महाकुंभ: 45 दिनों में 185 जगहों पर लगी थी आग, फायर ब्रिगेड की मुस्तैदी से नहीं हुई जनहानि
महाकुंभ 2025 को सुरक्षित बनाने में यूपी अग्नि शमन विभाग ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. यूपी अग्निशमन विभाग ने 45 दिनों के आयोजन में 185 अग्नि दुर्घटनाओं पर बिना किसी जन हानि के काबू पाया.

Mahakumbh 2025: तीर्थराज प्रयागराज के संगम तट पर विश्व के सबसे बड़े मानवीय समागम महाकुंभ में 66 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालुओं ने पवित्र संगम में स्नान किया. चार हजार हेक्टेयर में बसे और 25 सेक्टर में बंटे महाकुंभ नगर में रोजाना औसतन एक करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु संगम तट पर आ रहे थे. ऐसे में यूपी अग्मिशमन विभाग ने अपने अत्याधुनिक उपकरणों और मुस्तैदी से महाकुंभ जैसे महाआयोजन में बिना किसी जन हानि के अग्नि दुर्घटनाओं पर काबू पाया.
साथ ही लगभग साढ़े सोलह करोड़ रूपये से अधिक की धन हानि को भी बचाया. महाकुंभ में आग लगने की दो दर्जन बड़ी घटनाओं के साथ ही कुल 185 घटनाएं हुईं. रोजाना औसतन चार जगहों पर आग लगती थी, जिन पर फायर ब्रिगेड कर्मचारियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए काबू पाया. फायर कर्मियों की सक्रियता ने सीएम योगी की सुरक्षित महाकुंभ की परिकल्पना को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.
24 अग्नि दुर्घटनाओं की स्थिति थी गंभीर
यूपी अग्नि शमन विभाग के महाकुंभ के सीएफओ प्रमोद शर्मा ने बताया कि 185 में से 24 अग्नि दुर्धटनाएं गंभीर स्थिति की थी, जिनमें काबू पाने में कुछ टेंट और तम्बू जल गये लेकिन किसी भी तरह की जनहानि नहीं हुई. जबकि 86 के करीब छिटपुट अग्निजनित दुर्घटनाएं भी हुईं जिन पर आसानी से काबू पा लिया गया.
उन्होंने बताया कि महाकुंभ के दौरान सबसे बड़ी अग्नि दुर्घटना 19 जनवरी को मेले के सेक्टर-19 में सिलेंडर के फटने से हुई थी, लेकिन उसमें भी विभाग ने पूरी मुस्तैदी से सभी श्रद्धालुओं और कल्पवासियों को रेस्क्यू करते हुए कम से कम समय में काबू पा लिया था. महाकुंभ के दौरान लगभग 16.5 करोड़ रुपये की धन हानि को प्रत्यक्ष तौर पर बचाया गया. इसके साथ ही आठ से नौ पशुओं को भी आग की चपेट में आने से सफलता पूर्वक बचाया गया.
25 सेक्टरों में बनाए गए थे अग्निशमन केंद्र
सुरक्षित महाकुंभ की परिकल्पना के अनुरूप मेला क्षेत्र के 25 सेक्टरों में 50 अग्निशमन केंद्र, 20 अग्निशमन चौकियां स्थापित की गई थीं. मेले के दौरान 2,200 प्रशिक्षित अग्नि कर्मी प्रत्येक सेक्टर में तैनात रहे. अग्नि शमन विभाग के सीएफओ प्रमोद शर्मा ने बताया कि महाकुंभ में 351 अग्निशमन वाहन सहित अत्याधुनिक अग्निशमन उपकरणों की भी व्यवस्था की गई थी.
इसके साथ ही वीडियो और थर्मल इमेजिंग कैमरों से सुसज्जित 4 आर्टिकुलेटिंग वाटर टावर, क्विक रिस्पांस व्हीकल, ऑल-टेरेन व्हीकल (एटीवी), अग्निशमन रोबोट और फायर मिस्ट बाइक शामिल थीं. साथ ही हाउसबोट और पांटून पुलों पर आग बुझाने के लिए नदी के पानी का उपयोग करने में सक्षम अग्निशमन नावें भी उपयोग में लाई गईं. इसी का परिणाम था कि महाकुंभ के इस विशाल आयोजन में हुई अग्नि दुर्घटनाओं के बाद भी बिना किसी जन हानि के रेस्क्यू करने में अग्नि शमन विभाग ने सफलता पाई.
ये भी पढ़ें: अमेठी: शराब बिक्री का लाइसेंस पाने के लिए आगे आईं महिलाएं, 21 से 85 साल तक महिलाओं ने किया आवेदन
Source: IOCL






















