Prayagraj के डॉ. गुलाटी को मिला कारसेवा का इनाम, प्राण प्रतिष्ठा का न्योता मिला, अयोध्या धाम जाएंगे
Pran Pratishtha Invitation: डॉ. जगदीश गुलाटी और उनके भाई सतपाल गुलाटी ने कार सेवा के दौरान आंदोलन से जुड़े लोगों को खाने का सामान मुहैया कराया था.

Prayagraj News: अयोध्या में 22 जनवरी को होने वाले रामलला के प्राण प्रतिष्ठा समारोह के लिए उन कारसेवकों को भी न्योता दिया जा रहा है, जिन्होंने तीन दशक पहले मंदिर आंदोलन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था. इनमें एक नाम संगम नगरी प्रयागराज के बड़े शिक्षाविद और यूनाइटेड यूनिवर्सिटी के चांसलर डॉ. जगदीश गुलाटी का भी है. डॉ. जगदीश गुलाटी और उनके भाई सतपाल गुलाटी समेत पूरे गुलाटी परिवार ने कार सेवा के दौरान आंदोलन से जुड़े लोगों के भोजन के लिए राशन मुहैया कराने का बीड़ा उठाया था. यही नहीं, अपने ट्रांसपोर्ट के बिजनेस को करीब तीन साल तक पैसा कमाने का जरिया बनाने के बजाय कार सेवकों की मदद का हिस्सा बना दिया था. इसके चलते वह तत्कालीन सरकार के निशाने पर भी आ गए थे.
उस वक्त मंदिर आंदोलन की कमान संभालने वाले लोगों ने डॉ० जगदीश गुलाटी और उनके परिवार के इस योगदान को हमेशा याद रखा. उन्हें तमाम कार्यक्रमों में बुलाकर सम्मानित भी किया गया. अब जबकि करोड़ों दूसरे रामभक्तों की तरह मंदिर निर्माण पूरा होने का उनका सपना भी साकार होने जा रहा है, तो मंदिर ट्रस्ट ने प्राण प्रतिष्ठा किस समझ में शामिल होने वाले बेहद चुनिंदा लोगों में उनका नाम भी शामिल किया है. विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारियों ने पिछले दिनों ही ट्रस्ट का आमंत्रण कार्ड औपचारिक तौर पर उन तक पहुंचाया है.
डॉ जगदीश गुलाटी को मिला न्योता
प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल होने का न्यौता मिलने से डा० जगदीश गुलाटी और उनका पूरा परिवार बेहद खुश है. जगदीश गुलाटी का कहना है कि भगवान राम के मंदिर के लिए उन्होंने जो योगदान दिया था, उसको तीन दशक बाद भी याद रखा गया और उन्हें भी लोकार्पण व प्राण प्रतिष्ठा समारोह में बुलाया गया, यह उनके लिए बहुत बड़ा सम्मान है. हालांकि डॉ० जगदीश गुलाटी की सेहत इन दोनों ठीक नहीं है, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने अयोध्या जाने की तैयारी पूरी कर ली है. उन्होंने भगवा रंग की नई ड्रेस बनवाई है. इस ड्रेस पर रामलला का चित्र बना हुआ है.
न्योता मिलने से पूरा परिवार खुश
जगदीश गुलाटी ने कहा, ऐसे खास व यादगार पल का साक्षी बनकर वह अपना जीवन धन्य समझेंगे. हालांकि जगदीश गुलाटी को इस बात का मलाल है कि कार सेवा में उनके छोटे भाई सतपाल गुलाटी समेत परिवार के बाकी लोगों ने भी बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया था, राम नाम की धुन में मगन होकर परिवार ने ट्रांसपोर्ट के अपने चलते फिरते कारोबार को भी दांव पर लगा दिया था, लेकिन प्राण प्रतिष्ठा समारोह में उन्हें परिवार के बाकी सदस्यों को छोड़कर अकेले ही जाना पड़ेगा.
कारसेवा में दिया था बड़ा योगदान
डा० जगदीश गुलाटी के छोटे भाई और यूनाइटेड ग्रुप के वाइस चेयरमैन सतपाल गुलाटी ने परिवार को आमंत्रित किए जाने पर मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियो के साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ का भी आभार जताया है. उनका कहना है कि एक उद्योगपति होने के नाते सरकार से विचार विमर्श कर उनका परिवार अयोध्या के विकास में भी अपना योगदान देने के लिए तैयार है. सतपाल गुलाटी के मुताबिक कार सेवा के दौरान उनका परिवार आंदोलन में शामिल राम भक्तों के भोजन के इंतजाम में लगा रहता था. कारोबार में लगे ट्रकों के जरिए रात के अंधेरे में राशन व दूसरे सामान पहुंचाए जाते थे. कई बार खासी दिक्कतों का भी सामना करना पड़ा. ट्रांसपोर्ट का कारोबार भी बाद में बंद करना पड़ा. परिवार ने बाद में शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में काम करने का फैसला किया.
डा० जगदीश गुलाटी प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल होने के लिए एक दिन पहले 21 जनवरी को अयोध्या के लिए रवाना होंगे. अयोध्या से वह रामलला का प्रसाद लाकर अपने रिश्तेदारों व परिचितों में बाटेंगे. इतना ही नहीं प्राण प्रतिष्ठा समारोह के बाद पूरा परिवार साथ जाकर रामलला का दर्शन भी करेगा.






















