ओम प्रकाश राजभर का अखिलेश यादव पर तीखा हमला, 'यादवों का इतिहास ही...'
UP Politics: ओम प्रकाश राजभर अखिलेश पर सवाल उठाते हुए लिखा, “अखिलेश जी, सच हमेशा कड़वा होता है. जब आपकी सरकार थी, तब भी गरीब यादव गरीब ही थे और आज भी बड़ी संख्या में वही हाल है.

उत्तर प्रदेश सरकार के पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव को इतिहास का पाठ पढ़ाया है. शनिवार को उन्होंने अपने ऑफिशियल एक्स हैंडल पर पोस्ट करते हुए न केवल सपा सुप्रीमो की बहुजन समाज के प्रति समझ को सीमित करार दिया है. उन्होंने अपनी पोस्ट में इस बात को प्रमुखता से रखा है कि यादवों का इतिहास ही बहुजन समाज का इतिहास नहीं है.
उनके अनुसार बहुजन समाज का असली इतिहास उन महान विभूतियों का है जिन्होंने संघर्ष किया, बलिदान दिया और समाज को दिशा दी, जिसमें महाराजा सुहेलदेव राजभर,अवंती बाई लोधी,भगवान बिरसा मुंडा,झलकारी बाई,ऊदा देवी,डॉ० भीमराव अंबेडकर,कांशीराम आदि प्रमुख हैं.
10 असली क्रांतिकारियों के नाम गिनाने में भी कठिनाई हो जाए
ओम प्रकाश राजभर ने अपने ऑफिशियल X हैंडल पर एक पोस्ट में अखिलेश पर सवाल उठाते हुए लिखा, “अखिलेश जी, सच हमेशा कड़वा होता है. जब आपकी सरकार थी, तब भी गरीब यादव गरीब ही थे और आज भी बड़ी संख्या में वही हाल है. बहुजन और गैर-यादव पिछड़ा समाज को इतिहास पढ़ाने से पहले यह समझ लीजिए कि यादवों का इतिहास ही बहुजन समाज का इतिहास नहीं है. शायद आपको खुद अपने इतिहास के 10 असली क्रांतिकारियों के नाम गिनाने में भी कठिनाई हो जाए, और कृपया ऐसे नाम न दीजिए जो अपराध की वजह से जाने गए हों.”
दो-दो हजार बीघा जमीन वाले जमींदार कब ‘वंचित’ और ‘बहुजन’ बन गए
इसी पोस्ट में उन्होंने आगे लिखा है, “बहुजन समाज का असली इतिहास उन महान विभूतियों का है जिन्होंने संघर्ष किया, बलिदान दिया और समाज को दिशा दी, महाराजा सुहेलदेव राजभर,अवंती बाई लोधी,भगवान बिरसा मुंडा,झलकारी बाई,ऊदा देवी,डॉ० भीमराव अंबेडकर,कांशीराम यही असली प्रेरणा हैं, यही बहुजन चेतना के स्तंभ हैं-न कि सत्ता में बैठे कुछ परिवारों का राजनीतिक इतिहास. दो-दो हजार बीघा जमीन वाले जमींदार कब ‘वंचित’ और ‘बहुजन’ बन गए-यह सवाल आज हर जागरूक नागरिक पूछ रहा है, जिसे पप्पू यादव जैसे नेता भी कई बार उठा चुके हैं.”
जाग चुका है बहुजन समाज
उन्होंने अपनी पोस्ट में आगे लिखा है, “अब बहुजन समाज जाग चुका है. अब वह अपने अधिकारों के लिए खड़ा है. अब वह पहचान चुका है कि कौन उसके हक का सौदा करता रहा और कौन उसके साथ खड़ा है. यह सदी गैर-यादव पिछड़ा और बहुजन समाज के उत्थान की सदी है. अब हक मिलेगा, सम्मान मिलेगा और भागीदारी भी तय होगी. जय महाराजा सुहेलदेव राजभर, जय सुभासपा,जय भारत.”
दुख की घड़ी में हंसी-ठिठोली दर्शाती है दोहरा रवैया
पिछले कई दिनों से अखिलेश यादव पर लगातार हमले कर रहे हैं. शुक्रवार को उन्होंने अखिलेश यादव पर आरोप लगाया कि वे गैर-यादव अति-पिछड़े समाज के परिवार की दुख की घड़ी में भी हंसी-ठिठोली कर रहे थे. दरअसल, हरदोई जिले में 13 अप्रैल को शिल्पी कुशवाहा की हत्या कर दी गई थी. मामले में पुलिस ने आरोपी ऋषभ द्विवेदी और उसके पिता प्रमोद द्विवेदी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है.
अखिलेश यादव हरदोई पहुंचे थे
इसी क्रम में बृहस्पतिवार को अखिलेश यादव हरदोई पहुंचे थे, जहां वे शिल्पी कुशवाहा के घर गए. अखिलेश यादव जब शिल्पी कुशवाहा के घर पहुंचे तो वहां कार्यकर्ताओं से बातचीत के दौरान हंसते-मजाक करते नजर आए. यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.
उल्लेखनीय है कि वह पहले भी अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी पर गैर-यादव ओबीसी जातियों की हकमारी का आरोप लगाते रहे हैं. उन्होंने कई बार दावा किया है कि सपा की सरकार में यादव परिवार को ही सत्ता और सुविधाओं का लाभ मिलता है, जबकि अन्य पिछड़ी और अति-पिछड़ी जातियों को उनका हक नहीं दिया जाता.
























