अब तक 3.56 करोड़ से अधिक लोगों ने हरिद्वार से भरी कांवड़, सड़कों पर शिवभक्तों का सैलाब
Uttarakhand: 12 दिनों में 3 करोड़ 56 लाख कांवड़ियों ने जल लेकर हरिद्वार से अपने गंतव्य को रवाना हुए हैं. आज अंतिम दिन हरिद्वार की सड़कों पर शिव भक्तों का सैलाब दिखा.

उत्तराखंड में जारी कांवड़ यात्रा में पिछले 12 दिनों में 3 करोड़ 56 लाख कांवड़ियों ने जल लेकर हरिद्वार से अपने गंतव्य को रवाना हुए हैं. आज कांवड़ यात्रा का आखिरी दिन माना जा रहा है, 23 तारीख को शिवरात्रि को कांवड़ यात्रा की लगभग औपचारिक समाप्ति हो जाएगी, ऐसे में आज हरिद्वार में भारी संख्या में शिवभक्त दिखाई दिए. सड़कों पर शिव भक्तों का सैलाब दिखाई दिया.
उत्तराखंड पुलिस की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, अब तक कुल 3 करोड़ 56 लाख 90 हजार से अधिक कांवड़ यात्री हरिद्वार में हर की पड़ी सहित आसपास के तमाम गंगा घाटों से गंगाजल लेकर रवाना हो चुके हैं. सोमवार को डाक कांवड़ और सामान्य कांवड़ यात्रियों की भारी भीड़ हरिद्वार में देखने को मिली. भीमगोडा सुभाष घाट समेत हरिद्वार के तमाम प्रमुख घाटों से शिवभक्त जल लेकर रवाना हुए हैं.
इस संबंध में हरिद्वार के पुलिस अधीक्षक परबेंद्र डोभाल ने एबीपी लाइव से बात करते हुए बताया कि 10 से 21 जुलाई तक लगभग 3 करोड़ 56 लाख कांवड़ यात्री जाकर रवाना हो चुके हैं, सोमवार को ही 55 लाख श्रद्धालु लौटे हैं. रविवार को 53 लाख यात्री गंगाजल भरकर रवाना हुए थे.
कुछ ही घंटों तय करते हैं 100KM की दूरी
उत्तराखंड में चलने वाले कांवड़ यात्रा अंतिम चरण में है. पूरी सावधानी के साथ कांवड़ यात्रियों को हरिद्वार से गंगाजल लेकर वापस भेजा जा रहा है. हरिद्वार से डाक कांवड़ यात्री टोलियों के रूप में अपनी कांवड़ लेकर रवाना हो रहे हैं. डाक कांवड़ कुछ ही घंटे में 100 किलोमीटर की दूरी तय करती है. कांवड़ यात्रा के अंतिम दो दिनों में यात्रियों की चाल इतनी तेज हो जाती है कि हरिद्वार से मेरठ शामली हापुड़ और गाजियाबाद जैसे इलाकों तक कांवड़ यात्री कुछ ही घंटे में अपना सफर तय करते हैं.
सबसे कठिन मानी जाती है डाक कांवड़
बता दें की सबसे कठिन यात्रा डाक कांवड़ यात्रा मानी जाती है जिसमें शिव भक्त गंगाजल लेने के बाद बिना रुके लगातार दौड़ते हुए अपने कर्तव्य तक पहुंचाते हैं. इसके लिए पुलिस भी हमेशा सतर्क रहती है, इस मौके पर तमाम सड़कों को खाली करने की कोशिश की जाती है. ट्रैफिक को एक साइड में चलाया जाता है जिससे कोई हादसा ना हो.
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी समय-समय पर कांवड़ यात्रा का फीडबैक अधिकारियों से ले रहे हैं. साथ ही पुलिस महकमें के डीजीपी को भी लगातार मेले की मॉनिटरिंग करने के लिए कहा गया है. फिलहाल कांवड़ यात्रा अपने अंतिम चरण में है. बताया जाता है कि 23 जुलाई को कांवड़ यात्रा लगभग समाप्त हो जाएगी, तब तक सुरक्षा के लिहाज से भारी पुलिस बल कांवड़ यात्रा में तैनात किया गया है.
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