राम मंदिर के पहले CEO के लिए इंटरव्यू शुरू, जल्द होगा नाम का ऐलान
UP News: श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सूत्रों ने बताया कि उम्मीदवार पूर्वाह्न करीब नौ बजे राम मंदिर परिसर पहुंचे और इंटरव्यू की प्रक्रिया सुबह 10 बजे शुरू हुई.

अयोध्या के श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) की नियुक्ति के लिए अभ्यर्थियों का इंटरव्यू मंगलवार को शुरू हुआ. ट्रस्ट के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि एक उच्चाधिकारी प्राप्त समिति द्वारा 5200 आवेदकों में से चुने गए 18 उम्मीदवारों का इंटरव्यू लिया जा रहा है और यह प्रक्रिया बुधवार को भी जारी रह सकती है.
राम मंदिर से चढ़ावा की चोरी के आरोप सामने आने के बाद ट्रस्ट ने एक पूर्णकालिक सीईओ नियुक्त करने का फैसला किया था. अधिकारी ने बताया कि सभी 18 उम्मीदवार सोमवार देर रात अयोध्या पहुंचे और ट्रस्ट द्वारा बताई गई जगहों पर ठहरे. उन्होंने बताया कि इंटरव्यू की यह प्रक्रिया अयोध्या में राम मंदिर के तीर्थयात्री सुविधा केंद्र के सम्मेलन कक्ष में हो रही है.
मंदिर ट्रस्ट के सूत्रों ने बताया कि अगर मंगलवार को सभी उम्मीदवारों के इंटरव्यू पूरे नहीं हुए तो यह प्रक्रिया बुधवार को भी जारी रह सकती है. मंदिर ट्रस्ट के सूत्रों ने बताया कि उम्मीदवार पूर्वाह्न करीब नौ बजे राम मंदिर परिसर पहुंचे और इंटरव्यू की प्रक्रिया सुबह 10 बजे शुरू हुई. सूत्रों ने बताया, ‘‘प्रत्येक उम्मीदवार ने अयोध्या हवाई अड्डे पर अपने आने का कार्यक्रम ट्रस्ट को भेजा था जिसके बाद ट्रस्ट द्वारा उन्हें हवाई अड्डे से अलग-अलग गाड़ियों में अलग-अलग स्थानों पर ले जाया गया.’’
उन्होंने कहा, ‘‘इंटरव्यू राम मंदिर में हो रहा है और उम्मीदवारों को मीडिया से बात न करने का निर्देश दिया गया है. इंटरव्यू की प्रक्रिया पूरी होने के बाद, उन सभी को नयी दिल्ली की उड़ान में सवार होने के लिए वापस अयोध्या हवाई अड्डे ले जाया जाएगा. दिल्ली से वे अपनी-अपनी गंतव्यों के लिए उड़ान भरेंगे.’’
इंटरव्यू समिति में ये लोग हैं शामिल
सूत्रों के मुताबिक 18 उम्मीदवारों में पूर्व नौकरशाह और दक्षिण भारत के मंदिरों में वरिष्ठ पदों पर रहे लोग शामिल हैं. उन्होंने बताया कि इंटरव्यू समिति इन 18 आवेदकों में से तीन नाम तय करके मंदिर ट्रस्ट को भेजेगी और ट्रस्ट किसी एक नाम पर अंतिम निर्णय लेगा. इंटरव्यू समिति में सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति प्रमोद कोहली, लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) विष्णुकांत चतुर्वेदी और पूर्व वैज्ञानिक सुरेश हवारे शामिल हैं.




















