'एक ही डंडे से सबको हांकने...', UCC पर बोले देवबंद के उलेमा कारी इसहाक गोरा
सहारनपुर के देवबंद में उलेना कारी इसहाक गोरा ने UCC पर आपत्ति जताते हुए इसे देश की खूबसूरती के खिलाफ बताया और कहा कि बहुलवादी संस्कृति पर एक कानून थोपना पूरी तरह गलत है.

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने हाल ही में 2029 तक देश के 21 राज्यों जहां भारतीय जनता पार्टी और उनके सहयोगियों की सरकार है,उनमें यूनिफार्म सिविल कोड (UCC) लागू करने की बात कही है. जिसके बाद एक बार फिर इस पर राजनीति शुरू हो चुकी है. सहारनपुर में देवबंद के चर्चित उलेमा कारी इसहाक गोरा ने कहा कि यह देश की खूबसूरती के खिलाफ है.
उलेमा ने कहा कि विभिन्न धर्मों के लोग अपने-अपने धार्मिक कानूनों के अनुसार जीवन यापन करते हैं. उन्होंने कहा कि एक ही डंडे से सबको हांकने का प्रयास देश की बहुलवादी संस्कृति के विरुद्ध है. वे सहारनपुर में UCC के सवाल पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे थे, जहां उन्होंने यह बयान दिया.
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सभी धर्मो पर असर पड़ने का दावा
उलेमा क़ारी इसहाक़ गोरा ने यूसीसी पर सियासत को लेकर चिंता जताई और कहा कि देश की खूबसूरती इसी में है कि विभिन्न धर्मों के लोग अपने-अपने धार्मिक कानूनों के अनुसार जीवन यापन करते हैं. उन्होंने कहा कि एक ही डंडे से सबको हांकने का प्रयास देश की बहुलवादी संस्कृति के विरुद्ध है. गोरा ने यह भी स्पष्ट किया कि यूसीसी केवल मुसलमानों के खिलाफ नहीं, बल्कि सभी धर्मों के अनुयायियों पर प्रभाव डालेगा, इसलिए इसे गहराई से समझना जरूरी है. उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की कि यूसीसी लागू न किया जाए और देश की लोकतांत्रिक व बहुलवादी पहचान को बरकरार रहने दिया जाए.
बंगाल में मदरसों के बंद करने की निंदा की
पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्यभर में जून से शुरू हुए सर्वे के बाद 252 सहायताप्राप्त/अमान्यता प्राप्त मदरसों को बंद करने के आदेश दिए हैं, जबकि लगभग 100 अन्य को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं. कारी इसहाक़ गोरा ने बंगाल सरकार के इस कदम की आलोचना करते हुए कहा कि कुछ राजनीतिक पार्टियां मदरसों, मस्जिदों, मजारों और खानकाहों को टारगेट कर चुनावी लाभ उठाने की कोशिश कर रही हैं. उन्होंने कहा कि शिक्षा को आगे बढ़ाने के बजाय ऐसे संस्थानों पर कार्रवाई करना निंदनीय है और धर्म के नाम पर राजनीति नहीं होनी चाहिए.
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