Kanpur News: ग्रीन पार्क स्टेडियम के भविष्य पर खतरा! क्रीड़ा अधिकारी बोले- 11 महीने में बदल देंगे सूरत
UP News: ग्रीन पार्क स्टेडियम पर खतरों के बादल मंडरा रहे हैं जिसके चलते कानपुर को कोई भी बड़ा मैच नहीं दिया गया. स्टेडियम में कई बड़ी समस्याएं है जो इस बार मैच न मिलने की वजह साबित हुई है.

Kanpur Green Park: कानपुर का ग्रीन पार्क किसी परिचय का मोहताज नहीं है. देश के बड़े बड़े क्रिकेट मैच इस स्टेडियम की पर खेले गए. कानपुर के ग्रीन पार्क स्टेडियम में मैच होने से पहले ही व्यवस्थाएं अव्यवस्थाओं में घिरी हैं, क्योंकि पिछली बार जब इस स्टेडियम में भारत बांग्लादेश का मैच आयोजित हुआ था तो यहां बारिश के चलते ड्रेनेज सिस्टम ध्वस्त था और ग्राउंड पर भरे पानी को समय से इन्ही निकाला जा सका था. स्टेडियम में सी बालकनी पूरी तरह से जर्जर है जिस पर दर्शकों को बैठाया नहीं जा सकता है.
साल 2025 में नवंबर और दिसंबर में होने वाले घरेलू क्रिकेट मैच सीरीज का कार्यक्रम जारी होने के बाद इस बात की तस्वीर साफ हो चुकी है कि कानपुर के ग्रीन पार्क स्टेडियम को बड़े मैचों से इस बार दूर क्यों रखा गया है. कानपुर प्रीमियर लीग के समापन पर कानपुर पहुंचे बीसीसीआई उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने भी कुछ दिन पहले इस तस्वीर को साफ कर बता दिया था कि जब तक यहां स्टेडियम की सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं की जाएगी, तब तक एक मैच भी मिलना मुश्किल हैं.
क्षेत्रीय खेल अधिकारी ने कहा- मुझे मिले और समय
क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी विजय कुमार ने बताया कि उन्हें बहुत कम समय दिया गया. इस स्टेडियम की सूरत बदलने के लिए अब मै महज कुछ दिन में रिटायर हो जाऊंगा लेकिन सरकार मुझे सिर्फ 11 महीने के लिए मेरे कार्यकाल में बढ़ोतरी करा दे तो मैं इस स्टेडियम की काया कल्प कर दूंगा. मुझे इस कार्य समय विस्तार के दौरान सरकार से एक रुपया तनख्वा भी नहीं चाहिए.
उनके मुताबिक, पिछले अधिकारियों ने सरकार की आंखों में धूल झोंकी है, किसी ने कभी कोई काम नहीं किया. न ही खराब व्यवस्था को लेकर सरकार को कोई प्रपोजल दिया. सरकार पैसा बहा रही है, तब अधिकारी काम नहीं कर रहे है. अगर ग्रीन पार्क स्टेडियम की सूरत बदलनी है और ग्रीन पार्क को अंतराष्ट्रीय क्रिकेट मैच की मेजबानी का मौका मिले तो मुझ पर भरोसा करना होगा.
बेनतीजा रही यूपीसीए और प्रशासन की बैठक
वहीं कानपुर का जिला प्रशासन और यूपीसीए ने एक साथ कई बैठकें भी की स्टेडियम की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने की चर्चा हुई लेकिन नतीजा जीरो रहा. ग्रीन पार्क की व्यवस्थाओं को लेकर मुद्दा लोकसभा सदन में भी उठाया गया. कानपुर से बीजेपी सांसद रमेश अवस्थी ने भी इसकी चर्चा की लेकिन हालात जस के तस बने हुए हैं. यूपी के एक मात्र टेस्ट सेंटर ग्रीन पार्क ड्रेनेज सिस्टम और पवेलियन की जजर्र हालत ने इस बार अंतराष्ट्रीय मैचों से शहर की दूरी कायम कर दी.
ये भी पढ़ें: BJP से नोटिस मिलने के बाद नंदकिशोर गुर्जर की पहली प्रतिक्रिया, कहा- अच्छी बात है अब कम से कम मैं....
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL






















