एक्सप्लोरर

देहरादून, हरिद्वार-ऋषिकेश कॉरिडोर की बदलेगी सूरत, ई-बस से रोपवे तक, बड़ा प्लान तैयार

जो लोग नियमित रूप से देहरादून से हरिद्वार या ऋषिकेश का सफर करते हैं, वे जानते हैं कि पीक आवर्स में यह रास्ता कितना थका देने वाला हो जाता है.

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से लेकर तीर्थनगरी हरिद्वार और योगनगरी ऋषिकेश तक  यह पूरा कॉरिडोर अब जाम, धुएं और अफरातफरी से मुक्त होने की राह पर है. धामी सरकार ने इस अहम रूट के लिए एक महत्वाकांक्षी परिवहन योजना तैयार की है, जिसे कॉम्प्रीहेन्सिव मोबिलिटी प्लान (CMP)-2024 का नाम दिया गया है.

26 मार्च 2026 को राज्य सचिवालय में आवास सचिव डॉ. आर राजेश कुमार की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक हुई, जिसमें इस पूरी योजना पर गंभीर मंथन किया गया. मैसर्स यूएमटीसी ने बैठक में CMP-2024 के अद्यतन प्रस्ताव रखे और देहरादून, ऋषिकेश, हरिद्वार, रुड़की तथा भगवानपुर क्षेत्र की मौजूदा यातायात समस्याओं का विस्तृत विश्लेषण सामने रखा.

जाम की मार झेलते इस कॉरिडोर का दर्द

जो लोग नियमित रूप से देहरादून से हरिद्वार या ऋषिकेश का सफर करते हैं, वे जानते हैं कि पीक आवर्स में यह रास्ता कितना थका देने वाला हो जाता है. SIDCUL जैसे औद्योगिक इलाकों के फैलते दायरे, तेजी से बढ़ती आबादी और साल-दर-साल रिकॉर्ड तोड़ते पर्यटकों की संख्या इन सब ने मिलकर इस कॉरिडोर को देश के सबसे व्यस्त और उलझे हुए रूटों में से एक बना दिया है.

सड़कें संकरी हैं, पार्किंग की कोई तयशुदा व्यवस्था नहीं, सार्वजनिक परिवहन के नाम पर भरोसेमंद विकल्प नदारद है ,नतीजा यह है कि हर कोई निजी गाड़ी लेकर निकलता है और जाम और लंबा होता जाता है. कांवड़ यात्रा और कुंभ के दौरान तो हालत और भी बदतर हो जाती है. लाखों श्रद्धालु, सीमित सड़कें और बदइंतजामी ,यह तिकड़ी हर साल प्रशासन और आम आदमी दोनों की नींद उड़ाती है.

73 किलोमीटर की इलेक्ट्रिक बस लाइन- सबसे बड़ा दांव

CMP-2024 का सबसे चर्चित प्रस्ताव है- लगभग 73 किलोमीटर लंबा ई-बीआरटीएस (Electric Bus Rapid Transit System). यानी देहरादून, हरिद्वार और ऋषिकेश को एक तेज, भरोसेमंद और पर्यावरण के अनुकूल इलेक्ट्रिक बस नेटवर्क से जोड़ना. यह सिर्फ बसें चलाने की बात नहीं है- बीआरटीएस का मतलब है समर्पित लेन, तय समय पर आवागमन और निजी वाहनों की भीड़ से अलग एक सुव्यवस्थित गलियारा.

अगर यह योजना जमीन पर उतरती है, तो देहरादून से हरिद्वार का सफर जो आज जाम में घंटों खींचता है, वह तय समय में पूरा होने लगेगा. रोज दफ्तर आने-जाने वालों से लेकर तीर्थयात्रियों तक- सबको इससे सीधा फायदा मिलेगा.

