'उनकी बेटी की शादी होगी...' विपक्ष के आरोपों पर केंद्रीय राज्य मंत्री एसपी सिंह बघेल का पलटवार
Prayagra Maha Kumbh 2025: सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने बीजेपी सरकार पर महाकुंभ में कुप्रबंधन के आरोप लगाए थे. उनके इस आरोप पर केंद्रीय मंत्री एस पी सिंह बघेल ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है.

Prayagraj News Today: उत्तर प्रदेश के प्रमुख विपक्षी दलों ने प्रयागराज महाकुंभ की व्यवस्थाओं में योगी सरकार पर बदइंतजामी के आरोप लगाए हैं. विपक्ष के आरोपों के पर केंद्रीय राज्य मंत्री एस पी सिंह बघेल ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है. उन्होंने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की तारीफ करते हुए कहा कि महाकुंभ ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं.
महाकुंभ 2025 में विपक्ष के कुप्रबंधन के आरोपों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए केंद्रीय राज्य मंत्री एस पी सिंह बघेल ने बेतुका उदाहरण दिया. उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि "मैं उनसे कहना चाहूंगा कि जब उनकी बेटी की शादी होगी और दो सौ या तीन सौ लोग बारात में आएंगे, तो उनकी धड़कनें बढ़ जाएंगी, उन्हें चिंता होगी."
केंद्रीय राज्य मंत्री एस पी सिंह बघेळ ने कहा, "फिलहाल महाकुंभ में तो पचास करोड़ लोग पहले ही आ चुके हैं. इसलिए निस्संदेह यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बहुत सफल प्रयास है." उन्होंने दावा किया कि "महाकुंभ ने पिछले सभी कुंभ आयोजनों के रिकॉर्ड तोड़ दिये हैं."
अखिलेश यादव ने लगाए थे ये आरोप
दरअसल, कल समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने महाकुंभ में बीजेपी सरकार के जरिये कुप्रबंधन के आरोप लगाए थे. सोशल मीडिया पर पोस्ट एक संदेश में अखिलेश यादव महाकुंभ भगदड़ में हुई मौत के आंकड़ों को छिपाने के आरोप लगाए थे. बीजेपी पर आरोप लगाते हुए उन्होंने 10 बिंदुओं का जिक्र करते हुए बदइंतजामी के आरोप लगाए थे.
अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर निशाना साधते हुए सोशल मीडिया पर लिखा, बीजेपी राज्य में 'महा-आयोजनों' से संबंधित हादसों और भाजपाइयों की त्रुटिपूर्ण नीतियों और उसके अंतर्निहित कारणों की क्रोनोलॉजी-
1. सबसे पहले किसी भी 'महा-आयोजन' को राजनीतिक दृष्टि से देखना और उसे अपने आत्म प्रचार व चुनावी फ़ायदा उठाने के लिए दुरुपयोग करना फिर वो चाहे धार्मिक आयोजन हो, सामाजिक, सांस्कृतिक या फिर कूटनीतिक.
2. 'महा-आयोजन' की व्यवस्था से ज़्यादा उसके प्रचार पर पैसा बहाना. उसके संबंध में मिथ्या प्रचार करके जनता में झूठ फैलाकर, जनता का भावनात्मक शोषण करना.
3. अहंकारी भाजपाइयों का अपने को ही 'महा-आयोजन' से जुड़ी हर बात का विशेषज्ञ समझकर मनमानी करना.
4. आत्मकेंद्रित होने की वजह से 'महा-आयोजन' से संबंधित पुर्वानुमानों की चुनौतियों की पूरी तरह उपेक्षा करना.
5. 'महा-आयोजन' के लिए चेतानेवाली दूसरे पक्ष की सलाह को अपनी आलोचना मानकर अस्वीकार कर देना.
6. 'महा-आयोजन' की कमियों की ओर इंगित करती ख़बरों को निजी आरोप समझकर उन पर हमलावर होना.
7. 'महा-आयोजन' में दुर्घटना होने पर सबसे पहले मीडिया प्रबंधन करके हादसे के समाचार को दबाना न कि दुर्घटना को स्वीकार करके राहत, बचाव व सुधार आपदा प्रबंधन करना.
8. 'महा-आयोजन' के हादसे में मरनेवालों और घायलों के आंकड़ों को छिपाना जिससे अपनी बदइंतजामी की कमी को कम-से-कम करके दिखाया जा सके. मृतकों के परिजनों को शव लेने के लिए दौड़ा-दौड़ा कर हताश निराश कर देना और उनसे मृत्यु की वजह कुछ और बताकर मामला रफ़ा-दफ़ा करना.
9. महा-आयोजन' में हादसा होने पर किसी और को उसके लिए ज़िम्मेदार ठहराकर ज़िम्मेदारी से अपना पल्ला झाड़ना या उसे साज़िश बताकर अपनी ख़ामियों पर परदा डालना.
10. 'महा-आयोजन' के हादसे से भाजपाइयों की आपसी राजनीति की खींचातानी का बढ़ जाना, एक का मना करना तो दूसरे का स्वीकार करना और अपने-अपने समर्थकों से एक-दूसरे पर कीचड़ उछलवाना.
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Source: IOCL





















