Uttarakhand News: चारधाम यात्रा से पहले बड़ा विवाद, ‘कैपिंग सिस्टम’ पर आमने-सामने आए पुरोहित और सरकार
Char Dham Yatra News In Hindi: 19 अप्रैल से शुरू हो रही चारधाम यात्रा के लिए 7.51 लाख से ज्यादा रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं. वहीं पहले दो दिनों में ही यात्रा के लिए 2.33 लाख बुकिंग हो गई थीं.

उत्तराखंड में 19 अप्रैल से शुरू होने जा रही चारधाम यात्रा को लेकर देशभर के श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह है. 7.51 लाख से ज्यादा रजिस्ट्रेशन इस बात की गवाही दे रहे हैं. लेकिन यात्रा शुरू होने से पहले ही एक विवाद ने सिर उठा लिया है. मामला हर दिन दर्शनार्थियों की संख्या तय करने वाली 'कैपिंग व्यवस्था' का है. एक तरफ तीर्थ पुरोहित इसे हटाने की मांग पर अड़े हैं, तो दूसरी तरफ पर्यटन विभाग ने कह दिया है कि पिछले साल के नियम ही इस बार भी लागू रहेंगे.
पुरोहितों ने खोला मोर्चा, मुख्य सचिव को सौंपा 11 सूत्रीय ज्ञापन
उत्तराखंड चारधाम तीर्थ पुरोहित महापंचायत के अध्यक्ष सुरेश सेमवाल के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने हाल ही में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन से मुलाकात की और 11 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा. पुरोहितों का साफ कहना है कि टोकन व्यवस्था और कैपिंग व्यावहारिक नहीं है इससे श्रद्धालुओं की राह आसान होने की बजाय और मुश्किल हो जाती है.
महापंचायत की मांगें भी वाजिब लगती हैं. उनका कहना है कि संख्या घटाने की बजाय धामों में पेयजल, बिजली, संचार और स्वास्थ्य सेवाओं का बुनियादी ढांचा मजबूत किया जाए. यात्रा मार्ग पर जगह-जगह पुलिस और प्रशासन के रोकने से श्रद्धालुओं को जो परेशानी होती है, उसे कम किया जाए. इसके अलावा यमुनोत्री में रोपवे और गंगोत्री में निर्माणाधीन हेलीपैड को इसी यात्रा सत्र से पहले पूरा किया जाए. बुजुर्गों और असहाय श्रद्धालुओं को टिकट बुकिंग में प्राथमिकता मिले और धामों में लो-वोल्टेज की पुरानी समस्या का स्थायी हल निकाला जाए.
यात्री कॉल सेंटर नंबर 1364 या ईमेल पर यात्रा करें सुनिश्चित
पर्यटन विकास बोर्ड के चारधाम यात्रा नोडल अधिकारी अमित लोहनी ने इस पूरे विवाद पर अपना पक्ष रखा. उन्होंने बताया कि इस बार की दैनिक सीमा पिछले साल जैसी ही रहेगी यमुनोत्री 9600, गंगोत्री 11600, केदारनाथ 18600 और बद्रीनाथ 21600. लेकिन साथ ही उन्होंने एक जरूरी बात भी कही जो बहुत से श्रद्धालुओं के लिए राहत की खबर है. लोहनी के मुताबिक अगर ऑनलाइन पोर्टल पर कोटा फुल हो गया है, लेकिन श्रद्धालु के पास उस धाम में होटल या हेलीकॉप्टर की कन्फर्म बुकिंग है तो उसका रजिस्ट्रेशन फिर भी होगा, उसे मना नहीं किया जाएगा.
ऐसे यात्री कॉल सेंटर नंबर 1364 या ईमेल के जरिए अपनी होटल बुकिंग का प्रूफ देकर यात्रा सुनिश्चित कर सकते हैं. कैपिंग की जरूरत को समझाते हुए अधिकारी ने कहा कि अगर एक ही दिन पचास हजार लोग पहुँच जाएं तो उन्हें रोकेंगे कहां धामों में उतनी होटलें नहीं हैं . इसलिए यह व्यवस्था भीड़ नियंत्रण के लिए जरूरी है.
रजिस्ट्रेशन में केदारनाथ सबसे आगे
6 मार्च से शुरू हुई ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में अब तक 7.51 लाख से ज्यादा श्रद्धालु अपना नाम दर्ज करा चुके हैं. पहले दो दिनों में ही 2.33 लाख बुकिंग हो गई थीं. अब यह रफ्तार थोड़ी थमी है और रोजाना 30 से 35 हजार रजिस्ट्रेशन हो रहे हैं. सबसे ज्यादा 2.51 लाख रजिस्ट्रेशन केदारनाथ के लिए हैं, उसके बाद बद्रीनाथ 2.21 लाख, गंगोत्री 1.40 लाख और यमुनोत्री 1.37 लाख.
कब खुलेंगे किस धाम के कपाट
यमुनोत्री और गंगोत्री के कपाट 19 अप्रैल को खुलेंगे. केदारनाथ 22 अप्रैल और बद्रीनाथ 23 अप्रैल को श्रद्धालुओं के लिए खुलेगा. हेमकुंड साहिब के कपाट 26 मई को खुलेंगे. ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए registrationandtouristcare.uk.gov.in वेबसाइट पर जाएं या Tourist Care Uttarakhand ऐप डाउनलोड करें. भारतीय श्रद्धालुओं को आधार कार्ड की जरूरत होगी. जिन्हें ऑनलाइन में दिक्कत है, उनके लिए 17 अप्रैल से ऋषिकेश, हरिद्वार और देहरादून में ऑफलाइन काउंटर खुलेंगे. किसी भी मदद के लिए 24 घंटे टोल-फ्री नंबर 1364 पर कॉल किया जा सकता है.

