हरिद्वार में PRT और रोपवे- धार्मिक पर्यटन को नई उड़ान

हरिद्वार के लिए एक और खास प्रस्ताव है- पर्सनल रैपिड ट्रांजिट (PRT) सिस्टम. यह एक ऐसी आधुनिक व्यवस्था है जिसमें छोटे, स्वचालित वाहन यात्रियों को उनके गंतव्य तक तेजी से पहुंचाते हैं- बिना किसी बड़े जाम या इंतजार के. धर्मनगरी में जहां श्रद्धालुओं की भीड़ हमेशा लगी रहती है, वहां यह व्यवस्था काफी राहतभरी साबित हो सकती है.

इसके साथ ही धार्मिक और पर्यटन स्थलों तक रोपवे पहुंचाने की भी योजना है. पहाड़ी इलाकों में रोपवे न सिर्फ यातायात का दबाव कम करते हैं, बल्कि यात्रियों को एक अलग और यादगार अनुभव भी देते हैं. उत्तराखंड जैसे राज्य में, जहां पहाड़ और आस्था साथ-साथ चलते हैं, रोपवे परियोजनाएं पर्यटन को नई ऊंचाई दे सकती हैं.

स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम- तकनीक से सुलझेगी उलझन

योजना में इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम (ITS) यानी स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट को भी अहम जगह दी गई है. आधुनिक सिग्नलिंग, डिजिटल पार्किंग प्रबंधन और बाईपास सड़कों के निर्माण से शहरों के भीतर यातायात को बेहतर ढंग से नियंत्रित किया जा सकेगा.

इसके अलावा ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) के जरिए परिवहन केंद्रों के आसपास व्यवस्थित शहरी विकास सुनिश्चित किया जाएगा. मतलब  बस स्टेशन हो या रोपवे टर्मिनल, उसके इर्द-गिर्द दुकानें, आवास और सुविधाएं इस तरह विकसित हों कि लोगों को बार-बार गाड़ी निकालने की जरूरत ही न पड़े.

पैदल चलने वालों और साइकिल सवारों के लिए भी बेहतर बुनियादी ढांचा तैयार करने की बात कही गई है- जो इस योजना को सिर्फ सड़क योजना नहीं, बल्कि एक समग्र जीवनशैली बदलाव की कोशिश बनाती है.

बैठक में क्या बोले अधिकारी?

आवास सचिव डॉ. आर राजेश कुमार ने साफ कहा कि CMP के सभी प्रस्तावों को संबंधित मास्टर प्लान में अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए, ताकि ये सिर्फ कागजों तक सीमित न रहें. उन्होंने कहा हमारा उद्देश्य है कि देहरादून, हरिद्वार और ऋषिकेश के बीच आवागमन को अधिक सुरक्षित, सुगम और समयबद्ध बनाया जाए. आने वाले समय में यह कॉरिडोर देश के अन्य राज्यों के लिए एक मॉडल बनेगा.

आलोक सेमवाल उत्तराखंड के देहरादून की खबरों पर नजर रखते हैं. एबीपी लाइव के लिए रिपोर्टिंग करते हैं. उन्होंने अपनी ग्रेजुएशन BA hons मास कम्यूनिकेशन HNB गढ़वाल विश्वविद्यालय से पूरी की हैं.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

यूपी में अलग राज्य की चाह ऐसी, BJP से बेटे का टिकट कुर्बान करने को तैयार ये नेता
यूपी में अलग राज्य की चाह ऐसी, BJP से बेटे का टिकट कुर्बान करने को तैयार ये नेता
अमिताभ ठाकुर बनेंगे राम मंदिर ट्रस्ट के CEO? आवेदन में कहा- 'मैं हिन्दू हूं, राम के आदर्शों में है विश्वास'
अमिताभ ठाकुर बनेंगे राम मंदिर ट्रस्ट के CEO? आवेदन में कहा- 'मैं हिन्दू हूं, राम के आदर्शों में है विश्वास'
आमिर खान की तीसरी शादी पर मौलाना इसहाक गोरा का बड़ा बयान, 'सोच बदलने की जरूरत'
आमिर खान की तीसरी शादी पर मौलाना इसहाक गोरा का बड़ा बयान, 'सोच बदलने की जरूरत'
'उन्हें पता है ये मस्जिद नहीं मंदिर है...', ज्ञानवापी मामले में समझौता बैठक पर हिन्दू पक्ष ने दी प्रतिक्रिया
'उन्हें पता है ये मस्जिद नहीं मंदिर है...', ज्ञानवापी मामले में समझौता बैठक पर हिन्दू पक्ष ने दी प्रतिक्रिया

