सपा नेता अमीक जामेई ने CM योगी पर पक्षपात का लगाया आरोप, कहा- प्रदेश सरकार ने जातिवाद को दिया बढ़ावा
UP News: समाजवादी पार्टी के नेता अमीक जामेई का योगी सरकार और पुलिस बल पर जुबानी हमला, कहा प्रदेश में दलित, पिछड़े और मुस्लिम समुदाय का प्रतिनिधित्व नगण्य है. जबकि सपा सरकार डाइवर्सिटी के पक्ष में है.

UP Politics: समाजवादी पार्टी के नेता अमीक जामेई ने उत्तर प्रदेश सरकार पर जातिवाद और पुलिस बल में पक्षपात के गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि राज्य में पुलिस विभाग में जातीय संतुलन नहीं है और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ केवल अपनी जाति के अधिकारियों को प्राथमिकता दे रहे हैं.
जामेई ने कहा कि 'डाइवर्सिटी इंडेक्स में यह स्पष्ट दिखता है कि दलित, पिछड़े और मुस्लिम समुदाय का प्रतिनिधित्व नगण्य है. चाहे वह थानेदार की नियुक्ति हो या कप्तान और डीएम की पोस्टिंग सभी में एक खास जाति को तरजीह दी जा रही है.' उन्होंने कहा कि दलित और मुस्लिम अधिकारियों को पुलिस अकादमी में भेज कर नजरअंदाज किया जा रहा है और उन्हें जिम्मेदारियों से दूर रखा जा रहा है.
जामेई ने विभाग निजीकरण को लेकर सरकार को घेरा
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री उन अधिकारियों पर भरोसा नहीं करते जो दलित या पिछड़ी जातियों से आते हैं. 'डीजीपी भी मुख्यमंत्री की मंशा के अनुसार ही काम कर रहे हैं, वे चाहें भी तो कोई स्वतंत्र निर्णय नहीं ले सकते.'
जामेई ने बिजली बिलों में बढ़ोतरी और विभाग के निजीकरण के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा. उन्होंने आरोप लगाया कि, 'भाजपा सरकार कॉर्पोरेट घरानों के हाथों में सार्वजनिक संस्थानों को बेचने का काम कर रही है. श्रीकांत शर्मा के मंत्री रहते हुए ही यूपीपीसीएल के निजीकरण की प्रक्रिया शुरू हो गई थी. अब बिजली की कटौती और दरों में बढ़ोतरी जनता पर बोझ बन रही है'.
सपा डाइवर्सिटी और सामाजिक न्याय की पक्षधर है- जामेई
उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा ग्रामीण और शहरी इलाकों में बिजली आपूर्ति बढ़ाने का वादा झूठा निकला और अब निजीकरण की आड़ में नौकरियां खत्म करने की साजिश चल रही है. अमीक जामेई ने साफ कहा कि समाजवादी पार्टी डाइवर्सिटी और सामाजिक न्याय की पक्षधर है और जातिवादी नीति का पुरजोर विरोध करती है.
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Source: IOCL


























