उत्तराखंड के 3 जिलों में आज भारी बारिश का अलर्ट, चारधाम यात्रियों से सतर्क रहने की अपील
Uttarakhand News: प्रदेश में लगातार हो रही बारिश को देखते हुए प्रशासन ने चारधाम यात्रा और हेमकुंड साहिब यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं से अतिरिक्त सावधानी बरतने की अपील की है.

उत्तराखंड में मानसून सक्रिय होने के बाद बारिश का दौर लगातार जारी है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के देहरादून केंद्र ने आज प्रदेश के पौड़ी , पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है. इन जिलों में कहीं-कहीं तेज बारिश के साथ गर्जन और बिजली चमकने की संभावना जताई गई है. वहीं, अन्य पर्वतीय जिलों में भी हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने का खतरा बना हुआ है.
मौसम विभाग ने हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर जिलों के लिए भी यलो अलर्ट जारी किया है. इन मैदानी इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज बौछारें पड़ सकती हैं. विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास न ठहरने की सलाह दी है.
चारधाम और हेमकुंड साहिब यात्रियों के लिए विशेष सतर्कता
प्रदेश में लगातार हो रही बारिश को देखते हुए प्रशासन ने चारधाम यात्रा और हेमकुंड साहिब यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं से अतिरिक्त सावधानी बरतने की अपील की है. पर्वतीय मार्गों पर भूस्खलन, मलबा आने और पहाड़ियों से पत्थर गिरने का खतरा बढ़ गया है. खासकर संवेदनशील स्थानों पर यात्रा के दौरान सतर्क रहने और मौसम की जानकारी लेने के बाद ही आगे बढ़ने की सलाह दी गई है.
चारधाम यात्रा मार्गों पर एनएचआईडीसीएल, बीआरओ और जिला प्रशासन की टीमें तैनात हैं. संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जा रही है, ताकि रास्ते में मलबा आने या सड़क बाधित होने की स्थिति में मार्ग को जल्द से जल्द खोला जा सके.
तापमान में चार से छह डिग्री तक गिरावट
मानसून की दस्तक के बाद प्रदेश के कई हिस्सों में रुक-रुककर बारिश हो रही है. इसके चलते अधिकतम तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है. मौसम विभाग के अनुसार कई इलाकों में तापमान सामान्य से चार से छह डिग्री सेल्सियस तक कम चल रहा है. बारिश और बादल छाए रहने से मैदानी क्षेत्रों में गर्मी से राहत मिली है, जबकि पर्वतीय इलाकों में मौसम ठंडा बना हुआ है.
सभी जिलों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश
लगातार बारिश की संभावना को देखते हुए राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने सभी जिलों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं. जिलाधिकारियों को आपदा प्रबंधन से जुड़े संसाधन तैयार रखने और संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष नजर बनाए रखने को कहा गया है. प्रशासन ने नदी-नालों के किनारे रहने वाले लोगों से भी सतर्क रहने की अपील की है. बारिश के दौरान जलस्तर अचानक बढ़ सकता है, ऐसे में लोगों को नदी किनारे जाने से बचने की सलाह दी गई है. साथ ही अनावश्यक यात्रा न करने और पहाड़ी रास्तों पर वाहन चलाते समय विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है.























