BJP कार्यसमिति की बैठक में गरजे अमित शाह, मुलायम का जिक्र कर अखिलेश पर बोला हमला
गृह मंत्री अमित शाह ने दिवंगत मुलायम सिंह यादव का जिक्र करते हुए सपा चीफ अखिलेश यादव पर बड़ा जुबानी हमला किया.

भारतीय जनता पार्टी की उत्तर प्रदेश इकाई की कार्यसमिति की बैठक में गृह मंत्री अमित शाह ने समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला है. कार्यसमिति की बैठक को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि आज ही के दिन 1990 में मुलायम सिंह यादव (सपा संस्थापक, पूर्व रक्षा मंत्री और यूपी के पूर्व सीएम) ने कारसेवकों और राम भक्तों पर गोलियां चलवाई थीं.
उन्होंने कहा, किस मुंह से सरकार बनाने की बात करते हैं. सपा चीफ अखिलेश यादव का जिक्र करते हुए शाह ने कहा कि अखिलेश एंड कंपनी मानती है कि जनता माफ कर देगी, लेकिन जनता आपकी तीसरी पीढ़ी तक को माफ नहीं करेगी. पूरे सरयू का जल राम भक्तों के खून से लाल हुआ था.
अमित शाह ने कहा कि यूपी में क्या होगा, इसका जवाब आज दे देता हूं. यूपी में बीजेपी की सरकार बरगद का पेड़ है, जिसे कोई नहीं हटा सकता. उन्होंने कहा कि बीजेपी प्रचंड बहुमत के साथ सरकार बनाने जा रही है और कार्यकर्ताओं को किसी भी तरह की दुविधा में रहने की जरूरत नहीं है.
'मैं तहसील-तहसील जाता था...'
अमित शाह ने 2014 के लोकसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय यूपी में बीजेपी की 41 विधानसभा सीटें थीं. नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चुनाव लड़ा जा रहा था और वह खुद यूपी के प्रभारी थे. उन्होंने कहा, 'मैं तहसील-तहसील जाता था और कार्यकर्ताओं को उत्साहित करने का प्रयास करता था, लेकिन उस समय कार्यकर्ताओं में घनघोर निराशा थी. एक बार संगठन ठीक हुआ और चुनाव अभियान शुरू हुआ तो देखते ही देखते 73 सीटें आईं और विपक्ष का सूपड़ा साफ हो गया.'
उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार के अत्याचार झेलने के बावजूद कार्यकर्ताओं ने यूपी में प्रचंड जीत दिलाई, जिसके कारण 2014 में केंद्र में बीजेपी की पूर्ण बहुमत की सरकार बनी. 41 प्रतिशत वोट के साथ बीजेपी ने 73 सीटें हासिल कीं और अपने सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए.
साल 2017 के विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए अमित शाह ने कहा कि उस समय वह बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष थे. नोटबंदी के बाद अखिलेश यादव को लगता था कि इसके कारण चुनाव में उन्हें फायदा मिलेगा. उन्होंने कहा कि बीजेपी के छोटे-छोटे कार्यकर्ताओं ने जिला और क्षेत्र स्तर पर यात्राएं निकालीं और लोगों के बीच जाकर पार्टी का संदेश पहुंचाया. नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चुनाव लड़ा गया और 40 प्रतिशत से ज्यादा वोट के साथ बीजेपी ने 312 सीटें जीतकर रिकॉर्ड बनाया.
'एक नई तरह की राजनीति की शुरुआत'
अमित शाह ने कहा कि 2014 से देश में एक नई तरह की राजनीति की शुरुआत हुई. पहले देश की राजनीति जातिवाद, परिवारवाद और भ्रष्टाचार से ग्रस्त थी. उन्होंने इन तीनों को राजनीति को प्रदूषित करने वाला राहु बताते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी ने 2014 से 2026 तक जातिवाद, परिवारवाद और भ्रष्टाचार के खिलाफ राजनीति को नई दिशा दी और पॉलिटिक्स ऑफ परफॉर्मेंस की शुरुआत की. उन्होंने कहा कि 2022 के विधानसभा चुनाव में भी बीजेपी को 41 प्रतिशत वोट मिले और पार्टी ने बहुमत के आंकड़े से काफी ज्यादा सीटें हासिल कर दूसरी बार सरकार बनाई.
अमित शाह ने कार्यकर्ताओं से चुनाव के लिए कमर कसने का आह्वान किया. उन्होंने कहा, 'मन से सारे भाव निकालकर अर्जुन की तरह केवल चिड़िया की आंख दिखाई पड़नी चाहिए. प्रचंड बहुमत से भारतीय जनता पार्टी की सरकार चुनकर लानी है.'
उन्होंने यूपी में विकास कार्यों का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य के सात शहरों में मेट्रो चल रही है, जो देश में सबसे ज्यादा है. नरेंद्र मोदी ने केंद्र से देने में कोई कमी नहीं की और योगी आदित्यनाथ ने योजनाओं को जमीन पर उतारने में कोई कमी नहीं की.
'सभी काम एक तरफ हैं और कार्यकर्ताओं का पराक्रम दूसरी तरफ'
अमित शाह ने अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए सवाल किया कि उनके पिता और उन्होंने गरीबों के लिए क्या किया? उन्होंने आरोप लगाया कि गरीबों का हक मारकर अपनी और अपने कार्यकर्ताओं की गरीबी दूर की गई. शाह ने कहा कि मोदी सरकार के शासन में 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर आए हैं और 9 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है. 50 लाख करोड़ रुपये के निवेश से रोजगार के अवसर पैदा होंगे. उन्होंने दावा किया कि अकेले यूपी के पुलिस विभाग में बीजेपी सरकार ने 2 लाख 26 हजार लोगों को नौकरी देने का काम किया है.
अमित शाह ने कहा कि सरकार के सभी काम एक तरफ हैं और कार्यकर्ताओं का पराक्रम दूसरी तरफ. चुनाव कार्यकर्ता ही जिताएंगे. उन्होंने कहा कि सबसे ज्यादा कार्यकर्ताओं का समायोजन यूपी में हुआ है और बीजेपी के लोग विचारधारा के लिए जीने वाले हैं.





















