अमेठी: शराब बिक्री का लाइसेंस पाने के लिए आगे आईं महिलाएं, 21 से 85 साल तक महिलाओं ने किया आवेदन
UP News: अमेठी में शराब बिक्री का लाइसेंस पाने के लिए महिलाएं आगे आई हैं. आवेदन करने वालों में 40 प्रतिशत महिलाएं शामिल हैं. खास बात यह है कि इनमें 85 साल की बुजुर्ग महिला का नाम शामिल है.

Amethi News: उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भले ही महिलाये शराब बिक्री का विरोध करतीं हो लेकिन अमेठी में आबकारी दुकान का लाइसेंस पाने के लिए महिला बढ़कर चढ़कर आगे आई हैं. 21 साल से लेकर 85 साल की बुजुर्ग महिलाओं ने शराब बिक्री दुकानों के लिए आवेदन किया है. जिले के आबकारी विभाग की माने तो आवेदन करने वालों में 40 प्रतिशत महिलाएं है.
दरअसल प्रदेश सरकार की नई आबकारी नीति की मदद से रोजगार की तलाश में जुटी महिला अब शराब का लाइसेंस पाने की जुगत में है. अब तक शराब पीने और बिक्री का विरोध करने वाली महिलाओं ने बढ़कर चढ़ कर आवेदन कर लोगों की मानसिकता बदल दी है. आबकारी विभाग की तरफ से एक मॉडल शॉप समेत 85 कंपोजिट, 142 देशी शराब और सात भांग की दुकान के लिए आवेदन मांगा गया था. आवेदन में भारी भरकम फीस भी वापस नहीं होने के बावूजद विभाग के पास 1307 लोगों ने 2907 आवेदन किया.
21 साल की बहु से लेकर 85 साल की दादी ने किया आवेदन
इन आवेदन करने वाले में वैसे तो पुरूष व महिला का कोई वर्ग निर्धारित नहीं किया था. आवेदनों की जांच में आबकारी अधिकारी व कर्मचारी उस समय चौंक गए जब बड़ी संख्या में महिलाओं के आवेदन करने की जानकारी हुई. 21 साल की बहू समेत 85 साल की दादी ने आबकारी की दुकान का लाइसेंस प्राप्त करने के लिए आवेदन किया है. हालाकि कितनी महिलाओं को आबकारी दुकान का लाइसेंस मिलेगा. यह तो छह मार्च को ई-लाटरी के बाद पता चलेगा. लेकिन एक बात तो सामने आई कि रोजगार व आय बढ़ाने के लिए महिला स्वयं को पुरूष से किसी भी कीमत में पीछे रहने को तैयार नहीं है.
विभाग को हुई 15 करोड़ रुपये की आय
आबकारी विभाग राजस्व एकत्र करने के मामले में हमेशा अव्वल रहता है. वह चाहे शराब की बिक्री से मिली आय हो. वित्तीय वर्ष समाप्त होने से पहले आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के कारण विभाग को मार्च महीने में करीब 15 करोड़ रूपये की आय आवेदन शुल्क के लिए मिली है. यह ऐसी आय है जो विभाग को वापस भी नहीं करनी है.
जिला आबकारी अधिकारी अखिलेश कुमार आर्य ने बताया कि आबकारी नीति में महिला लाइसेंस को प्राप्त कर सकती है. लेकिन लाइसेंस मिलने के बाद बिक्री के लिए उन्हें दुकान पर पुरूष सेलमेन रखना होगा. 6 मार्च को ई-लाटरी से लाइसेंस धारक का चयन किया जाएगा. ई-लाटरी के दौरान आवेदक को ही मौजूद रहने की अनुमति मिलेगी. प्रक्रिया पूरी होने के बाद एनआईसी पोर्टल सहित कार्यालय में चुने गए आवेदकों की सूची चस्पा होगी.
(अखिलेश माही की रिपोर्ट)
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