एक्सप्लोरर

UP Politics: यूपी में बीजेपी से इन वजहों से नाराज हैं संजय निषाद? बगावती तेवर बढ़ा सकते हैं मुश्किल

UP Politics: यूपी चुनाव से पहले बीजेपी के सहयोगी दलों ने दबाव की राजनीति तेज कर दी है. मंत्री संजय निषाद ने भी बीजेपी को छोटे दलों से फायदा नहीं होने पर गठबंधन तोड़ने की नसीहत दी

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी के सहयोगी दलों ने मुश्किलें बढ़ाना शुरू कर दिया है. हाल ही में यूपी सरकार में मंत्री और निषाद पार्टी के अध्यक्ष संजय निषाद ने छोटे दलों से फायदा नहीं होने पर बीजेपी को गठबंधन तोड़ने तक की नसीहत दी. उनके इस बयान को दबाव की राजनीति के तौर पर देखा जा रहा है. 

बीजेपी पर दबाव की इस राजनीति में संजय निषाद अकेले नहीं है. उनसे पहले अपना दल सोनेलाल पार्टी भी खुलकर अपने तेवर दिखा चुकी है. ऐसे में बीजेपी के सामने विधानसभा चुनाव से पहले अपने सहयोगियों को संभालने की चुनौती खड़ी हो गई है. 

संजय निषाद की दबाव की राजनीति

संजय निषाद ने हाल ही में पत्रकारों से बात करते हुए कह दिया कि अगर बीजेपी को उनसे गठबंधन करके कोई फायदा नहीं है तो वो गठबंधन तोड़ सकती है. लेकिन, अपने स्थानीय नेताओं से सहयोगी दलों पर हमले कराना बंद करे. नहीं तो आगे के लिए दोस्ती रखना मुश्किल होगा. 

उन्होंने ये बात सिर्फ निषाद पार्टी के लिए ही नहीं की बल्कि राष्ट्रीय लोकदल, ओम प्रकाश राजभर की सुभासपा को भी इससे जोड़ दिया. उन्होंने ये भी याद दिलाया कि 2019 सपा-बसपा के गठबंधन के बावजूद इन्हीं छोटे दलों बूते भाजपा ने जीत हासिल की थी. 

निषाद पार्टी की सियासी ताकत

संजय निषाद यूहीं बगावती तेवर नहीं दिखा रहे हैं. वो जानते हैं कि पश्चिमी यूपी से लेकर पूर्वांचल तक छोटे-छोटे दलों ने बीजेपी की जीत में बड़ी भूमिका निभाई है. साल 2022 में निषाद पार्टी ने बीजेपी के साथ मिलकर विधानसभा चुनाव लड़ा था. इस चुनाव में निषाद पार्टी को 6 सीटों पर जीत हासिल हुई. 

निषाद पार्टी भले ही छह सीटें जीती हो लेकिन गठबंधन की वजह से बीजेपी को प्रदेश की क़रीब 70 सीटों पर फायदा हुआ, जहां निषाद समाज का खासा प्रभाव  है. पूर्वांचल में निषाद मतदाता कई सीटों पर निर्णायक भूमिका निभाते हैं. संजय निषाद की वजह से उन्होंने एकमुश्त एनडीए के समर्थन में वोट दिया था. 

छोटे दलों ने बढ़ाई BJP की मुश्किल

संजय निषाद की नाराजगी की एक वजह से निषाद समाज को अनुसूचित जाति वर्ग में शामिल नहीं किया जाना भी है जिसे लेकर निषाद पार्टी समय-समय पर मांग भी करती आई है लेकिन, सत्ता में शामिल होने के बावजूद ये वादा पूरा नहीं हुआ है. निषाद पार्टी का डर है कि इसका खामियाजा आने वाले वक्त में पार्टी को उठाना पड़ सकता है. 

अपना दल सोनेलाल की बात करें इस पार्टी का मुख्य आधार कुर्मी समाज माना जाता है जिनका प्रभाव प्रदेश की 30-35 सीटों पर हैं. कुर्मी ओबीसी समाज की दूसरी सबसे बड़ी आबादी है. ऐसे में इन दलों की नाराजगी भाजपा को भारी पड़ सकती है.   