वीडियोज

Breaking | US Iran War | Hormuz Strait: होर्मुज पर कंट्रोल को लेकर ईरान ने धमका दिया! | Trump
Breaking | US Massive Attack on Iran: ईरान के 70 ठिकानों पर ट्रंप का विनाशक अटैक! | Khamenei
Akhilesh Yadav का Nitish Kumar की तरह U-TURN! |ABPLIVE
Evil Dead Burn देखने से पहले 100 बार सोचिए!
Tata Sierra EV Pros and Cons plus which battery pack to buy? #tata #tatasierraev #autolive

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
लालू यादव को 'सुप्रीम' राहत, चारा घोटाला मामले में SC ने जमानत रद्द करने से किया इनकार
लालू यादव को 'सुप्रीम' राहत, चारा घोटाला मामले में SC ने जमानत रद्द करने से किया इनकार
बांकीपुर उपचुनाव: गिरफ्तारी और बेल के बाद वीणा मानवी रोने लगीं, नितिन नवीन का नाम क्यों लिया?
बांकीपुर उपचुनाव: गिरफ्तारी और बेल के बाद वीणा मानवी रोने लगीं, नितिन नवीन का नाम क्यों लिया?
127 किलो का क्रिकेटर, एक कैच से बन गया था वर्ल्ड कप का हीरो, अब कहां हैं बरमूडा के ड्वेन लेवरॉक?
127 किलो का क्रिकेटर, एक कैच से बन गया था वर्ल्ड कप का हीरो, अब कहां हैं बरमूडा के ड्वेन लेवरॉक?
5 घंटे तक 6 शहरों में बरसा बारूद... ईरान बोला- मार गिराया US का MQ-1, होर्मुज पर जंग से तेल महंगा
5 घंटे तक 6 शहरों में बरसा बारूद... ईरान बोला- मार गिराया US का MQ-1, होर्मुज पर जंग से तेल महंगा
Welcome To The Jungle BO Day 18: 'वेलकम टू द जंगल' तीसरे मंडे हुई फुस्स, 18वें दिन लाखों में सिमटी कमाई, जानें- टोटल कलेक्शन
वेलकम टू द जंगल' तीसरे मंडे हुई फुस्स, 18वें दिन लाखों में सिमटी कमाई, जानें- टोटल कलेक्शन
E20 पेट्रोल पर आया वो सर्वे, जो उड़ा देगा केंद्र सरकार की नींद, NDA समर्थक ही हो गए खिलाफ, आंकड़ों ने चौंकाया
E20 पेट्रोल पर आया वो सर्वे, जो उड़ा देगा केंद्र सरकार की नींद, NDA समर्थक ही हो गए खिलाफ, आंकड़ों ने चौंकाया
एक ही खर्च में डबल कमाई! मछली पालन के साथ बिना मिट्टी के सब्जियां उगाने का ये है जादुई फॉर्मूला
एक ही खर्च में डबल कमाई! मछली पालन के साथ बिना मिट्टी के सब्जियां उगाने का ये है जादुई फॉर्मूला
E20 को लेकर सख्त हुई सरकार, ऐसे लोगों पर दिए कड़े एक्शन के निर्देश, जानिए क्या है मामला?
E20 को लेकर सख्त हुई सरकार, ऐसे लोगों पर दिए कड़े एक्शन के निर्देश, जानिए क्या है मामला?
Embed widget