UP News: हर बेटी सुरक्षित, हर बचपन खुशहाल… यूपी सरकार का बाल विवाह रोकने पर बड़ा कदम
यूपी में योगी सरकार 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया पर बाल विवाह रोकने के लिए प्रदेशभर में जागरूकता अभियान चलाएगी, जिसका उद्देश्य सामाजिक कुरीति खत्म कर बच्चों का सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित करना है.

UP Child Marriage Awareness: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार का संकल्प है कि हर बेटी सुरक्षित रहे और हर बचपन खुशहाल हो. इसी के तहत योगी सरकार ने आगामी 19 अप्रैल (अक्षय तृतीया) के अवसर पर प्रदेशभर में विशेष जागरूकता एवं प्रचार-प्रसार कार्यक्रम चलाने का निर्णय लिया है. इस अभियान के तहत नुक्कड़ नाटक, गोष्ठियां, जागरूकता कैंप और प्रचार-प्रसार वैन के माध्यम से लोगों को अतीत में होने वाले बाल विवाह के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया जाएगा.
सरकार का यह कदम न सिर्फ सामाजिक कुरीतियों पर प्रहार है, बल्कि बाल विवाह के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति का भी मजबूत संदेश है. इसका मुख्य उद्देश्य समाज में सकारात्मक बदलाव लाना और बच्चों का सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित करना है.
प्रदेशभर में एक साथ चलेगा जागरूकता अभियान
महिला कल्याण निदेशालय की ओर से 19 अप्रैल को प्रदेश के सभी जिलों में विशेष जागरूकता एवं निगरानी कार्यक्रम संचालित किया जाएगा. शासन स्तर से जिलाधिकारियों और जिला प्रोबेशन अधिकारियों (डीपीओ) को निर्देश दिए गए हैं कि संभावित संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर वहां विशेष सतर्कता बरती जाए.
ऐसे गांव, बस्तियां और ब्लॉक चिन्हित किए जा रहे हैं, जहां पूर्व में बाल विवाह के मामले सामने आए हैं. इन क्षेत्रों में पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम द्वारा नियमित भ्रमण, गोष्ठियों और सेमिनार के माध्यम से जागरूकता बढ़ाई जाएगी, साथ ही किसी भी सूचना पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी.
जागरूकता के साथ सामाजिक भागीदारी पर जोर
अभियान के दौरान नुक्कड़ नाटक, जागरूकता वैन, कैंप और प्रचार-प्रसार गतिविधियों के माध्यम से समाज के हर वर्ग को जोड़ा जाएगा. बाल विवाह को कानूनी विषय न मानते हुए सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में स्थापित करना उद्देश्य है, ताकि समुदाय स्वयं इसके खिलाफ सक्रिय भूमिका निभाए.
ड्रॉपआउट बच्चों पर विशेष फोकस
सरकार ने इस अभियान को शिक्षा से भी जोड़ा है. ऐसे बच्चों की पहचान की जा रही है, जिन्होंने कक्षा 6 या 8 के बाद पढ़ाई छोड़ दी है या लंबे समय से अनुपस्थित हैं. इन बच्चों को पुनः शिक्षा से जोड़ने के प्रयास किए जाएंगे, ताकि वे बाल विवाह जैसी कुप्रथाओं की चपेट में न आएं. इसके लिए जिला, ब्लॉक और ग्राम स्तर पर बाल संरक्षण समितियों को सक्रिय किया गया है, जिनकी निगरानी की जिम्मेदारी जिला प्रोबेशन अधिकारी को सौंपी गई है.
निगरानी तंत्र मजबूत, हर स्तर पर रहेगी सतर्कता
महिला कल्याण निदेशालय की निदेशक डॉ. वंदना वर्मा ने बताया कि बाल विवाह उन्मूलन की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं. पूरे प्रदेश में निगरानी तंत्र को सशक्त किया गया है और संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है. अक्षय तृतीया के अवसर पर विशेष अभियान चलाकर आमजन को बाल विवाह के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया जाएगा, ताकि इस कुप्रथा की जड़ पर निर्णायक प्रहार हो.























