उत्तराखंड में कब से शुरू होगी SIR की प्रक्रिया? निर्वाचन अधिकारी ने कर दिया साफ
Uttarakhand SIR News: उत्तराखंड के अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि बीते दो दिनों से कुछ माध्यमों में SIR को लेकर जो भ्रामक और गलत सूचनाएं प्रकाशित हो रही हैं, वे तथ्यों पर आधारित नहीं हैं.

उत्तराखंड के अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी विजय कुमार जोगदंडे ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर प्रदेश में होने जा रही विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR) को लेकर अहम जानकारी साझा की. उन्होंने स्पष्ट किया कि बीते दो दिनों से कुछ माध्यमों में SIR को लेकर जो भ्रामक और गलत सूचनाएं प्रकाशित हो रही हैं, वे तथ्यों पर आधारित नहीं हैं.
जोगदंडे ने साफ शब्दों में कहा कि राज्य में अभी तक SIR प्रारंभ नहीं हुई है. यह प्रक्रिया अप्रैल माह से शुरू होगी. उन्होंने अपील की कि किसी भी सूचना को प्रकाशित करने से पहले निर्वाचन विभाग से तथ्यों की पुष्टि अवश्य की जाए, ताकि आम नागरिकों में अनावश्यक भ्रम न फैले.
2025 की सूची का 2003 की सूची से हो रहा मिलान
उत्तराखंड के अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी विजय कुमार जोगदंडे ने बताया कि फिलहाल वर्ष 2025 की मतदाता सूची का मिलान 2003 की सूची से किया जा रहा है. अब तक इस मिलान कार्य में 85 प्रतिशत सफलता मिल चुकी है. SIR शुरू होने से पहले यह मैपिंग कार्य अधिकतम सीमा तक पूर्ण कर लिया जाएगा.
इन जिलों में सबसे कम मैपिंग, यह रहे कारण
निर्वाचन आयोग से मिली जानकारी के मुताबिक, मैपिंग कार्य में देहरादून, हरिद्वार और उधमसिंह नगर जिले सबसे पीछे हैं. इन जिलों में मैपिंग की रफ्तार धीमी रहने के पीछे कई व्यावहारिक कारण सामने आए हैं. मतदाता के आवास पर उसका मौजूद न होना, घर बदल लेना और फोन पर संपर्क न हो पाया गया है. ये तीन मुख्य वजहें हैं जिनके चलते मैपिंग में अड़चनें आ रही हैं.
धर्मपुर विधानसभा में महज 70 फीसदी मैपिंग
देहरादून जिले की बात करें तो धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र में अब तक सबसे कम मात्र 70 प्रतिशत मैपिंग ही हो पाई है, जो विभाग के लिए चिंता का विषय है. आपको बता दें कि, बीते दिनों से उत्तराखंड में एसआईआर को लेकर कई भ्रामक खबरें सामने आ रही थीं. अब इन खबरों पर विराम लग चुका है.
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Source: IOCL



























