पूर्व भारतीय क्रिकेटर को कोर्ट से बड़ी राहत, आपराधिक मामले में बरी
Jacob Martin: भारत के पूर्व क्रिकेटर जैकब मार्टिन को पटियाला कोर्ट ने एक आपराधिक मामले में बरी कर दिया है. 54 वर्षीय जैकब ने 1999 से 2001 के बीच टीम इंडिया के लिए 10 वनडे इंटरनेशनल मैच खेले हैं.

पूर्व भारतीय क्रिकेटर जैकब मार्टिन को कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. 22 साल पुराने एक आपराधिक मामले में पटियाला हाउस कोर्ट ने उन्हें सभी आरोपों से बरी कर दिया है. उनके ऊपर भारतीय दंड सहिंता की धाराओं 420, 468, 471, 120बी और पासपोर्ट अधिनिया की धारा 12 के तहत आरोप लगाए गए थे. बता दें कि मार्टिन ने भारत के लिए 1999 से 2001 के बीच 10 वनडे मैच खेले थे.
मार्टिन जैकब के ऊपर नकली इमिग्रेशन स्टैम्प, फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन और ट्रेवल अरैंजमेंट के आरोप साबित नहीं हुए. फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन या अज्वा स्पोर्ट्स शलूब पर उनके मालिकाना हक़ या कंट्रोल के बारे में कोर्ट को कोई ठोस सबूत नहीं मिले. गवाह भी आरोप साबित नहीं कर सके.
जैकब मार्टिन को कोर्ट ने बरी कर दिया, जिसके बाद मीडिया से बात करते हुए पूर्व क्रिकेटर ने बताया कि 2004 में उनके ऊपर ये केस हुआ था जब उनकी टीम का एक सदस्य यूके में वीजा खत्म होने के बाद भी रुका और नकली इमिग्रेशन स्टैम्प लेकर भारत लौट आया. उन्होंने बताया कि ओरिजिनल FIR में उनका नाम भी नहीं था, लेकिन इन्वेस्टिगेशन में उनका नाम जोड़ा गया. उनका मानना था कि ये इसलिए क्योंकि वह एक इंटरनेशनल क्रिकेटर थे.
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केस की वजह से गई नौकरी
जैकब मार्टिन ने बताया कि इस केस में उनकी रेलवे की नौकरी भी चली गई और 22 साल पुराने इस केस ने उन्हें बहुत स्ट्रेस भी दिया. उन्होंने कहा कि केस में बरी होने से राहत मिली है और ये उनकी जिंदगी का एक टर्निंग पॉइंट है.
मार्टिन ने बताया, "2024 में मेरी टीम यूके खेलने गई थी, एक लड़के को छोड़कर सभी वापस आ गए और जो यूके में रह गया वो 6 महीने रुक सकता था क्योंकि वीजा की समय सीमा 6 महीने की थी. लेकिन वह 6 महीने से ज्यादा रुका और उसने किसी के जरिए जाली स्टैंपिंग करवा ली. जब वह भारत आया तो IGI एयरपोर्ट पर उसे पकड़कर पूछताछ की गई."
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उन्होंने आगे कहा, "FIR में मेरा नाम नहीं था, लेकिन जांच आगे बढ़ी और मेरा नाम इसमें जोड़ दिया गया क्योंकि मैं भारत के लिए इंटरनेशनल क्रिकेक्ट खेल चुका था. इन वर्षों में मुझे BCCI से कोई भी जवाब नहीं मिला, मेरी रेलवे की नौकरी भी चली गई. मैं काफी स्ट्रेस में था, लेकिन इस फैसले के बाद मुझे राहत मिली है.

















