हरीश रावत ने बांग्लादेश की स्थिति पर जताई गहरी चिंता, कही ये बड़ी बात
Uttarakhand News: उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने बांग्लादेश में बढ़ती कट्टरपंथी गतिविधियों को लेकर चिंता व्यक्त की है. ये मामला दोनों देश के लिए अहम है.

Harish Rawat: उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने बांग्लादेश में बढ़ती कट्टरपंथी गतिविधियों और धर्मनिरपेक्ष ताकतों पर हो रहे हमलों को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है. उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से लेख लिखा है, जिसमें उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में धर्मनिरपेक्ष और भारत-समर्थक समूहों को चुन-चुनकर निशाना बनाया जा रहा है. उनकी हत्याएं की जा रही हैं, उनके घर जलाए जा रहे हैं, और उन्हें गिरफ्तार किया जा रहा है. रावत ने यह भी कहा कि हिंदू समुदाय पर अत्याचार की घटनाएं थमी नहीं हैं, बल्कि उनका स्वरूप बदल गया है.
रावत ने भारत के बांग्लादेश मुक्ति संग्राम में दिए गए योगदान को याद करते हुए कहा कि उस संघर्ष के लिए भारत ने भारी कीमत चुकाई है. उन्होंने कहा कि यदि बांग्लादेश की लड़ाई में भारी खर्च नहीं उठाना पड़ता, तो उस समय देश में भीषण महंगाई नहीं आती. महंगाई के कारण गुजरात से लेकर बिहार तक जन आंदोलन खड़े हुए, जो बाद में राजनीतिक आंदोलनों में बदल गए.
गढ़वाल, कुमाऊं और गोरखा रेजीमेंट के सैनिकों ने दिया बलिदान
इन आंदोलनों के दौरान सेना और पुलिस से केंद्र सरकार के निर्देश न मानने का आह्वान किया गया, जिसके परिणामस्वरूप देश में आपातकाल लागू हुआ. रावत ने कहा कि इस दौरान हमारे हजारों लोगों और सैनिकों ने बलिदान दिया, जिसमें गढ़वाल, कुमाऊं और गोरखा रेजीमेंट के सैनिक भी शामिल थे.
रावत ने अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य पर भी चिंता व्यक्त की. उन्होंने कहा कि अमेरिका का ध्यान इज़राइल-हमास युद्ध, ईरान के परमाणु बम बनाने के प्रयास, रूस-यूक्रेन संघर्ष पर है, लेकिन हिंद महासागर में उभर रहे नए आतंकवाद के गढ़ की ओर उनकी चिंता नहीं है. उन्होंने वर्तमान बांग्लादेश सरकार के नेतृत्व की ओर इशारा करते हुए कहा कि वे अमेरिका समर्थित हैं.
बांग्लादेश मुद्दे पर ट्रंप से बात करें पीएम मोदी
रावत ने उम्मीद जताई कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी अमेरिका यात्रा के दौरान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बांग्लादेश के कट्टर इस्लामीकरण पर चर्चा करेंगे. उन्होंने आग्रह किया कि प्रधानमंत्री बांग्लादेश के लोकतांत्रिक संविधान की रक्षा करने और आईएसआई तथा जमाते इस्लामी जैसे आतंकी समूहों से सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अमेरिका से सहयोग मांगें.
रावत की ये टिप्पणियां ऐसे समय में आई हैं जब बांग्लादेश में हाल के वर्षों में धर्मनिरपेक्ष ब्लॉगरों, लेखकों, और अल्पसंख्यक समुदायों पर हमलों की घटनाएं बढ़ी हैं. इन घटनाओं ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान आकर्षित किया है, लेकिन रावत का मानना है कि इस मुद्दे पर और अधिक ठोस कार्रवाई की आवश्यकता है.
बांग्लादेश में लोकतंत्र की रक्षा के लिए आगे आएं अंतरराष्ट्रीय समुदाय
रावत ने भारत और बांग्लादेश के ऐतिहासिक संबंधों पर जोर देते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संबंध हैं, और भारत ने बांग्लादेश की स्वतंत्रता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में बढ़ती कट्टरपंथी गतिविधियां न केवल बांग्लादेश के लिए, बल्कि पूरे क्षेत्र की स्थिरता के लिए खतरा हैं.
रावत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि वे बांग्लादेश में लोकतंत्र और धर्मनिरपेक्षता की रक्षा के लिए आगे आएं. उन्होंने कहा कि यदि समय रहते इन मुद्दों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो इसका प्रभाव पूरे दक्षिण एशिया की स्थिरता पर पड़ सकता है.
रावत की ये टिप्पणियां बांग्लादेश में बढ़ती कट्टरपंथी गतिविधियों और अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमलों के प्रति भारत में बढ़ती चिंता को दर्शाती हैं. यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि भारत सरकार और अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस मुद्दे पर क्या कदम उठाते हैं.
























