उत्तराखंड में मिलावटखोरों पर सख्त कार्रवाई करने के लिए SOP जारी, लगेगा भारी जुर्माना
Uttarakhand News: होली से पहले उत्तराखंड सरकार प्रदेश में मिलावटखोरों से निपटने के लिए पूरी तरह से सतर्क है. इसके लिए फूड सेफ्टी विभाग की ओर से एसओपी भी जारी कर दी गई है. इसके लिए प्रशासन तैयार है.

Uttarakhand News: होली से पहले उत्तराखंड सरकार ने मिलावट खोरों पर शिकंजा कसने की तैयारी कर ली है. फूड सेफ्टी विभाग ने सख्त मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) जारी कर दी है. इसके तहत मिलावट खोरों पर पांच लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा और दोषी पाए जाने पर अधिकतम छह साल की सजा हो सकती है.
खाद्य आयुक्त डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि राज्य के बॉर्डरों पर सख्त निगरानी रखी जा रही है. खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम लगातार सैंपलिंग कर रही है और ऑन-स्पॉट टेस्टिंग भी की जा रही है. विजिलेंस सेल और सर्विलांस के माध्यम से पूरे राज्य में मिलावटी खाद्य पदार्थों पर नजर रखी जा रही है.
प्रदेश में मिलावटखोरों से निपटने के लिए सरकार सतर्क
अपर आयुक्त एवं ड्रग कंट्रोलर ताजबर जग्गी ने बताया कि मिलावट रोकने के लिए राज्यभर में अभियान तेज कर दिया गया है. फूड सेफ्टी टीम बाजारों, मिठाई की दुकानों, डेयरी उत्पाद विक्रेताओं और होलसेल मार्केट्स पर विशेष निगरानी रख रही है. दूध, मिठाई, घी, तेल, मसाले और अन्य खाद्य उत्पादों की गहन जांच की जा रही है. अगर किसी दुकान या व्यापारी के पास मिलावटी सामान पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
होली के त्योहार को देखते हुए मिलावटखोर सक्रिय हो सकते हैं. इसलिए प्रशासन ने विशेष सतर्कता बरतने का फैसला किया है. सभी जिलों में विशेष जांच अभियान चलाए जा रहे हैं. खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमें होटलों, मिठाई की दुकानों, डेयरी फार्मों और खाद्य गोदामों पर छापेमारी कर रही हैं.
खाद्य सुरक्षा विभाग ने जारी किया एसओपी
खाद्य सुरक्षा विभाग ने आम जनता से भी अपील की है कि यदि उन्हें कहीं भी मिलावट की आशंका हो तो तुरंत प्रशासन को सूचित करें. इसके लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं. विभाग का कहना है कि मिलावटखोरी पर पूरी तरह से रोक लगाने के लिए सरकार, प्रशासन और जनता को मिलकर काम करना होगा.
सरकार ने साफ कर दिया है कि मिलावटखोरों के खिलाफ किसी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी. सख्त SOP जारी कर दी गई है, जिसके तहत दोषियों पर भारी जुर्माना और जेल की सजा का प्रावधान किया गया है. राज्य सरकार का उद्देश्य साफ है- उत्तराखंड में लोगों को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना.
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