एक्सप्लोरर

BJP के खिलाफ अखिलेश यादव के सबसे बड़े प्लान का केशव प्रसाद मौर्य ने क्यों किया समर्थन, कहीं ये मजबूरी तो नहीं?

Lok Sabha Election 2024: उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने पिछड़ी राजनीति को बढ़ावा देते हुए अप्रत्याशित घटनाक्रम में जाति आधारित जनगणना की विपक्ष की मांग का समर्थन किया है.

Caste Census: उत्तर प्रदेश में क्षेत्रीय दलों द्वारा जाति आधारित जनगणना का मुद्दा उठाए जाने के साथ ही राजनीति का 'मंडल' ब्रांड लगभग तीन दशकों के बाद हिंदी पट्टी में वापसी करने के लिए तैयार है. प्रदेश के मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) को प्रतीत होता है कि 2024 में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के किले में सेंध लगाना मुश्किल है, क्योंकि तब तक राम मंदिर तैयार हो जाएगा और बीजेपी का हिंदुत्व मुद्दा पहले की तरह सिर उठाएगा. राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहले ही 2024 के चुनावी मुद्दों पर अपनी मंशा जाहिर कर चुके हैं.

समाजवादी पार्टी ने अब अंकगणित को 85 बनाम 15 में बदलने के लिए जातिगत जनगणना कार्ड खेला है. 85 ओबीसी और दलित हैं और 15 उच्च जातियां हैं. राष्ट्रीय जातीय जनगणना की मांग को केंद्र सरकार की हालिया अस्वीकृति ने सपा को जाति कार्ड खेलने और बीजेपी को कटघरे में खड़ा करने के लिए मजबूर कर दिया है. बीजेपी का मानना है कि ऐसी कोई भी कवायद जाति आधारित सामाजिक और राजनीतिक भावनाओं को भड़काएगी और हिंदुत्व-राष्ट्रवादी मुद्दे को नुकसान पहुंचाएगी. जाति हमेशा भारतीय लोकतंत्र का एक आंतरिक घटक रही है.

बीजेपी के एक वरिष्ष्ठ पदाधिकारी कहते हैं, किसी की जाति राजनीतिक शक्ति, भूमि, और पुलिस या न्यायिक सहायता तक पहुंच को नियंत्रित कर सकती है. जातियां कुछ क्षेत्रों में स्थानीय होने के कारण स्थानीय राजनीति को भी प्रभावित करती हैं. जातिगत जनगणना कुछ लोगों में जाति की भावनाओं को बढ़ा सकती है. उन्होंने कहा, इससे झड़पें हो सकती हैं. राजनीतिक दल विशिष्ट जातियों के हितों का प्रतिनिधित्व करेंगे और नीति निर्माण की समावेशिता खत्म हो जाएगी.

दूसरी ओर, समाजवादी पार्टी का मानना है कि जातिगत जनगणना में ओबीसी की गणना से विभिन्न राज्यों में उनकी संख्या के बारे में ठोस आंकड़े उपलब्ध होंगे. विभिन्न राज्य संस्थानों में ओबीसी की हिस्सेदारी की जांच के लिए इन आंकड़ों का उपयोग किया जाएगा. एक सपा नेता ने कहा, यह स्पष्ट है कि सत्ता के अधिकांश क्षेत्रों, जैसे कि न्यायपालिका, शैक्षणिक संस्थान और मीडिया सामाजिक अभिजात वर्ग द्वारा नियंत्रित हैं. इन क्षेत्रों में दलित-बहुजन समूहों की मामूली उपस्थिति है. विभिन्न संस्थानों में ओबीसी-दलित का प्रतिनिधित्व उनकी जनसंख्या के अनुरूप नहीं है. जातीय जनगणना से सामाजिक रूप से हाशिए पर रहने वाले समूहों के बीच एक नई राजनीतिक चेतना उभरेगी, जो उन्हें सामाजिक न्याय के लिए एक नया आंदोलन शुरू करने के लिए मजबूर कर देगी.

केशव प्रसाद मौर्य का भी है समर्थन
दिलचस्प बात यह है कि उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने पिछड़ी राजनीति को बढ़ावा देते हुए अप्रत्याशित घटनाक्रम में जाति आधारित जनगणना की विपक्ष की मांग का समर्थन किया है. विपक्ष इस मुद्दे पर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को घेरने की योजना बना रहा है. मौर्य ने कहा, मैं इसके लिए पूरी तरह तैयार हूं. उन्होंने कहा, न तो मैं और न ही मेरी पार्टी इस विषय पर विपक्ष में हैं.

UP Politics: अखिलेश यादव और मायावती का ये दांव BJP के वोटों में लगा सकता है सेंध, अनुप्रिया पटेल का भी है समर्थन

हालांकि, उनके पास इस बात का कोई जवाब नहीं है कि उत्तर प्रदेश ने अभी तक बिहार के उदाहरण का अनुसरण क्यों नहीं किया है, जहां जातिगत जनगणना की घोषणा की गई है. बता दें कि केशव प्रसाद मौर्य की गिनती यूपी के कद्दावर ओबीसी नेताओं में की जाती है. इस मुद्दे पर सक्रिय भूमिका निभा रही सपा ने कहा, 'जाति जनगणना की मांग का समर्थन कर बीजेपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद ने अब केंद्र और यूपी में अपनी ही पार्टी की सरकारों पर सवाल खड़ा कर दिया है.'

