क्राइब करेगा. आज जो हम कर रहे हैं, उससे हमें लोग पहचानें वो बेहतर है. पुरानी जिंदगी से लोग अगर जज करेंगे तो चोर, नशेड़ी का टैग मिलेगा.''
Source: IOCL






















