बस्ती में भ्रष्टाचार पर बड़ा वार! 10 हजार की रिश्वत लेते कानूनगो रंगे हाथ गिरफ्तार, तहसील में मचा हड़कंप
Basti News In Hindi: इस बड़ी कार्रवाई से पूरी तहसील और राजस्व महकमे में हड़कंप मच गया है. कानूनगो ने एक पीड़ित से उसकी ही जमीन की पैमाइश और राजस्व आख्या आगे बढ़ाने के नाम पर मोटी रकम की मांग की थी.

उत्तर प्रदेश सरकार की भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत बस्ती जिले में एक बड़ी और सनसनीखेज कार्रवाई देखने को मिली है. गोरखपुर से आई एंटी करप्शन की विशेष टीम ने सदर तहसील में तैनात राजस्व निरीक्षक (कानूनगो) अशरफीलाल को 10,000 रूपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया.
इस बड़ी कार्रवाई से पूरी तहसील और राजस्व महकमे में हड़कंप मच गया है. आरोपी कानूनगो ने एक पीड़ित से उसकी ही जमीन की पैमाइश और राजस्व आख्या आगे बढ़ाने के नाम पर मोटी रकम की मांग की थी.
क्या है पूरा मामला ?
मामला सदर तहसील क्षेत्र का है, जहां के निवासी शिकायतकर्ता आसमान सिंह का अपनी भूमि से जुड़ा एक विवाद चल रहा था. पीड़ित अपनी जमीन की पैमाइश कराने और उस पर कानूनी राजस्व कार्रवाई को आगे बढ़वाने के लिए पिछले काफी समय से तहसील के चक्कर काट रहा था. आरोप है कि इस काम के लिए सदर तहसील में तैनात कानूनगो अशरफीलाल ने सीधे तौर पर काम करने से मना कर दिया और मामले को रफा-दफा करने व पैमाइश की रिपोर्ट लगाने के एवज में ₹10,000 की घूस मांगी. पीड़ित आसमान सिंह भ्रष्ट तंत्र के आगे झुकने और रिश्वत देने के पक्ष में नहीं था. उसने हिम्मत दिखाते हुए इसकी लिखित शिकायत एंटी करप्शन संगठन के गोरखपुर दफ्तर में दर्ज कराई.
एंटी करप्शन टीम ने बनाई रणनीति
शिकायत मिलने के बाद एंटी करप्शन विभाग के उच्चाधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लिया. सबसे पहले गोपनीय तरीके से शिकायतकर्ता और आरोपी कानूनगो के बीच हुई बातचीत और शिकायत के तथ्यों का सत्यापन कराया गया. जब यह पुष्टि हो गई कि कानूनगो वाकई में रिश्वत की मांग कर रहा है, तो टीम ने आरोपी को रंगे हाथों दबोचने के लिए एक पुख्ता रणनीति तैयार की.
तय योजना के मुताबिक, एंटी करप्शन की टीम ने शिकायतकर्ता आसमान सिंह को केमिकल (फिनॉल्फथलीन पाउडर) लगे हुए 10,000 रूपये के नोट दिए और उसे कानूनगो के पास भेजने की व्यवस्था की.
रिश्वत लेते ही टीम ने दबोचा
शिकायतकर्ता आसमान सिंह आरोपी कानूनगो अशरफीलाल के पास तय रकम देने पहुंचा, एंटी करप्शन की टीम भी सादे कपड़ों में तहसील परिसर और उसके आसपास मुस्तैद हो गई. इस पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए टीम ने पहले से ही दो स्वतंत्र सरकारी गवाहों को अपने साथ रखा था.
जैसे ही आसमान सिंह ने ₹10,000 की रकम कानूनगो अशरफीलाल के हाथों में थमाई, वैसे ही पहले से घात लगाकर बैठी एंटी करप्शन की टीम ने झपट्टा मारकर आरोपी कानूनगो को मौके पर ही दबोच लिया. टीम ने तत्काल उसके पास से घूस की रकम बरामद कर ली.
पूरी घटनाक्रम की कराई गयी वीडियोग्राफी
गिरफ्तारी के बाद एंटी करप्शन की टीम आरोपी को लेकर स्थानीय थाने पहुंची. वहां जब दो स्वतंत्र गवाहों और पुलिसकर्मियों के सामने आरोपी कानूनगो के हाथ सोडियम कार्बोनेट के घोल से धुलवाए गए, तो पानी का रंग तुरंत गहरा गुलाबी हो गया. यह इस बात का वैज्ञानिक और पुख्ता सबूत है कि आरोपी ने केमिकल लगे नोटों को अपने हाथों से छुआ था. इस पूरी कार्रवाई की बकायदा वीडियोग्राफी भी कराई गई है ताकि न्यायालय में आरोपी बच न सके.
तहसील परिसर में मचा हड़कंप
एंटी करप्शन टीम की इस कार्रवाई के बाद सदर तहसील के अन्य कर्मचारियों और दलालों में हड़कंप मच गया और कई लोग तहसील छोड़कर खिसक गए. पुलिस ने आरोपी राजस्व निरीक्षक अशरफीलाल के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की सुसंगत और गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है. आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है और उसे विशेष भ्रष्टाचार निवारण कोर्ट में पेश करने के लिए ले जाया जा रहा है.
शिकायतकर्ता ने बताया कि वे अपनी ही जमीन के जायज काम के लिए महीनों से परेशान था. कानूनगो बिना पैसे लिए फाइल आगे बढ़ाने को तैयार नहीं था. इसलिए उसने ठान लिया था कि कानूनगो को सबक सिखाऊंगा. एंटी करप्शन टीम ने बहुत सहयोग किया और आज एक भ्रष्ट अधिकारी सलाखों के पीछे है.
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