उत्तराखंड: बजट खत्म होते ही 2900 PRD जवानों की ड्यूटी समाप्त, हजारों स्वयंसेवकों पर रोजगार का संकट
Dehradun News: 2024 में चारधाम यात्रा के दौरान सुरक्षा, यातायात और व्यवस्था संचालन के लिए विभिन्न जिलों में पीआरडी स्वयंसेवकों की व्यापक तैनाती की गई थी. 32 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया था.

उत्तराखंड में प्रांतीय रक्षक दल (पीआरडी) स्वयंसेवकों से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है. बजट की कमी के चलते थानो और यातायात व्यवस्था में तैनात करीब 2900 पीआरडी जवानों की सेवाएं इस माह से समाप्त कर दी गई हैं. इससे बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है.
बताया जा रहा है कि वर्ष 2024 में चारधाम यात्रा के दौरान सुरक्षा, यातायात और व्यवस्था संचालन के लिए विभिन्न जिलों में पीआरडी स्वयंसेवकों की व्यापक तैनाती की गई थी. इसके लिए लगभग 32 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया था. हालांकि अब यह बजट समाप्त हो चुका है, जिसके चलते संबंधित जवानों को ड्यूटी से हटा दिया गया है.
सभी जिलों को निर्देश जारी
निदेशालय युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल की ओर से इस संबंध में सभी जिला युवा कल्याण अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं. निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि बजट उपलब्ध न होने के कारण अतिरिक्त रूप से तैनात पीआरडी जवानों की सेवाएं आगे जारी रखना संभव नहीं है.
10 हजार से अधिक PRD जवान रजिस्टर्ड
वर्तमान स्थिति की बात करें तो प्रदेश में कुल 10 हजार से अधिक पीआरडी स्वयंसेवक पंजीकृत हैं, जिनमें से अभी 7514 स्वयंसेवक विभिन्न विभागों में ड्यूटी पर कार्यरत हैं. इन स्वयंसेवकों की सेवाएं सचिवालय, विधानसभा, आबकारी विभाग, आरटीओ, मंडी समिति, जल संस्थान, शिक्षा विभाग और तकनीकी शिक्षा विभाग सहित कई सरकारी विभागों में ली जा रही हैं.
इन 7514 ड्यूटी पर तैनात पीआरडी स्वयंसेवकों में लगभग 6608 पुरुष और 908 महिलाएं शामिल हैं. हालांकि थानो और यातायात से हटाए गए 2900 जवानों की ड्यूटी समाप्त होने से विभागीय कार्यों और स्वयंसेवकों की आर्थिक स्थिति पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है.
PRD संगठन कर सकता है आंदोलन
इस पूरे मामले को लेकर पीआरडी स्वयंसेवकों में नाराजगी भी देखने को मिल रही है. प्रांतीय रक्षक दल हित संगठन की आज बैठक प्रस्तावित है, जिसमें आगे की रणनीति और आंदोलन जैसे विकल्पों पर निर्णय लिया जाएगा. संगठन का कहना है कि लंबे समय से पीआरडी जवान सीमित मानदेय में सेवाएं दे रहे हैं और बजट समाप्ति के नाम पर ड्यूटी से हटाया जाना उनके साथ अन्याय है.
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL























