CSJM यूनिवर्सिटी के छात्रों के लिए विदेश में पढ़ने का सुनहरा मौका, इन देशों के साथ किया MOU साइन
CSJM University News: कानपुर विश्वविद्यालय का शुमार देश के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में होता है. यहां के छात्रों को नए अवसर उपलब्ध कराने के लिए विश्वविद्यालय ने दो देशों के साथ MOU साइन किया है.

Kanpur News Today: कानपुर विश्वविद्यालय में पढ़ाई करने वाले छात्रों को विदेश में पढ़ने का सपना साकार होने वाला है. इसके तहत यहां के छात्रों को मलेशिया और ओमान जैसे देशों में पढ़ाई करने का मौका मिल सकता है. कानपुर विश्वविद्यालय ने मलेशिया और ओमान के साथ एक एमओयू साइन किया है.
इस एमओयू के बाद कानपुर विश्वविद्यालय के छात्र मलेशिया और ओमान में पढ़ाई कर सकेंगे, जबकि इन दोनों देशों के छात्र यहां आकर पढ़ाई कर सकेंगे. अगर छात्र छात्राएं पीएचडी करना चाहते हैं, तो उनके लिए भी यह सुविधा रहेगी. वैसे तो कानपुर विश्वविद्यालय का कई अलग-अलग देशों के साथ समझौता हुआ है, लेकिन इस नए समझौते से शिक्षा को बढ़ावा देने के साथ बाहर देश में जाकर पढ़ाई करने और वहां के कल्चर को समझने का मौका भी मिलेगा.
छात्रों को मिलेंगे नए अवसर
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक दूसरे देश के छात्र शिक्षा के लिए एक्सपोजर खोजते हैं, ऐसे में कानपुर विश्वविद्यालय की ओर से की गई पहल से छात्रों के लिए नए अवसर खुलेंगे. छात्र छात्राओं का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शिक्षा और तकनीक से आमना सामना भी होगा. इसके साथ जिस ट्रेड और कोर्स को छात्र करना चाहेंगे उनके लिए यहां से वहां तक अवसर खुले रहेंगे.
नई शिक्षा नीति के तहत अब कानपुर विश्वविद्यालय के छात्र दूसरे देशों में अध्ययन के लिए जा रहे हैं. दूसरी तरफ विदेशी छात्र सीएसजेएमयू में पढ़ाई करके भारतीय संस्कृति, रहन-सहन और शिक्षा नीति को करीब से देखने और समझने का मौका मिलेगा.
कानपुर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर विनय पाठक के मुताबिक, इस समझौते से कानपुर विश्वविद्यालय के छात्र छात्राएं मलेशिया और ओमान के विश्वविद्यालय में जाकर शिक्षा ले सकते हैं. साथ ही ऑनलाइन कोर्सेज भी कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि इसी तरह से मलेशिया और ओमान से बच्चे भी सीएसजेएमयू में आकर पढ़ाई कर सकते हैं.
'विदेशी छात्रों को मिलेंगी सभी सुविधा'
कुलपति प्रोफेसर विनय पाठक ने बताया कि विदेश से आने वाले छात्र-छात्राओं को रुकने और रहने के लिए हर तरह की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी. उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय में संचालित ऑनलाइन कोर्सेज को विदेशी छात्र अपने देश में रहकर एडमिशन लेकर पढ़ाई कर सकते हैं. सीएसजेएमयू के कुशल शिक्षक इस ऑनलाइन प्रक्रिया में शामिल होकर बच्चों को डिस्टेंस लर्निंग कराएंगे.
वर्तमान में सीएसजेएमयू के छात्र अलग- अलग देशों के विश्वविद्यालयों में पढ़ाई कर रहे हैं. इसका मुख्य उद्देश्य छात्रों को अंतराष्ट्रीय स्तर अवसर उपलब्ध कराना है, जिससे वे दूसरे देशों की आधुनिक नई तकनीकों, शिक्षा प्रणालियों और अन्य क्षेत्रों के बारे में जानकारी हासिल कर सकें. इससे उन्हें न सिर्फ अपने देश में बल्कि दुनिया भर में रोजगार के अवसर प्राप्त करने में मदद मिलेगी. फिलहाल यह समझौता अलग- अलग देशों को एकजुट रहने ओर आपसी संबंधों को बेहतर बनाने की एक कवायद है.
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