यूपी चुनाव में सपा का जिताऊ फॉर्मूला पर रहेगा दांव! अखिलेश ने कांग्रेस से मांगी सीटों की लिस्ट
UP Election 2027: उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव विधानसभा चुनाव में जीत का फॉर्मूला तय करने में जुट गए हैं. इसके लिए पार्टी द्वारा सभी सीटों पर माईक्रो मैपिंग हो रही है.

उत्तर प्रदेश में साल 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव में जीत के लिए समाजवादी पार्टी ने अभी से अपना होमवर्क शुरू कर दिया है. सपा प्रदेश की सभी 403 सीटों पर माइक्रो मैपिंग में जुट गई हैं. जिसके आधार पर उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा. इसके लिए पार्टी के द्वारा जिलावार संगठन के तमाम पदाधिकारियों का फीडबैक लिया जा रहा है ताकि सबसे मज़बूत चेहरे पर दाँव लगाया जा सके.
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव प्रदेश की सभी 403 सीट पर जिताऊ फॉर्मूले के आधार पर सीटों के बंटवारे पर मंथन में जुट गए हैं. इसके लिए पार्टी के संगठन और हरेक सीट के जातीय समीकरण का सर्वे और संभावित प्रत्याशियों का फीडबैक लिया जा रहा है. सपा इस बार भी ऐसे उम्मीदवार पर दाँव लगाएगी जो सीट पर जीत सुनिश्चित कर सके और सबसे मज़बूत दावेदार हो.
जिताऊ फॉर्मूले पर होगा सीटों को बंटवारा
यूपी में समाजवादी पार्टी कांग्रेस के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ेगी ऐसे में सपा की ओर से कांग्रेस से भी उसके दावे वाले सीटों की सूची मांगी गई हैं. इसके साथ ही उन उम्मीदवारों के नाम भी देने के लिए कहा है जिन्हें कांग्रेस चुनावी मैदान में उतारने पर विचार कर रही ही. कांग्रेस की लिस्ट को सपा अपनी रिपोर्ट के आधार पर परखेगी और फिर ये तय होगा कि कौन सी सीट पर कौन चुनाव लड़ सकता है.
सूत्रों के मुताबिक़ समाजवादी पार्टी इस बार पूरे वैज्ञानिक तरीके से सीटों पर उम्मीदवारों का चयन करेगी. हवा-हवाई दावों पर ध्यान नहीं दिया जाएगा. पूरी जाँच-परख के बाद ही कोई फैसला होगा. सपा ने इस पूरे मिशन की जिम्मेदारी रिटायर्ड आईएएस और पूर्व मुख्य सचिव आलोक रंजन को दी है. जो सपा के सर्वें की जिम्मेदारी भी सँभाल रहे हैं.
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कांग्रेस से मांगी दावेदारी वाली सीट की लिस्ट
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यूपी में कांग्रेस को 80 सीटें देने के मूड में हैं. वहीं सीट बंटवारे को लेकर एक और फॉर्मूला भी सामने आ रहा है जिसके तहत हरेक जिले में एक सीट कांग्रेस को देने पर भी विचार किया जा सकता है. पार्टी का मानना है कि इससे सपा के कार्यकर्ताओं में नाराजगी नहीं होगी और कांग्रेस का भी मान बना रहेगा.
सूत्रों के मुताबिक सपा मुखिया अखिलेश यादव नहीं चाहते कि 2024 की तरह गठबंधन में खींचतान देखने को मिले. इसलिए पहले से ही वो ऐसा तथ्य आधारित फॉर्मूला तैयार करने में जुटे हैं, जिससे आखिरी फैसला आंकड़ों के आधार पर लिया जा सके. दिल्ली में इंडिया गठबंधन की बैठक के बाद अखिलेश यादव ने इसका इशारा भी किया था. जब उन्होंने कांग्रेस से बड़ा दिल दिखाने की बात कही थी.




















