नोएडा इंजीनियर मौत मामला: चश्मदीद का दावा, बयान बदलने का दबाव बना रही पुलिस
Noida Engineer Death Case: मोनिंदर ही वही व्यक्ति है जिसने रस्से के सहारे पानी में कूदकर युवराज को बचाने की कोशिश की थी, लेकिन वहां खड़ी पुलिस और फायर ब्रिगेड तमाशबीन बनी रही.

उत्तर प्रदेश के नोएडा में सेक्टर-150 में 16 जनवरी की रात सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के बाद जहां पुलिस-प्रशासन की कार्रवाई तेज हुई है. वहीं घटना के चश्मदीद डिलीवरी बॉय मोनिंदर सिंह ने यह कहकर सनसनी फैला दी है कि उस पुलिस बयान बदलने के लिए दबाब डाल रही है. यह बात खुद मोनिंदर ने मंगलवार को मीडिया से बातचीत में कही है, उसने अपने ऊपर बयान बदलने का प्रेशर बताया.
मोनिंदर ही वही व्यक्ति है जिसने रस्से के सहारे पानी में कूदकर युवराज को बचाने की कोशिश की थी, लेकिन वहां खड़ी पुलिस और फायर ब्रिगेड तमाशबीन बनी रही. मोनिंदर के मुताबिक जब उसने यही बात बयान में कही तो मुझपर दबाब डाला जा रहा है. इस घटना से नोएडा पुलिस-प्रशासन पर भी कई सवाल खड़े हो रहे हैं.
बेसमेंट सीज था तो प्राधिकरण ने इसे भरा क्यों नहीं
एनडीटीवी से बातचीत करते हुए मोनिंदर ने बताया कि नोएडा प्राधिकरण ने यह बेसमेंट सीज किया था तो इसे भरा क्यों नहीं गया? यह बड़ा सवाल है. अब एक युवक को बचाया नहीं जा सका तो मुझ पर बयान बदलने के लिए दबाब डाला जा रहा है. उसने बताया कि उसे थाने बुलाया गया और धमकाया गया कि पुलिस के खिलाफ बयान क्यों दे रहा. मोनिंदर ने बताया कि पुलिस घटना के वक़्त मौजूद थी, लेकिन पानी में क्यों नहीं उतरी, अगर समय रहते बचाव कार्य शुरू होता तो बचाया जा सकता था.
CEO और JE पर कार्रवाई
मामले के तूल पकड़ने के बाद प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए नोएडा अथॉरिटी के एक जूनियर इंजीनियर को बर्खास्त कर दिया और बिल्डर के खिलाफ FIR दर्ज की और CEO को हटाया गया. इसके साथ ही SIT का गठन भी किया गया है. लेकिन मोनिंदर सिंह के आरोपों ने अब पुलिस की भूमिका पर सवाल खड़े कर दिए हैं. मोनिंदर के बयान पर अभी पुलिस के तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.
Source: IOCL


























