नोएडा जिला अस्पताल में बड़ी लापरवाही, ऑपरेशन के बाद आंख में तीन लेंस छोड़े, जांच कमेटी गठित
UP News: नोएडा में आंख के ऑपरेशन के दौरान सरकारी अस्पताल के डॉक्टर पर घोर लापरवाही बरतने और खराब ऑपरेशन करने का आरोप लगा है. मामले की जांच के लिए कमेटी गठित कर दी गई है.

नोएडा जिला अस्पताल से एक बार फिर बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है. आंख के ऑपरेशन के दौरान सरकारी अस्पताल के डॉक्टर पर घोर लापरवाही बरतने और खराब ऑपरेशन करने का आरोप लगा है. पीड़ित का दावा है कि उसकी एक ही आंख का दो बार ऑपरेशन कर दिया गया और तीसरी बार डॉक्टर ने साफ कह दिया कि अब यह आंख कभी ठीक नहीं हो सकती.
पीड़ित स्वराज सिंह ने बताया कि उनकी आंख में पहले चोट लगने के बाद इलाज AIMS में चला था. एम्स में आंख की ओरिजिनल लेंस निकल चुकी थी. इसके बाद वह एम्स के इलाज से जुड़े कागजात लेकर नोएडा जिला अस्पताल पहुंचे. वहां डॉक्टर ने आश्वासन दिया कि आंख में लेंस डाली जा सकती है, लेकिन यह लेंस अस्पताल में उपलब्ध नहीं है और बाहर से मंगवानी पड़ेगी.
डॉक्टर ने बाहर से लेंस मंगवाकर किया ऑपरेशन
पीड़ित स्वराज सिंह ने यह भी बताया कि, डॉक्टर ने उन्हें एक नंबर दिया और कहा कि उसी व्यक्ति से संपर्क कर लें. फोन करने पर उस व्यक्ति ने 8,500 रुपये में लेंस उपलब्ध कराई. लेंस लाने के बाद डॉक्टर ने कहा कि यह डल जाएगी और ऑपरेशन किया गया.
डॉक्टर ने दोबारा कर दिया उसी आंख का ऑपरेशन
पीड़ित का आरोप है कि जिला अस्पताल में उनकी आंख का पहला ऑपरेशन 18 नवंबर 2025 को किया गया. ऑपरेशन के बाद डॉक्टर ने अगले दिन यानी 19 नवंबर को फिर बुलाया और दोबारा उसी आंख का ऑपरेशन कर दिया. इसके बाद उन्हें एक हफ्ते बाद बुलाया गया. एक हफ्ते बाद जब स्वराज सिंह अस्पताल पहुंचे तो डॉक्टर ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि अब इस आंख का कोई इलाज नहीं है और आप कहीं भी दिखा सकते हैं.
जिला अस्पताल में गलत इलाज करने का आरोप
आरोप है कि इसके बाद पीड़ित ने एक निजी अस्पताल में इलाज कराया. वहां डॉक्टरों ने दोबारा ऑपरेशन किया और आंख से तीन लेंस निकालीं. निजी अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि जिला अस्पताल में गलत तरीके से ऑपरेशन किया गया, जिसकी वजह से आंख की हालत और खराब हुई.
वहीं, इस मामले पर जिला अस्पताल के सीएमएस अजय राणा ने बताया कि मरीज की शिकायत प्राप्त हुई है. उन्होंने कहा कि मरीज का पूर्व में एम्स में भी इलाज चल चुका है. पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए एक आंतरिक जांच कमेटी गठित कर दी गई है. जांच रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी.
Source: IOCL






















