अवैध वसूली में लिप्त सिपाहियों के खिलाफ हुई कड़ी कार्रवाई, जांच में सामने आई पूरी सच्चाई
ट्रक ड्राईवरों से वसूली करने के मामले में अधिकारी ने दो सिपाहियों को निलंबित कर दिया है। मामले की विवेचना सीओ ऋषिकेश को दी गई है। जबकि विभागीय जांच सीओ सदर करेंगे।

हरिद्वार, एबीपी गंगा। मित्र पुलिस कहलाने वाली उत्तराखंड पुलिस के कारनामे भी अपने आप में अनोखे हैं। हरिद्वार रोड पर मोतीचूर के पास ट्रक ड्राइवरों से वसूली करने का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। पूरा मामला जब एसएसपी अरुण मोहन जोशी तक पहुंचा तो उन्होंने रायवाला थाने से जांच कर रिपोर्ट पेश करने को कहा।
रिपोर्ट एसएसपी को सौंप दी गई जिसमें वसूली की बात सही पाई गई है। आरोपी सिपाहियों के खिलाफ रायवाला थाने में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। एसएसपी ने दोनों सिपाहियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित भी कर दिया है। मामले की विवेचना सीओ ऋषिकेश को दी गई है। जबकि विभागीय जांच सीओ सदर करेंगे।
जानकारी के अनुसार, कुछ दिन पहले सोशल मीडिया पर हरिद्वार रोड पर मोतीचूर क्षेत्र में ट्रकों से अवैध वसूली करते हुए दो सिपाहियों का वीडियो वायरल हुआ था। एक दिन पहले यह वीडियो एसएसपी अरुण मोहन जोशी को मिला। एसएसपी ने रायवाला के प्रभारी थानाध्यक्ष विनोद कुमार को प्रकरण की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा। जांच में पाया गया कि यह वीडियो सचिन सैनी निवासी प्रतीतनगर, रायवाला के द्वारा वायरल किया गया है।
पुलिस ने उससे मूल वीडियो कब्जे में लेते हुए मोतीचूर रेलवे फाटक पर लगे सीसीटीवी के फुटेज भी निकलवाए। दोनों में दिख रहे सिपाहियों के हुलिए से रायवाला थाने में तैनात सभी सिपाहियों से मिलान कराया। साथ ही ड्यूटी रजिस्टर में देखा गया कि सात सितंबर की रात मोतीचूर में किन सिपाहियों की ड्यूटी लगी थी। इसके बाद सिपाहियों की पहचान कांस्टेबिल प्रदीप कुमार व सुधांशु के रूप में हुई।

एसएसपी अरुण मोहन जोशी ने कहा कि अवैध वसूली या फिर अन्य किसी तरह की शिकायत मिलने पर संबंधित के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। मामले को देखते हुए दोनों सिपाहियों को सस्पेंड कर दिया गया है आगे मामले की जांच ऋषिकेश सीओ को सौंपी गई है।
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