Hapur News: गढ़मुक्तेश्वर नगर पालिका ने 41 लोगों को भेजा मकान खाली करने का नोटिस, DM ने शुरू की जांच
UP News: गढ़मुक्तेश्वर में नगर पालिका ने इंद्रानगर कॉलोनी में 41 लोगों को मकान खाली करने का नोटिस भेजा है. हालांकि, अब अधिकारियों ने इस मामले में जांच शुरु कर दी है.

Hapur News: उत्तर प्रदेश के जनपद हापुड़ के तहसील गढ़मुक्तेश्वर में नगर पालिका अधिकारियों की बड़ी लापरवाही सामने आई है. स्याना चौपला स्थित रेलवे लाइन के पास बसी इंद्रानगर कॉलोनी में नगर पालिका अधिकारियों ने करीब 41 मकानों को मकान खाली करने का नोटिस जारी किया है. खास बात यह है कि इनमे से लगभग एक दर्जन मकान प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनाए गए हैं. यहां की कुल आबादी लगभग दो हजार बताई जा रही है. अब उन लोगों को अपना आशियाना छिन जाने का डर सता रहा है.
नगर पालिका ने अधिवक्ता के माध्यम से भेजे गए नोटिस में इंद्रानगर कॉलोनी के 41 मकान स्वामियों पर नगर पालिका की करीब 10 बीघा तालाब की भूमि पर कब्जा कर अनधिकृत रूप से मकान बनाने का आरोप लगाया है. नोटिस मिलने के बाद यहां रहने वाले लोग काफी परेशान हैं.
स्थानीय लोगो ने कहा- चालीस साल से बसी है आबादी
इंद्रा नगर मोहल्ले के लोगों ने बताया कि नगर पालिका जिस भूमि को तालाब की भूमि बता रही है. उस पर करीब 40 साल से आबादी बसी हुई है. इतना लंबा समय बीतने पर भी नगरपालिका के अधिकारियों व कर्मचारियों को अब तक इस जमीन के सरकारी होने की जानकारी नहीं हो सकी थी. यहां पर रहने वाले वीर सिंह, कमला, महावीर सिंह, गंगा राम, रामपाल सिंह, कुलदीप, प्रेमपाल, सुमेरा, सुमन, उर्मिला, रोहताश के नाम से प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत मकान भी बनाए गए हैं. यह आवास किसी और ने नहीं बल्कि नगर पालिका के अधिकारियों की स्वीकृति के बाद ही बनाए जा सके हैं. इसके बाद आवास अब अवैध बताए जा रहे हैं.
पीड़ितों ने बयां किया अपना दर्द
पीड़ित उर्मिला ने बताया कि हम लोग कई सालों से यहां रह रहे है. कभी किसी अधिकारी ने नहीं बताया कि ये मकान तालाब की भूमि पर बने है. अब नगरपालिका ने मकान खाली करने का नोटिस भेजा है. एक अन्य पीड़ित विजेंद्र कुमार ने बताया की यह आवासीय पट्टा 1986 में हमारे पूर्वजों को मिले थे. जहां अब पानी की टंकी है वहां हमारे पूर्वज रहते थे लेकिन फिर वहां पानी की टंकी बनाने का प्रस्ताव आ गया.
इसके बाद हम लोगों को सौ सवा सौ गज के पट्टे दे दिए गए. नगर पालिका की तरफ से यह सड़के बनवाई, पानी के लिए सरकारी नल लगवाए, बिजली लगवाई फिर नगर पालिका ने इसके बदले हमसे जलकर भी लिया और गृहकर भी लिया. अब ये हमारे घर खाली करने के लिए 15 दिनों का समय दिया है.
नगर पालिका अधिकारी बोलीं- स्पष्टीकरण मिलने के बाद होगी कार्रवाई
गढ़मुक्तेश्वर नगर पालिका की अधिशासी अधिकारी मुक्ता सिंह ने बताया कि गढ़ नगर में रेलवे लाइन के पास इंद्रा कॉलोनी में रहने वाले परिवारों को अभी आवास खाली करने के लिए नहीं कहा गया है. उनके आवासीय पट्टों व मकानों से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है. इन लोगों से स्पष्टीकरण मिलने के बाद ही अग्रिम कार्यवाही की जाएगी.
हापुड़ की डीएम प्रेरणा शर्मा ने बताया कि उन्हें इस संबंध में कई शिकायतें मिली हैं, इस मामले की जांच कराई जा रही है. साथ ही शिकायतकर्ताओं के दावे की जांच की जा रही है. प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत जमीन की रजिस्ट्री या अन्य दस्तावेजों की प्रामाणिकता की जांच हम नहीं करते हैं, हम केवल यह जांचते हैं कि क्या व्यक्ति दस्तावेज के अनुसार सही मालिक है या नहीं. डीएम ने कहा, 'जांच के बाद की कार्रवाई की जाएगी.'
गढ़मुक्तेश्वर नगर पालिका चेयरमैन ने क्या कहा?
गढ़मुक्तेश्वर नगर पालिका चेयरमैन राकेश बजरंगी ने बताया कि जो नोटिस नगर पालिका की तरफ से दिया गया है. उसको लेकर मेरी ईओ नगर पालिका से बात हुई थी. उन्होंने कहा कि नोटिस हमारी ओर से गया है किन्तु पीछे से जांच है इसलिए नोटिस भेजा गया है. जो नोटिस भेजा गया है उस पर कोई कार्यवाही नहीं होगी और न ही इनके साथ कोई अत्याचार होगा.
(विपिन शर्मा की रिपोर्ट)
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