UP Weather Today: यूपी में आज कहीं हल्की बारिश, कहीं उमस भरी गर्मी का डेरा, अगले 24 घंटों में और बढ़ेगा पारा

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

अखिलेश यादव का बड़ा बयान, 'हम सब लोग मिलकर नीतीश कुमार को प्रधानमंत्री...'
अखिलेश यादव का बड़ा बयान, 'हम सब लोग मिलकर नीतीश कुमार को प्रधानमंत्री...'
Moradabad News: दिल दहला देने वाली वारदात, भाई ने बहन की चाकू से हत्या की, मां को भी किया घायल
मुरादाबाद में दिल दहला देने वाली वारदात, भाई ने बहन की चाकू से हत्या की, मां को भी किया घायल
टिहरी लेक फेस्टिवल में CM धामी का एडवेंचर अवतार, झील में जेट स्की का उठाया लुत्फ
टिहरी लेक फेस्टिवल में CM धामी का एडवेंचर अवतार, झील में जेट स्की का उठाया लुत्फ
Dehradun News: प्लॉट दिलाने के नाम पर शिक्षक से 20 लाख की ठगी, आरोपी के खिलाफ केस दर्ज
देहरादून में प्लॉट दिलाने के नाम पर शिक्षक से 20 लाख की ठगी, आरोपी के खिलाफ केस दर्ज

वीडियोज

UP News: Hathras में भयंकर सड़क हादसा Etah-Aligarh Highway पर स्कॉर्पियो ने बाइक में मारी टक्कर
Chitra Tripathi: बेटे Nishant की लॉन्चिंग के लिए Nitish Kumar ने BJP को सौंपी सत्ता? | JDU | Bihar
Bharat Ki Baat: बिहार में BJP से CM की रेस में कौन आगे, क्या होगा फॉर्मूला? | Nitish Kumar | JDU
Sandeep Chaudhary: बिहार का CM कौन...BJP क्यों है मौन? | Nitish Kumar | Bihar | BJP | JDU
Bihar Politics: दिल्ली में Nitish Kumar..बिहार में BJP? निषाद या महिला कौन होगी मुख्यमंत्री? | JDU

फोटो गैलरी

Petrol Price Today
₹ 94.77 / litre
New Delhi
Diesel Price Today
₹ 87.67 / litre
New Delhi

Source: IOCL

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
हिजबुल्लाह-हूती और हमास से बैलिस्टिक मिसाइल तक... सद्दाम हुसैन के बाद ईरान ने खुद को जंग के लिए कैसे किया था तैयार?
प्रॉक्सी नेटवर्क से बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन तक... सद्दाम हुसैन के बाद ईरान ने खुद को कैसे किया था तैयार?
फांसी घर विवाद: विशेषाधिकार समिति के सामने पेश हुए अरविंद केजरीवाल, 'मुझे खुशी होती अगर...'
फांसी घर विवाद: विशेषाधिकार समिति के सामने पेश हुए अरविंद केजरीवाल, 'मुझे खुशी होती अगर...'
दुश्मनों के बीच अकेला पड़ा ईरान! रूस और चीन क्यों मदद से पीछे हटे, 4 बड़ी वजहों से जानें पूरा खेल
दुश्मनों के बीच अकेला पड़ा ईरान! रूस और चीन क्यों मदद से पीछे हटे, 4 बड़ी वजहों से जानें पूरा खेल
'अपने संस्कारों से जुड़े हुए हैं', शादी के बाद रश्मिका संग ननिहाल पहुंचे विजय देवरकोंडा, मामा ने शेयर की फोटोज
'अपने संस्कारों से जुड़े हुए हैं', शादी के बाद रश्मिका संग ननिहाल पहुंचे विजय देवरकोंडा, मामा ने शेयर की फोटोज
IND vs NZ: क्या फाइनल में न्यूजीलैंड को हरा सकता है भारत? आंकड़ों से समझिए टीम इंडिया की जीत के कितने प्रतिशत चांस
क्या फाइनल में न्यूजीलैंड को हरा सकता है भारत? आंकड़ों से समझिए टीम इंडिया की जीत के कितने प्रतिशत चांस
'भारत को इस युद्ध की कीमत चुकानी पड़ेगी', इजरायल-US और ईरान की जंग पर राहुल गांधी ने मोदी सरकार को चेताया
'भारत को इस युद्ध की कीमत चुकानी पड़ेगी', इजरायल-US और ईरान की जंग पर राहुल ने सरकार को चेताया
Kurds In Iran: कौन हैं 4 मुस्लिम मुल्कों में रहने वाले कुर्द, जानें ईरान के लिए कैसे बन सकते हैं काल?
कौन हैं 4 मुस्लिम मुल्कों में रहने वाले कुर्द, जानें ईरान के लिए कैसे बन सकते हैं काल?
High Cholesterol: इस बीमारी में भी राहत देती है कोलेस्ट्रॉल की यह दवा, नई स्टडी में सामने आई चौंकाने वाली बात
इस बीमारी में भी राहत देती है कोलेस्ट्रॉल की यह दवा, नई स्टडी में सामने आई चौंकाने वाली बात
Embed widget