कानपुर लेंबोर्गिनी केस ड्राइवर मोहन की सरेंडर वाली अर्जी खारिज, पुलिस ने शिवम को ही बताया आरोपी
Kanpur Lamborghini Case: पुलिस द्वारा जब्त की गई गाड़ी की रिहाई को लेकर भी कोर्ट में अर्जी दाखिल की गई थी. इस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने पुलिस को निर्देश दिया है कि वाहन का तकनीकी मुआयना कराया जाए.

कानपुर लेंबोर्गिनी केस में कथित ड्राइवर मोहन द्वारा दाखिल आत्मसमर्पण अर्जी को अदालत ने खारिज कर दिया है. कोर्ट ने यह फैसला पुलिस की रिपोर्ट का संज्ञान लेने के बाद सुनाया हैं. इसके साथ ही कोर्ट ने स्पष्ट किया कि पुलिस की विवेचना में मोहन का किसी भी रूप में उल्लेख नहीं है, इसलिए वह इस मामले में आत्मसमर्पण करने का दावा नहीं कर सकता.
वहीं इस मामले में पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में शिवम मिश्रा को आरोपी ड्राइवर बताया है. कोर्ट ने कहा कि जांच एजेंसी की आधिकारिक रिपोर्ट के आधार पर ही न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ेगी. ऐसे में जिस व्यक्ति का नाम विवेचना में दर्ज ही नहीं है, उसकी आत्मसमर्पण याचिका स्वीकार करने का कोई औचित्य नहीं बनता.
गाड़ी रिलीज करने पर विचार करेगा कोर्ट
इसी प्रकरण में जब्त की गई गाड़ी की रिहाई को लेकर भी अदालत में अर्जी दाखिल की गई थी. इस पर सुनवाई करते हुए न्यायालय ने पुलिस को निर्देश दिया है कि वाहन का तकनीकी मुआयना कराया जाए. मुआयना रिपोर्ट अदालत में प्रस्तुत किए जाने के बाद ही गाड़ी रिलीज करने पर विचार किया जाएगा. अदालत ने स्पष्ट किया कि वाहन की वर्तमान स्थिति, यांत्रिक हालत और किसी संभावित छेड़छाड़ की जांच आवश्यक है, ताकि आगे की कार्यवाही तथ्यों के आधार पर हो सके.
जांच रिपोर्ट को ही प्राथमिक मान रही है अदालत
इस सुनवाई के दौरान पुलिस पक्ष ने यह भी कहा कि आरोपी ड्राइवर शिवम मिश्रा को पहले अदालत के समक्ष पेश होकर विधिक प्रक्रिया का पालन करना होगा. पुलिस के अनुसार, आरोपी के समर्पण और जमानत प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही वाहन रिलीज किए जाने पर आगे की कार्रवाई संभव होगी. फिलहाल मोहन की आत्मसमर्पण अर्जी खारिज होने से यह साफ हो गया है कि अदालत जांच रिपोर्ट को ही प्राथमिक आधार मानते हुए आगे बढ़ रही है.
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