सपा ने बनाई है ये रणनीति
समाजवादी पार्टी अपने गैर-यादव ओबीसी चेहरे स्वामी प्रसाद मौर्य का इस्तेमाल हिंदू महाकाव्य 'रामचरितमानस' में पिछड़ों के कथित अपमान के मुद्दे को उठाकर पिछड़ों और दलितों से जोड़ने के लिए करती रही है और साथ ही साथ जातिगत जनगणना की मांग भी करती रही है. पार्टी ने बड़ी चालाकी से जाति को धर्म से जोड़ दिया है और उसे इसके आगे बढ़ने की उम्मीद है.

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

खराब मौसम के बीच भी चमोली पहुंचे CM धामी, रेस्क्यू ऑपरेशन का लिया जायजा
खराब मौसम के बीच भी चमोली पहुंचे CM धामी, रेस्क्यू ऑपरेशन का लिया जायजा
Chamoli Tunnel Accident Live: टनल हादसे के बाद चमोली पहुंचे CM धामी, रेस्क्यू ऑपरेशन का किया निरीक्षण
Live: टनल हादसे के बाद चमोली पहुंचे CM धामी, रेस्क्यू ऑपरेशन का किया निरीक्षण
UP Election 2027: यूपी की इस सीट पर कांग्रेस ने की दावेदारी तो नहीं दे पाएंगे अखिलेश? 2022 चुनाव में मिले थे 780 वोट
यूपी की इस सीट पर कांग्रेस ने की दावेदारी तो नहीं दे पाएंगे अखिलेश? 2022 चुनाव में मिले थे 780 वोट
उत्तराखंड में अगले 3 दिन भारी बारिश का अलर्ट, पहाड़ों पर बढ़ा भूस्खलन का खतरा
उत्तराखंड में अगले 3 दिन भारी बारिश का अलर्ट, पहाड़ों पर बढ़ा भूस्खलन का खतरा

वीडियोज

Pawan Singh की शादी पर Radhe Maa का बड़ा Prediction, 45 की उम्र में मिलेगी Loving Wife!
Ramayana के VFX Trolls पर Ranbir Kapoor का जवाब, बोले- लोग CG Critics बन गए हैं
Pati Brahmachari:😍Isha-Suraj के बीच दिखी केमिस्ट्री, पर इस खुशी के पीछे का राज क्या? #sbs
Bollywood News: संजू-सलमान की जोड़ी! फिल्म में सलमान खान और संजय दत्त का धमाकेदार स्पेशल एक्शन कैमियो देखने को मिलेगा (13.08.26)
Batwara 1947 vs Awarapan 2: Screens की लड़ाई में कौन मारेगा बाजी?

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
जाति, कोविड वैक्सीन...जनगणना में पूछे जाएंगे ये 40 सवाल, नोटिफिकेशन जारी
जाति, कोविड वैक्सीन...जनगणना में पूछे जाएंगे ये 40 सवाल, नोटिफिकेशन जारी
15 अगस्त से पहले दिल्ली पुलिस ने जारी की ट्रैफिक एडवाइजरी, ये रास्ते रहेंगे बंद
15 अगस्त से पहले दिल्ली पुलिस ने जारी की ट्रैफिक एडवाइजरी, ये रास्ते रहेंगे बंद
Spider Man BO Day 15: तीसरे थर्सडे स्पाइडर मैन की घटी कमाई, लेकिन 8 करोड़ और कमाते ही रच देगी इतिहास
तीसरे थर्सडे स्पाइडर मैन की घटी कमाई, लेकिन 8 करोड़ और कमाते ही रच देगी इतिहास
ODI डेब्यू पर स्कॉटलैंड के खिलाड़ी ने रचा इतिहास, क्रिकेट में ऐसा करने वाले सिर्फ चौथे खिलाड़ी बने
ODI डेब्यू पर स्कॉटलैंड के खिलाड़ी ने रचा इतिहास, क्रिकेट में ऐसा करने वाले सिर्फ चौथे खिलाड़ी बने
TMC के 20 बागियों की बढ़ने वाली है टेंशन! ममता बनर्जी ने लिया बड़ा फैसला
TMC के 20 बागियों की बढ़ने वाली है टेंशन! ममता बनर्जी ने लिया बड़ा फैसला
Best Solar Panel: कौन-सा सोलर पैनल बनाता है सबसे ज्यादा बिजली? समझें पूरा गणित
कौन-सा सोलर पैनल बनाता है सबसे ज्यादा बिजली? समझें पूरा गणित
Uttarakhand Tunnel Accident: चमोली टनल हादसे में 7 मजदूरों की मौत, मृतकों-घायलों के नाम आए सामने
चमोली टनल हादसे में 7 मजदूरों की मौत, मृतकों-घायलों के नाम आए सामने
गमले में अदरक उगाना सीखें, बाजार से नहीं लाना पड़ेगा
गमले में अदरक उगाना सीखें, बाजार से नहीं लाना पड़ेगा
Embed widget