Dial 112 Protest: डायल-112 की महिला कर्मी क्यों कर रही हैं प्रदर्शन? सपा ने मामले को लेकर योगी सरकार को घेरा
UP News: डायल-112 सेवा में संविदा पर काम कर रहीं महिला कर्मचारियों को प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने हिरासत में लिया. जिसको लेकर सपा चीफ अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर जोरदार हमला बोला.

UP Dial 112 Protest: उत्तर प्रदेश पुलिस की आपातकालीन सहायता डायल-112 सेवा में संविदा पर काम कर रहीं महिला कर्मचारियों ने मंगलवार (7 नवंबर) को लखनऊ में मुख्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया. इस बीच महिला प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने के लिए मुख्यमंत्री आवास की ओर जाने का एलान किया तो पुलिस ने उन्हें रोक लिया. प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि वे लोग मुख्यमंत्री से मिलकर यह शिकायत करना चाह रहे हैं कि पिछले सात वर्षों में उनके वेतन में वृद्धि नहीं की गयी.
पुलिस को प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने में कड़ी मेहनत करनी पड़ी, बाद में उनमें से कई को हिरासत में लिया गया और जबरन पुलिस बसों में बैठाया गया. एक कर्मचारी हर्षिता ने कहा, "हम मांग कर रहे हैं कि हमारा वेतन ईआरएस 11,800 से बढ़ाकर 18 हजार रुपये किया जाए क्योंकि हम पिछले सात वर्षों से सेवाएं दे रहे हैं और कोई वृद्धि नहीं की गयी है."
क्या बोले योगी सरकार के मंत्री?
उन्होंने कहा कि वे लोग पिछले 24 घंटों से अधिक समय से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं और कोई भी उनकी शिकायतें सुनने नहीं आया है. एक अन्य प्रदर्शनकारी ने कहा, "इस बार हमें ऑफर लेटर भी नहीं दिया गया है. अब नई नियुक्तियां की जा रही हैं जोकि हमारे साथ अन्याय है." इस मुद्दे के बारे में पूछे जाने पर राज्य के मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि मांगों पर गौर करके उचित कार्रवाई की जाएगी. सिंह ने कहा, "हम उचित मुद्दों पर कार्रवाई करेंगे. वे हमारे कर्मचारी हैं. उनकी देखभाल करना हमारा कर्तव्य है."
अखिलेश यादव ने सरकार पर बोला हमला
इस बीच, समाजवादी पार्टी के प्रमुख और उप्र के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इस मुद्दे पर योगी आदित्यनाथ सरकार पर हमला बोला है. यादव के शासनकाल में डायल-100 की शुरुआत की गई थी. डायल-100 सेवा को बदलकर अब डायल-112 कर दिया गया है. यादव ने सोशल नेटवर्किंग साइट 'एक्स' पर लिखा, ''अब सुनने में आया है कि ‘डायल 100’ का ठेका भी पोर्ट, एयरपोर्ट, रेल की तरह किसी ‘प्रिय पार्टनर’ को दिया जा रहा है.''
इसी पोस्ट में उन्होंने महिलाओं के विरोध प्रदर्शन और उन्हें हिरासत में लिए जाने को लेकर सत्तारूढ़ बीजेपी पर तंज कसते हुए कहा, ''महिलाओं को आरक्षण देने की बात करने वाले उन्हें हिरासत में ले रहे हैं. कहीं नाम बदलने वालों ने ‘आरक्षण’ का नाम ‘हिरासत’ तो नहीं कर दिया है.'' उन्होंने एक वीडियो भी पोस्ट किया जिसमें पुलिसकर्मी महिलाओं को पुलिस वाहनों में खींचते हुए दिखाई दे रहे हैं.
"शर्मनाक, निंदनीय, असहनीय"
एक अन्य पोस्ट में सपा प्रमुख ने प्रदर्शनकारी महिलाओं का मांग पत्र साझा किया और कहा ये ‘डॉयल 100’ के किसी एक ‘संवाद अधिकारी’ का ‘पीड़ा-पत्र’ नहीं है, बल्कि हर एक का है. मुख्यमंत्री जी से मिलने से पहले ही, रात भर ठंड में बैठकर अपनी मांग करने वाली बहन-बेटियों को सुबह हिरासत में ले लिया गया. बीजेपी का नारी वंदन का सत्य रूप ‘नारी बंधन’ है, शर्मनाक, निंदनीय, असहनीय.''
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Source: IOCL
























