शंकराचार्य Vs प्रशासन! अविमुक्तेश्वरानंद की प्रेस वार्ता के बाद सामने आए अफसर, बताया क्यों जानें से रोका
Swami Avimukteshwaranand News: पुलिस कमिश्नर ने कहा कि पुलिस और प्रशासन ने स्थिति को संभालने के लिए पूरी कोशिश की. बार-बार अनुरोध के बावजूद शंकराचार्य पालकी से उतरकर पैदल स्नान के लिए नहीं गए.

प्रयागराज माघ मेले में ज्योतिष पीठ शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से जुड़े विवाद को लेकर प्रयागराज मंडल की कमिश्नर सौम्या अग्रवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर प्रशासन का पक्ष स्पष्ट किया. उन्होंने कहा कि शंकराचार्य ने अपने स्नान कार्यक्रम की कोई पूर्व सूचना प्रशासन को नहीं दी थी. एक दिन पहले केवल दो वाहनों की अनुमति मांगी गई थी, जिसे प्रशासन ने स्पष्ट रूप से अस्वीकार कर दिया था.
कमिश्नर ने बताया कि अनुमति न मिलने के बावजूद शंकराचार्य इमरजेंसी त्रिवेणी पीपा पुल से अपने वाहन पर सवार होकर सैकड़ों अनुयायियों के साथ पहुंचे और बिना अनुमति बैरिकेडिंग तोड़ी. संगम नोज पर श्रद्धालुओं का अत्यधिक दबाव होने की जानकारी उन्हें दी गई थी, इसके बावजूद वहां भी बैरियर तोड़ा गया. अधिकारियों ने उनसे कई बार अनुरोध किया कि वे पालकी से उतरकर पैदल कुछ सीमित लोगों के साथ स्नान कर लें, लेकिन वे पालकी से नीचे नहीं उतरे और वापस चले गए.
सौम्या अग्रवाल ने साफ कहा कि किसी भी व्यक्ति को गंगा स्नान करने से नहीं रोका गया है. प्रशासन का दायित्व व्यवस्थाओं को बनाए रखना है ताकि कोई अप्रिय घटना न हो. श्रद्धालुओं की सुरक्षा और हित प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है. उन्होंने शंकराचार्य द्वारा लगाए गए हत्या की साजिश के आरोपों का भी सख्ती से खंडन किया.
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार प्रोटोकॉल नहीं दिया जा सकता
वहीं मेला अधिरकारी आईएएस ऋषि राज ने कहा कि बीते दिन प्रयागराज के लिए ऐतिहासिक रहा. उस दिन प्रयागराज पूरे विश्व का सबसे अधिक जनसंख्या वाला शहर बन गया. संगम में 4 करोड़ 52 लाख श्रद्धालुओं, संत-महात्माओं और कल्पवासियों ने स्नान किया. उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के 2022 के स्पष्ट आदेश के अनुसार शंकराचार्य को किसी प्रकार का विशेष प्रोटोकॉल नहीं दिया जा सकता. यदि मेला प्रशासन ऐसा करता, तो यह सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवहेलना होती.
ऋषि राज ने कहा कि उच्च अधिकारियों ने शंकराचार्य से लगातार अनुनय-विनय की, लेकिन उनके कारण लगभग तीन घंटे तक वापसी मार्ग अवरुद्ध रहा. उनके लिए किसी भी प्रकार के वाहन की अनुमति जारी नहीं की गई थी. मेला प्रशासन सभी साक्ष्य और सबूत एकत्र कर रहा है और उसी के आधार पर आगे कानूनी कार्रवाई की जाएगी. कल्पवासियों और श्रद्धालुओं का हित प्रशासन के लिए सर्वोपरि है.
मौनी अमावस्या का स्नान सकुशल संपन्न हुआ- डीएम प्रयागराज
डीएम प्रयागराज मनीष कुमार वर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में सुप्रीम कोर्ट के 2022 के आदेश का ऑपरेटिंग पार्ट पढ़कर सुनाया और कहा कि कोर्ट के आदेशों का पालन करना हर सरकारी सेवक की जिम्मेदारी है. उन्होंने बताया कि सभी के सहयोग से मौनी अमावस्या का स्नान सकुशल संपन्न हुआ.
अनुरोध के बावजूद शंकराचार्य पालकी से उतरकर नहीं गए
वहीं पुलिस कमिश्नर जोगिंदर कुमार ने कहा कि पुलिस और प्रशासन ने स्थिति को संभालने के लिए पूरी कोशिश की. बार-बार अनुरोध के बावजूद शंकराचार्य पालकी से उतरकर पैदल स्नान के लिए नहीं गए. उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति के कारण करोड़ों लोगों की जान जोखिम में नहीं डाली जा सकती थी, यही कारण था कि उन्हें रोका गया. प्रशासन ने दोहराया कि किसी को भी गंगा स्नान से नहीं रोका गया और सभी व्यवस्थाएं श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखकर की गई थीं.
Source: IOCL
























