हरिद्वार जमीन घोटाले में विजिलेंस की छापेमारी, अलग-अलग ठिकानों पर साक्ष्यों की तलाश में जुटी टीम
Haridwar News: हरिद्वार ज़मीन घोटाले मामले में आज विजिलेंस की टीम ने अलग-अलग जगहों पर छापेमारी की. इस दौरान उन तमाम साक्ष्यों और सबूतों को जुटाने की कोशिश की जा रही है, जिससे घोटाले की परतें खुल सके.

उत्तराखंड के हरिद्वार में हुए चर्चित जमीन घोटाले मामले में विजिलेंस ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी हैं. शुक्रवार को इस मामले में विजिलेंस की टीम ने अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी की. इस मामले में जिन लोगों के नाम FIR में शामिल हैं, उनके ठिकानों पर सर्च की कार्रवाई शुरू कर दी गई है.
सूत्रों के अनुसार, विजिलेंस टीम दस्तावेजों और साक्ष्यों की तलाश में अलग-अलग ठिकानों पर पहुंची है. CO हर्षवार्धिनी सुमन की जांच के बाद इस पूरे प्रकरण में कार्रवाई ने रफ्तार पकड़ी है. बताया जा रहा है कि उनकी जांच रिपोर्ट में कई अहम तथ्य सामने आए थे. इस प्रकरण में कुछ लोगों पर विभागीय कार्रवाई हुई है, जबकि कुछ के खिलाफ FIR दर्ज की गई है.
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हरिद्वार ज़मीन घोटाले में छापेमारी
विजिलेंस टीम आज सुबह तड़के आईएएस वरुण चौधरी के दिल्ली स्थित आवास पर भी सर्च के लिए पहुंची. जिसके बाद टीम ने जमीन से जुड़े दस्तावेज, फाइलें और अन्य अहम साक्ष्य खंगाले हैं. इस छापेमारी के दौरान उन तमाम साक्ष्यों और सबूतों को जुटाने की कोशिश की जा रही है, जिससे इस घोटाले की परतें खुल सके.
अहम साक्ष्य और सबूत जुटाने में जुटी टीम
इससे पहले गुरुवार को विजिलेंस ने इस मामले में संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के ख़िलाफ मुकदमा दर्ज किया था. छापेमारी की इस कार्रवाई पर विजिलेंस मुख्यालय से सीधी मॉनिटरिंग की जा रही है.
बता दें कि हरिद्वार के इस जमीन घोटाले को लेकर लंबे समय से सवाल उठ रहे थे. विजिलेंस की सक्रियता से साफ संकेत है कि जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच रही है. आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे सामने आ सकते हैं. अब सबकी नजर इस बात पर है कि सर्च कार्रवाई में विजिलेंस के हाथ क्या-क्या अहम तथ्य लगते हैं.
बता दें कि हरिद्वार के इस जमीन घोटाले को लेकर लंबे समय से सवाल उठ रहे थे. विजिलेंस की सक्रियता से साफ संकेत है कि जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच रही है. आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे सामने आ सकते हैं. अब सबकी नजर इस बात पर है कि सर्च कार्रवाई में विजिलेंस के हाथ क्या-क्या अहम तथ्य लगते हैं.























